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प्रशासन से लंबी वार्ता के बाद बाहर आकर दोगुने उत्साह के साथ नारे लगाते हुए रवींद्र सिंह भाटी और उनके समर्थक कह रहे हैं –
“हर जोर-जुल्म की टक्कर में संघर्ष हमारा नारा है।”
बाड़मेर में गिरल लिग्नाइट माइंस के मजदूरों का 38 दिन से धरना प्रदर्शन जारी है। शिव विधायक श्री @RavindraBhati__ भी 15 दिन से इन मजदूरों के साथ बैठे हैं परन्तु न तो सरकार ने कोई वार्ता की और न ही प्रशासन ने ध्यान दिया। इस उदासीनता के कारण वे मजदूरों के साथ कलेक्ट्रेट कूच करने एवं अपने ऊपर पेट्रोल उड़ेलने तक को मजबूर हुए।
भाजपा के शासन में एक विधायक को अपनी मांगों पर ध्यानाकर्षण के लिए ऐसा कदम उठाना पड़ रहा है तो आम आदमी की स्थिति की कल्पना की जा सकती है। राज्य सरकार को अविलंब इनकी मांगों पर ध्यान देकर सकारात्मक हल निकालना चाहिए।
बाड़मेर में कलेक्ट्रेट कूच के दौरान बड़ा हंगामा, विधायक भाटी ने खुद पर पेट्रोल छिड़का, मचा हड़कंप
बाड़मेर के गिरल गांव में चल रहे खनन विवाद को लेकर कलेक्ट्रेट कूच के दौरान बड़ा बवाल हुआ. शिव विधायक रविंद्रसिंह भाटी ने कथित तौर पर खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया, जिससे पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया. ग्रामीण रोजगार और जमीन विवाद को लेकर पिछले कई दिनों से धरना प्रदर्शन चल रहा है.
पूरी ख़बर- https://t.co/44wmVijRrn
#Barmer #Rajasthan #RavindraSinghBhati #MiningDispute #CollectorateMarch #Protest #ATCard #AajtakSocial
MLA Ravindra Singh Bhati ने खुद को आग लगाने की कोशिश की. वे बाड़मेर में ग्रिल माइन से श्रमिकों निकाले जाने का विरोध कर रहे थे.
40 दिनों से मज़दूर धरने पर थे. निर्दलीय MLA Ravindra Singh Bhati भी पिछले 15 दिनों से मज़दूरों के साथ बैठे थे. मांग ना मांगे जाने से नाराज भाटी ने पेट्रोल डालकर की आत्मदाह की कोशिश की.
देखिए वीडियो -
कल रविंद्र सिंह भाटी के बाड़मेर जिला मुख्यालय के घेराव में एक बड़ा दिलचस्प मंजर देखने को मिला।
जनसैलाब के दरिया में एक नन्हा-सा बालक कोई तेरह चौदह बरस की उम्र का
पूरे जोश और जुनून से #भाटी_भाटी के नारे लगा रहा था।
उसकी मासूम आवाज़ में अजीब-सी तपिश थी
#भाटी_तुम_संघर्ष_करो_हम_तुम्हारे_साथ_हैं
और हैरत की बात यह थी कि वह बालक खुद भीड़ से ऊर्जा नहीं ले रहा था बल्कि भीड़ के अंदर नई ऊर्जा भर रहा था।
युवा वर्ग तो पहले से ही भाटी के नाम पर सीना तान कर खड़े हैं और बुज़ुर्गों का आशीर्वाद भी भाटी के साथ हैं मगर अब बच्चों की आँखों में भी वही चमक दिखाई देने लगी है।
यह कोई साधारण बात नहीं हैं यह संकेत है कि रविंद्र सिंह भाटी की आइडियोलॉजी अब चौपालों से निकलकर गाँव की गलियों, शहर की सड़कों और मासूम दिलों तक पहुँच चुकी है।
सियासत में अक्सर भीड़ जुट जाती है मगर दीवानगी हर किसी के हिस्से नहीं आती। ऐसी मोहब्बत, ऐसा जुनून तो या तो किसी फ़िल्मी सितारे के लिए देखा जाता है या फिर किसी मैदान-ए-जंग के विजेता खिलाड़ी के लिए
मगर यहाँ एक तीस बरस का एक युवा नेता हैं
जिसके हिस्से सत्ता के सुख कम, संघर्षों की धूप ज़्यादा आई। जिसने हर मोड़ पर विरोध के पत्थर सहे मगर हौसलों की मशाल बुझने नहीं दी।
वक़्त ने उसे कई बार गिराने की कोशिश की मगर हर बार वह और अधिक बुलंद इरादों के साथ उठ खड़ा हुआ।
उसकी सियासत कुर्सियों की ख़ातिर नहीं लगती बल्कि किसी इंक़लाब की दस्तक सी प्रतीत होती है।
शायद यही वजह है कि आज मरुधरा की हवाओं में भी एक नाम गूंज रहा है
रविंद्र सिंह भाटी..!! ♥️✊
और जब किसी नेता के समर्थन में बच्चे तक नारे लगाने लगें तो समझ लेना चाहिए कि वह केवल व्यक्ति नहीं रहा बल्कि एक विचार, एक जुनून, एक उम्मीद बन चुका है।
सतीश विश्नोई ✍️
@RavindraBhati__@Vikram_sajiyali@inda_sahab
@rughnath_29
@KepiBhati2@Indomitable47@Adv_RPSingh04@Ranveer11370786
बहन निरमा बिश्नोई ने सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा आख़िर सरकार इतनी सवेंदनहीन कैसे हो सकती हैं
एक जन प्रतिनिधि को अपने ऊपर पेंट्रोल डालना पड़ रहा है इससे ज़्यादा दुर्भाग्य क्या होगा !
विधायक ख़ुद पर मजबूर होकर पेंट्रोल डाल रहा है तो आम जनता का क्या हाल होगा !
#मजदूर_आन्दोलन_जनसभा
सुरक्षा हटाए जाने के बाद विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने अपने इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी साझा की, जिसमें नीचे ‘Z+’ लिखा था।
संभवतः उनका यह संदेश था कि उनकी असली ‘Z+’ सुरक्षा यही साफा पहने हुए लोग हैं।