@bareillypolice Apraadhiyon ki pahchan Karke BNS ki Dhara 152 ke tehat sabhi aatankwadio ko jail bhejne ka kam Karen Sabhi apraadhi Hamen jail Ke Piche chahie.
जिस बरेली में मुसलमानों को अपने घर में नमाज़ पढ़ने पर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था उसी बरेली में डीज पर अल्लाह नाम के अमर्यादित गाने बजाये जा रहे है! @bareillypolice हुड़दंग मचाने वाले गुंडो पर तुरंत कार्येवाही सुनिश्चित करे, बरैली पुलिस का दोहरा चरित्र बर्दास्त नही किया जाएगा
@73ps_@SonOfBharat7 यही हम भी आपसे कह रहे हैं कि कब तक बर्दाश्त करेंगे बर्दाश्त की एक सीमा होती हैं, किसी एक व्यक्ति तो वजह से आप पूरे समाज को गाली नहीं दे सकते, अपने गिरेबान में भी झांक कर देखो, दूध के धुले नही हो,धर्म का चश्मा उतारो और
इंसानियत की बात करो,यही देशहित मे बेहतर होगा।
@MrsDivya_ @SonOfBharat7@msrtcofficial@mieknathshinde रही बात बस कंडक्टर की तो उसको धर्म के चश्मे से मत देखिये,1 अपराधी का कोई धर्म नहीं होता और बेटियों का भी कोई धर्म नहीं होता है, बेटी सिर्फ बेटी होती है वह चाहे किसी की भी हो,बेटी के साथ अपराध करने वाले को सख्त सज़ा मिलनी चाहिए।
@MrsDivya_ @SonOfBharat7@msrtcofficial@mieknathshinde महिला हैं आप,आपको इस तरीके की बातें शोभा नहीं देती, रही बात लिंग परिवर्तन करने की तो उसे महिला का लिंग परिवर्तन कराइये जिसने शादीशुदा होते हुए भी यह कृत्य किया
@SonOfBharat7 मतलब अगर मुस्लिम ना होता,हिंदू होता तो शादीशुदा महिला के साथ संबंध बनाना सही था, तब कोई आपत्ति नहीं होती, वह महिला भी उतनी ही दोषी है जितना यह युवक, भडवो की यही पहचान होती है कि वह धर्म देखकर अपराधियों की पैरवी करते है।
@ghaziabadpolice देश को बाटने और समाज में अराजकता फैलाने वाले आतंकवादी यति नरसिहानंद और देशद्रोही को सिक्योरिटी देना @ghaziabadpolice पुलिस प्रशासन और @UPGovt सरकार की दोहरी नीति का उजागर करता है ।
@ghaziabadpolice@Uppolice समाज में नफरत फैलाने वाले और धर्म के नाम पर देश को बाटने व मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की शान में गुस्ताखी करने वाले, आतंकवादी यति नरसिंह आनंद की अभी तक गिरफ्तारी ना होना , गाजियाबाद पुलिस प्रशासन की नाकामी को दर्शाता है।
@Sudanshutrivedi@ghaziabadpolice@Uppolice@dgpup किसी को इतना हि सताओ जितना जुल्म खुद सहने की ताकत हो,ऐसा ना हो buldozer तुम्हारे पिछ... दे मे खुसेड़ दे,मुसलमान सब कुछ बर्दास्त कर सकता है लेकिन रसूल अल्लाह की बहुर्माती नही,ध्यान रखना ,बेहतर होगा इस बाबा को खुद समझा दो,हम समझाने आये तो भारी नुकशान हो जाएगा।