मध्यप्रदेश में स्कूलों और कॉलेजों की शिक्षा व्यवस्था को सतत् और सुचारू रखने वाले अतिथि शिक्षकों और अतिथि विद्वानों की सेवाओं का सम्मान करते हुए उनका भविष्य सुरक्षित रखने के लिए कांग्रेस वचनबद्ध है।
अतिथि शिक्षकों और विद्वानों के भविष्य के लिए सरल और हितकारी नीति तैयार करेंगे ताकि उन्हें नियमित सेवा में स्थान मिल सके और उनकी वर्षों क��� सेवाओं के साथ न्याय सुनिश्चित हो।
कांग्रेस आएगी, खुशहाली लाएगी।
माननीय @ChouhanShivraj ज़ी आपके घोषणाओं में उच्च शिक्षा विभाग पलीता लगा लगा दिया।आप अतिथि विद्वानों को 50 हज़ार वेतन एवं नौकरी में बने रहने का वादा किए कैबिनेट से मंजूरी दिए और उच्च शिक्षा विभाग ठीक इसके उलट आदेश जारी किया।बेहद शर्मनाक।तत्काल एक्शन लीजिए @CMMadhyaPradesh ज़ी
@ChouhanShivraj हम कब से लगा रहे गुहार
हमारी तरफ देखो सरकार
तुम्हारे सत्ता की इस भूख में,
पड़ रही हमें पेट की मार
,
नियमितीकरण के आस में,
हम बैठे हुए हैं हजार
खाने को अब नहीं है घर में
बीवी बच्चे हो रहे बीमार
नियमित हमें अब कर दो जल्दी
आखिर कब तक रहें बेरोजगार.....!
@JM_Scindia आदरणीय केंद्���ीय मंत्री सिंधिया जी आपके द्वारा अतिथि विद्वानों के नियमितीकरण के लिए जो बोला गया था आज तक पूरा नहीं हुआ अतिथि विद्वान अभी भी सड़कों पर ही हैं एक बार आप अपना वीडियो अवश्य सुने
@ChouhanShivraj अतिथि विद्वानों के लिए ईट से ईट बजा देने वाले समर्थन देने वाले टाइगर जिंदा है कहने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जी चौहान जी अतिथि विद्वानों का ���विष्य कब सुरक्षित होगा कब नियमितीकरण होगा यह कैसा इंसाफ😥😥
@PMOIndia@DrMohanBhagwat
जुल्म के आगे नही झुकेंगे,
जुल्म किया तो और लड़ेंगे यह नारा आदरणीय मुख्यमंत्री जी शिवराज सिंह जी के द्वारा अतिथि विद्वानों के आंदोलन परआपके द्वारा बोलागया था आदरणीय कमलनाथ जी के��िए कि 50 साल की उम्र में अतिथिविद्वान कहां जाएंगे इनका नियमितीकरण करदो
@PMOIndia शिवराज सिंह चौहान
CM Madhya Pradesh
Dr Mohan Yadav
PMO India
VD Sharma
#justice_for_mp_atithi_vidwan
हम कब से लगा रहे ग���हार
हमारी तरफ देखो सरकार
तुम्हारे सत्ता की इस भूख में,
पड़ रही हमें पेट की मार
,
नियमितीकरण के आस में,
हम बैठे हुए हैं हजार
सत्ता के लालचियों..
समाज को नई दिशा प्रदान करने वाले अतिथि विद्वानों की ये हालात कर दी है क�� आये दिन वे काल का ग्रास बन रहे। जिम्मेदारी तो लेनी ही पड़ेगी सरकार को। असुरक्षित भविष्य प्रदान करने की, शोषण करने की, वादों से मुकरने की। ईश्वर सब देख रहा है उसके यहां देर है अंधेर नही।