"तुमसे एक रुपया नहीं लेंगे...", यूं ही नही कोई खान सर बन जाता है
#KhanSir#CoachingCentre#Patna#UnquoteMedia
Khan Sir, Patna Coaching Centre Controversy, Khan Sir Vs Raushan Sir
NEETU MAM’S WARNING ON KHAN SIR 🔥
Send this man to jail and you are not defeating him. You are cutting your own future.
You are pushing your next three generations back into the same struggle.
He made education cheaper with his own money.
He is building a hospital with his own money.
And today the same Khan Sir is being turned into Faizal Khan just to manufacture a Hindu-Muslim angle.
कोर्ट ने खान सर की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है
◆ पटना जिला न्यायाधीश ने शिक्षक खान सर के खिलाफ उनके कोचिंग संस्थान में 2 जून को कथित तौर पर गोलीबारी मामले में दिया आदेश
◆ इस घटना के बाद उनके ख़िलाफ़ पुलिस में FIR दर्ज़ की गई थी
#KhanSir | Faisal Khan | Khan Sir
#ब्रेकिंग
पटना अदालत ने फायरिंग मामले में खान सर की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है।
लेकिन असली खबर सिर्फ़ यह नहीं है।
कल तक जिन्हें कुछ चैनल और पोर्टल "फैज़ल खान" कहकर पेश कर रहे थे, आज अदालत से राहत मिलते ही वही लोग फिर "खान सर" लिखने लगे हैं।
व्यक्ति वही है, नाम वही है, लेकिन मीडिया का रवैया बदल गया।
शायद इसी को चुनिंदा नैरेटिव और दोहरे मापदंड कहते हैं।
कल तक जिन्हें कुछ लोग "भगोड़ा", "अपराधी" और न जाने क्या-क्या बता रहे थे, आज उसी मामले में अदालत ने अगली सुनवाई तक गिरफ्तारी और किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है।
बचाव पक्ष का कहना है कि खान सर का इस कथित घटना में कोई प्रत्यक्ष आपराधिक कृत्य नहीं है और उन्हें गलत तरीके से आरोपी बनाया गया है। अदालत ने सभी तथ्यों को देखते हुए फिलहाल राहत प्रदान की है।
यही कारण है कि किसी भी व्यक्ति को अदालत के फैसले से पहले दोषी घोषित करना न्याय के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।
शायद इसलिए कहा जाता है कि अदालत सबूतों से चलती है, भावनाओं, अफवाहों और मीडिया ट्रायल से नहीं।
आरोप लगाना आसान है, लेकिन सत्य और असत्य का फैसला न्यायालय ही करता है।
#KhanSir #Justice
लोकगायिका नेहा सिंह राठौर ने कहा है कि "ख़ान सर ने जनता को सस्ती शिक्षा और सस्ता इलाज देकर वो काम कर दिखाया जो सरकार नहीं कर पायी, ज़ाहिर है सरकार को उनसे दिक्कत होनी ही थी."
#NehaSinghRathore#KhanSir
कुछ लोग व्यूज़ और एजेंडा के लिए मेरे बयान को काटकर झूठ फैला रहे हैं। किसी के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश करना आसान है, लेकिन सच को समझना ज़रूरी है।
जो व्यक्ति, पेज, चैनल या संगठन इस प्रकार की भ्रामक एवं मानहानिकारक सामग्री प्रसारित कर रहे हैं, उनसे अपेक्षा है कि वे तत्काल ऐसे वीडियो/पोस्ट हटाएँ और तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट करें।
अन्यथा मेरे पास उपलब्ध सभी कानूनी विकल्पों का उपयोग करने के लिए मैं बाध्य होऊँगी। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर झूठी और मानहानिकारक जानकारी फैलाने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती।