कुत्तों के लिए रखी गई रोटियां एक बुजुर्ग महिला ने उठा कर खा ली....और जैसे उसने कोई बड़ा अपराध कर दिया हो
भूख से मजबूर उस गरीब महिला ने बस इतनी गलती की रोटियां को उठाकर उसने अपनी भूख को शांत कर लिया लेकिन रोटी रखने वाले का उसके साथ किया गया व्यवहार भी देखिए
क्या दो रोटियां के लिए किसी मजबूर इंसान को इतना परेशान करना ठीक है क्या इंसानियत जैसी कोई चीज नहीं होती इस दुनिया में
रोटियां जानवरों के लिए रखी गई थी लेकिन सामने एक इंसान की भूख भी तो थी गलती हुई तो समझाया भी जा सकता था
लेकिन किसी गरीब मजबूर ऐसा है का फायदा उठाना और उसको परेशान करना कहां तक इंसानियत है रोटी से बड़ी होती है इंसान की इज्जत