गत 10 जून को भी जुम्मे की नमाज़ के बाद राँची मेन रोड हनुमान जी मंदिर पर हमला रोकने के लिए पुलिस को गोली चलानी पड़ी थी, राँची के सीनियर एसपी हटा दिए गए.आजतक उन्हें पोस्टिंग नहीं मिली.पुलिस मुख्यालय में हाज़िरी दे रहे हैं.सरकार ने मंदिर की सुरक्षा का प्रबंध नहीं किया.
1000 करोड़ रूपये की लूट सत्ता के संरक्षण में किये जाने की बात उजागर हुई है।
क्या मुख्यमंत्री जी, आप अब भी यही कहेंगे कि आपके कमाऊ चेलों के साथ आपका नाम नहीं घसीटा जाय?
या चुप्पी तोड़कर अपना जुर्म स्वीकार करते हुए थोड़ा प्रायश्चित करेंगे? 2/2
मैं ने डेढ़ साल पहले से आगाह किया था कि साहिबगंज में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी के संरक्षण में पत्थर-बालू की बड़े पैमाने पर चोरी हो रही है। मुझे क़रीब 200 करोड़ के लूट की आशंका थी, लेकिन मुख्यमंत्री के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा, प्रेम प्रकाश पर #ED की चार्जशीट में 1/2
5. सरकार ने बिना किसी पूर्व न्यायिक निर्णयों की समीक्षा किए हड़बड़ी में यह प्रस्ताव पारित कर दिया, न ही पूराने अनुभव
से कुछ सबक ली न ही लोगों के हित की रक्षा कैसे हो इसपर कोई चिंता की।
लगता है सिर्फ़ राजनैतिक लाभ की लालसा में सरकार ने हड़बड़ी में यह निर्णय लिया है।
#1932खतियान
4. इसी 14 सितंबर को हेमंत सोरेन जी ने 1932 आधारित एक प्रस्ताव पारित कर दिया, जबकि खुद पिछले मार्च महीने में उन्होंने सदन में स्वीकार किया था कि अगर वो 1932 का प्रस्ताव लाते हैं तो कोर्ट इसे निरस्त करेगा और वह किसी भी हालत में नहीं टिकेगा।
#1932खतियान#झारखंड