महान देशभक्त, देश के पहले राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य, 'मसावात (बराबरी)' पत्रिका के संपादक, राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में पिछड़ों की हिस्सेदारी के लिए संघर्ष करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अब्दुल कय्यूम अंसारी जी की जयंती पर उन्हें शत्-शत् नमन व विनम्र आदरांजलि।
भारत-पाकिस्तान युद्ध में असाधारण बहादुरी का प्रदर्शन करते हुए वीरगति को प्राप्त करने वाले परमवीर चक्र से सम्मानित वीर शहीद अब्दुल हमीद जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन एवँ विनम्र आदरांजलि।
इन त्रासदियों को अभी न जाने कितनी सदियों तक सहना है हौंसला रखिए,
वे तुम्हें जीने नहीं देंगे, हम तुम्हें मरने नहीं देंगे!
अपनी कविताओं के माध्यम से भारतीय सामाजिक व्यवस्था में सबसे निचले पायदान पर खड़ी जातियों की पीड़ा, दुर्दशा और उत्पीड़न पर निर्भीकता से सवाल उठाने वाले महान लेखक ओम प्रकाश वाल्मीकि जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन एवँ विनम्र आदरांजलि।
1857 के स्वतंत्रता संग्राम में अदम्य साहस का परिचय देते हुए 36 अंग्रेजी सैनिकों को मौत के घाट उतारने कर वाली वीरांगना माता उदा देवी पासी जी की जयंती पर उन्हें शत्-शत् नमन एवँ विनम्र आदरांजलि।
उत्तर प्रदेश के हरदोई जनपद के बिलग्राम थाना क्षेत्र में 12 वर्षीय दलित नाबालिग बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना बेहद शर्मनाक, अमानवीय और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली है।
पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि बच्ची 22 जून से लापता थी, लेकिन सूचना देने के बावजूद पुलिस ने उसी दिन शिकायत दर्ज नहीं की और अगले दिन एफआईआर दर्ज की। 28 जून को बच्ची के मिलने के बाद, परिजनों के अनुसार, उसे अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था। इसके बावजूद यदि उसका समय पर चिकित्सीय उपचार और मेडिकल परीक्षण नहीं कराया गया तथा महिला पुलिसकर्मियों द्वारा उसे डराने-धमकाने की भी शिकायत है। ये आरोप अत्यंत गंभीर हैं और इनकी निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
परिजनों का यह भी आरोप है कि मामले में प्रारंभिक स्तर पर POCSO अधिनियम और SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधान भी लागू नहीं किए गए।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, आखिर बेटियों को समय पर न्याय और संवेदनशील पुलिस व्यवस्था कब मिलेगी?
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि पीड़िता को तत्काल सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए, मामले की निष्पक्ष, समयबद्ध और प्रभावी जांच कर सभी आवश्यक कानूनी प्रावधानों, जिनमें POCSO अधिनियम और SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम की लागू होने वाली धाराएं भी शामिल हैं, के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पुलिस कर्मियों द्वारा लापरवाही, संवेदनहीनता या अनुचित व्यवहार पर सख्त विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए। पीड़िता और उसके परिवार को शीघ्र न्याय मिले।
भीम आर्मी–आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) की हरदोई टीम शुरुआत से ही पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रही है।
@CMOfficeUP
माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष, @BhimArmyChief एवं नगीना से लोकप्रिय सांसद भाई चन्द्रशेखर आज़ाद जी की उपस्थिति में उत्तर प्रदेश कैडर के 1993 बैच के सेवानिवृत्त भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी श्रद्धेय प्रेम प्रकाश जी (पूर्व अपर पुलिस महानिदेशक) ने आज आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) की सदस्यता ग्रहण की।
आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) परिवार में आपका हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन हैं।
कबीरा कुंआ एक हैं पानी भरैं अनेक।
बर्तन में ही भेद है, पानी सबमें एक।।
समाज में व्याप्त कुरीतियों एवं भेदभाव के विरुद्ध जन-जागृति पैदा करने वाले महान समाज सुधारक, भक्ति आंदोलन के प्रवर्तक, महान कवि "संत कबीर दास" जी के प्रकाश पर्व पर उन्हें कोटि-कोटि नमन एवं आप सभी को हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाए।
जब पुलिस थाने से ही हथियार गायब होने लगें और उनके अपराधियों तक पहुंचने की आशंका हो, तो कानून-व्यवस्था पर जनता का भरोसा कैसे कायम रहेगा?
फरीदाबाद का मामला सिर्फ एक चोरी नहीं, बल्कि व्यवस्था की विश्वसनीयता की परीक्षा है। दोषियों को बेनकाब कर हर हथियार की बरामदगी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
भाजपा राज में चोरी के नए-नए कीर्तिमान स्थापित हो रहे हैं।
हज़रत इमाम हुसैन की शहादत का पैगाम यह है कि हर स्थिति में हक़ और इंसाफ के लिए खड़ा होना है, चाहे इसकी कोई भी क़ीमत चुकानी पड़े, ईमान का तकाज़ा यही है, मज़लूमों की एकता कायम करना और ज़ालिम के आगे सर नही झुकाना।
आइए! हज़रत इमाम हुसैन की शहादत से प्रेरणा लेते हुए हम सभी हक़ और इंसाफ की राह में डटे रहे और अपने देश की रक्षा व शोषित वंचित मज़लूम समाज की आवाज़ बुलंद करें।
#TheMessageOfKarbala
सामाजिक क्रांति के योद्धा, आरक्षण के जनक, छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज, कोल्हापुर के शासक बहुजन कुल के गौरव छत्रपति शाहूजी महाराज जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन एवं विनम्र आदरांजलि।
पटना उच्च न्यायालय में हाल ही में सात नए जजों की नियुक्ति और उनमें सामाजिक प्रतिनिधित्व के पूर्ण अभाव ने एक बार फिर न्यायपालिका में व्याप्त संरचनात्मक असमानता को उजागर कर दिया है। यह अत्यंत गंभीर विषय है कि बहुजन समाज (अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति, ओबीसी और धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों) से योग्य एवं अनुभवी अधिवक्ता उपलब्ध होने के बावजूद नियुक्तियों में उनकी भागीदारी नहीं है।
पटना उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय के कॉलेजियम में तथाकथित सवर्ण वर्चस्ववादी तंत्र पर उठ रहे सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। न्यायपालिका यदि समाज की विविधता का प्रतिनिधित्व नहीं करेगी, तो सामाजिक न्याय और संवैधानिक समानता के दावे कमजोर पड़ जाएंगे।
कॉलेजियम व्यवस्था को लेकर लंबे समय से पारदर्शिता, जवाबदेही और सामाजिक बहिष्करण के आरोप लगते रहे हैं। इसलिए न्यायिक नियुक्तियों की प्रक्रिया की समीक्षा कर एक ऐसी पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था लागू की जानी चाहिए, जिसमें समाज के सभी वर्गों को न्यायपूर्ण अवसर मिले।
हम @mygovindia से मांग करते हैं कि ऑल इंडिया ज्यूडिशियल सर्विस कमीशन का गठन कर न्यायिक नियुक्तियों में सामाजिक प्रतिनिधित्व, पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित किए जाएं। देश का संविधान 140 करोड़ भारतीयों का है, इसलिए न्यायपालिका में भी भारत की सामाजिक विविधता का प्रतिबिंब दिखाई देना चाहिए।
जनपद गौतम बुद्ध नगर के GIMS अस्पताल में कार्यरत लगभग 450 आउटसोर्स कर्मचारी, जिनमें डॉक्टर, नर्स, नर्सिंग स्टाफ, वार्ड बॉय, सफाई कर्मी एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं, पिछले दस दिनों से अपने रोजगार की सुरक्षा, सेवाओं के सम्मानजनक समायोजन और दीर्घकालीन अनुभव को उचित मान्यता दिए जाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। इनमें से अनेक कर्मचारी पिछले 10 से 13 वर्षों से संस्थान की सेवा कर रहे हैं तथा कोविड महामारी के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों की सेवा और स्वास्थ्य व्यवस्था को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। ऐसे कर्मचारियों को धमकाए जाने की खबरें बेहद चिंताजनक हैं।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, क्या यही उन स्वास्थ्यकर्मियों का सम्मान है जिन्होंने कोविड महामारी के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर प्रदेशवासियों की सेवा की थी? जिन कर्मचारियों ने अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष संस्थान को दिए, उनमें से कई आज आयु सीमा पार कर चुके हैं और अपने भविष्य को लेकर असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। क्या उनकी सेवाओं, अनुभव और योगदान को इस तरह नजरअंदाज किया जाना न्यायसंगत है?
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि कर्मचारियों के साथ किसी भी प्रकार की धमकी, उत्पीड़न या दमनात्मक कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा उनकी सेवाओं, अनुभव और रोजगार सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए न्यायसंगत एवं मानवीय समाधान निकाला जाए।
"पश्चिम का दल्ला है भाटी जो ब्राह्मणों पर बोलता है। अगर फैजाबाद की तरफ दिख गया तो बताएंगे ब्राह्मण क्या होता है। उनको उनकी औकात दिखाएंगे"
ये हैं जितेंद्र सिंह उर्फ बब्लू, कल ही बहुजन समाज पार्टी की सदस्यता ली है। बसपा के मंच से एक बहुजन विचारक को खुलेआम चेतावनी दे रहे हैं और औकात दिखाने की बात कर रहे हैं
"इस प्रकार के कट्टरपंथी ब्राह्मण बसपा के मंच पर हैं तो कैसे उस मंच पर बहुजन समाज के हितों की बात हो सकती है, अंदाजा लगाया जा सकता है"
मेरा भी राजकुमार भाटी से विरोध सिर्फ राजनीतिक है, वैचारिक नहीं..!!
लखनऊ के अलीगंज में एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग में 13 छात्रों की दर्दनाक मृत्यु का समाचार अत्यंत दुःखद, हृदयविदारक और झकझोर देने वाला है।
शिक्षा और बेहतर भविष्य के सपने लेकर आए इन छात्रों का इस तरह असमय दुनिया से चले जाना पूरे समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। इस हादसे में जान गंवाने वाले सभी छात्रों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं तथा उनके शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करते हैं। प्रकृति उन्हें इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।
साथ ही, इस घटना की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जाँच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए तथा सभी शिक्षण संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाना चाहिए।
@UPGovt को मृतक छात्रों के परिजनों को पर्याप्त मुआवजा एवं आर्थिक सहायता प्रदान करनी चाहिए तथा घायलों के समुचित और निःशुल्क उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। साथ ही, पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए ताकि इस कठिन समय में उन्हें राहत मिल सके।
भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के लखनऊ के कार्यकर्ता पीड़ित परिवारों एवं घायलों की हर सम्भव सहायता करें।
RE-NEET(UG)-2026 परीक्षा में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों को मंगलकामनाएँ। हमें विश्वास है कि आप अपनी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के बल पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे। आपके उज्ज्वल भविष्य एवं सफलता के लिए मेरी मंगलकामनाएँ।
साथ ही, परीक्षा के आयोजन से जुड़े सभी आयोजकों को भी मंगलकामनाएँ कि वे परीक्षा का निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सफलतापूर्वक संचालन सुनिश्चित करें।