GCs को अब इस पूरे खेल को समझने की जरूरत है।
कल तक GC के मुद्दों पर चुप रहने वाले ये BJP समर्थक अचानक आंदोलन को “सही दिशा” दिखाने, GC और Reservation Reform के सबसे बड़े शुभचिंतक बन गए हैं। और हमें लोकतंत्र समझाने आ गए हैं।
क्यों? क्योंकि UP चुनाव सिर पर हैं और इन्हें डर है कि कहीं GC का गुस्सा BJP को नुकसान न पहुँचा दे।
हमें यह भी देखना होगा कि यह लोग वास्तव में किसके साथ खड़े हैं।
जिस Harsh Dubey को आज इनकी सरकार के द्वारा GC movement का चेहरा बताने की कोशिश हो रही है, वह GC का असली चेहरा था ही कब? GC cause से उसका क्या लेना-देना रह�� है?
और BJP नेताओं से इसकी मुलाकात के बाद JP Nadda के ट्वीट में GC या Reservation Movement का नाम तक नहीं था, अगर सचमें उनको हमारे cause से कुछ लेना-देना होता, तो यह तो बताते ना कि हर्ष से मुलाकात किसलिए किए है।
और दिलचस्प बात यह है कि Harsh Dubey जिस मांग को लेकर सामने आया, उसमें private sector में reservation के रास्ते खोलने की बात भी शामिल है।
तो GC थोड़ा सावधान रहे।
अगर कोई व्यक्ति BJP नेतृत्व से मिलने के बाद हमारे मुद्दे को आगे बढ़ाने के बजाय ऐसी मांग लेकर आता है जो आगे चलकर reservation को private sector तक ले जाने का रास्ता खोल सकती है, तो कम से कम उसके राजनीतिक alignment और intentions पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
यह आंदोलन किसी BJP नेता, उसके समर्थक या चुनावी रणनीति का मोहरा नहीं है।
UP चुनाव तक GC को बहलाने-फुसलाने की कोशिश हो सकती है। चुनाव खत्म होते ही अगर यही लोग फिर गायब ना हो जाएँ, तो मुझे बताना।
GC को अब किसी पार्टी के चुनावी नुकसान-फायदे से नहीं, अपने मुद्दे और अपने long-term interests से मतलब रखना चाहिए।
-Manusmriti is not the basis of reservation
-Lothian committee report (1932) said untouchability was based on profession & fast disappearing
-Maximum caste discrimination cases are happening within reserved categories, then why penalize GC?
Me on TimesNow with @roypranesh
अभी का आंदोलन GC के survival के लिए है, इसको हमने शुरू किया है!
हमारी बात सुने बिना आंदोलन ना खत्म होगा, ना लोग चुप होंगे!
आंदोलन किसी चेहरे का नहीं, मांगों का है!
और GC को पूरा हक है आरक्षण में वर्गीकरण, आरक्षित वर्गों में जातिवाद और क्रीमी लेयर वगैरह की बात करने का!
क्योंकि आरक्षण में सुधार नहीं होता है और सारा बोझ GC पर फेंका जाता है!
जब कुछ जातियाँ आबादी स��� अधिक प्रतिनिधित्व ले चुकीं हैं, तो किस मुंह से तुम आरक्षण बढ़ा रहे हो, उ��को बाहर क्यों नहीं निकालते?
तो GC क्यों नहीं बोलेंगे?
जब आरक्षित वर्ग के लोग सबसे ज़्यादा जातिवाद करते हैं तो किस मुंह से जातिवाद की कहानियां सुना कर GC को guilt trip में डालते हो? तो GC इस hypocrisy पर क्यों न बोले?
अमीर लोग आरक्षण लें, और फ़ोटो तुम सीवर साफ करने वाले की दिखाओ! और GC को नीचा दिखाओ कि वो सामाजिक न्याय के खिलाफ हैं!
तो GC क्यों नहीं इस ड्रामेबाजी पर बोलें?
तो आरक्षण में सुधार लाओ, अपनी कमियां हमपर थ��पना बंद करो!
और हमको पूरा हक है कि हम सबकी बात उठायें! और जिनको भी आरक्षण सुधार चाहिए, उनका पूरा स्वागत है! लेकिन आंदोलन शुरू जिन्होंने किया है उनकी बात ज़रूर सुनी जाएगी, बिना उसके आंदोलन खत्म नहीं होने वाला🙏
प्रतापगढ़ के संतोष मिश्रा जी की मदद के लिए जो भी लोग आगे आए हैं, उन सभी का हृदय से आभार।
ताज़ा अपडेट: गुजरात की Volta Transformers कंपनी संतोष मिश्रा जी की सहायता के लिए आगे आई है और उनका घर बनवाने की जिम्मेदारी अपने हाथ में ली है।
इस सर���हनीय पहल के लिए कंपनी का विशेष धन्यवाद। साथ ही उन पत्रकारों का भी आभार, जिन्होंने संतोष मिश्रा जी की कहानी को लोगों तक पहुँचाया, और सोशल मीडिया पर संवेदनशीलता के साथ उनकी आवाज़ उठाने वाले सभी लोगों का भी बहुत-बहुत धन्यवाद।
आप सभी के प्रयासों ने मिलकर एक जरूरतमंद परिवार के जीवन में उम्मीद की नई किरण जगाई है।
One of demands of Harsh Dubey👇
-Asking for economic reservation in private universities.
This is what happens when someone with no clue about reservation, becomes a self appointed leader!!!
We absolutely reject this idiotic demand.
By planting your own people inside a movement and then making them draft demands that suit your convenience, you don’t call that a "solution", duffer.
That's called manipulation.
🚨हर फ़र्ज़ी SC/ST एक्ट से पीड़ित व���यक्ति को एक सरकारी नौकरी पुलिस में दी जाएगी🚨
25 लाख का मुवावजा दिया जाएगा
15 दिन में ही जाँच और कानूनी कार्यवाई पूर�� करेंगे
फ़र्ज़ी केस करने वालों से 50 लाख की वसूली करेंगे और 12 वर्ष की जेल होगी बिना सुनवाई के
ये इंडियन नेशनलिस्ट पार्टी का वादा है
“हम ठाकुर हैं और आज भिखारी हैं, राजवाड़ों से आए भिखारी हैं। राजस्थान के करौली में ठाकुर जादौन हमारे राजा थे, हमारी रानी माता थीं, हमारे ठाकुर जागीरदार थे।
कभी हमारे पास राज था, आजादी और जागीरदारी उन्मूलन के बाद हमारी हालत क्या हो गई? आज हम ऑटो चला रहे हैं, आखिर इसका कारण क्या है? आरक्षण तो हम मांग नहीं रहे हैं।
और आज अमित शाह जी और मोदी जी कहते हैं कि वो पिछड़े वर्ग से आए हैं।
लेकिन ठाकुरों को, सवर्ण समाज को कभी प्रदर्शन तक नहीं करने दिया जाता। आखिर क्यों?”
Harsh Dubey has just released a letter of demands he shared with govt.
Ab aap Chronology samajhiye:
25 Aug- RHA Reforms press conference in Delhi
26 Aug- Demands go viral everywhere
27 Aug- Govt copied our demands in letter thinking anger will go down
My message to govt- come & talk to us directly. Else the movement won't stop!
Harsh Dubey has nothing to do with RHA.
Neither he understands reservation.
Stop this drama.
This is not called Positive step.
This is called Deception!!
आदरणीय @JPNadda जी, ये है आपका 'सौहार्दपूर्ण' वातावरण? बालक कुछ बोलना चाह रहा है और आपने उसे किडनैप करके कमरे में बंद कर दिया!
नड्डा जी भी जानते हैं कि ब्रो जितना बोलेगा, उतना अपने धागे खोलेगा।
ये हर्ष दुबे होता कौन है ?
ये आंदोलन हर्ष दुबे का नहीं था, ये आंदोलन सवर्ण आर्मी चीफ सर्वेश पाण्डेय, महिपाल सिंह मकराना, वीरू सिंह, अजीत भारती, ठाकुर शिवम् सिंह, पंकज धरवैया, एडवोकेट अनिल मिश्रा, अलंकार अग्निहोत्री, स्वामी आनंद स्वरूप, जैसे तमाम सामान्य वर्ग के लोगों का था,
सरकार को अगर कोई वार्ता करनी है तो
न्यूनतम 11 लोगों को इस मीटिंग्स में शामिल किया जाना चाहिए, अन्यथा ये वार्ता हम कतई स्वीकार नहीं करने वाले है,