योगी आदित्यनाथ के खिलाफ़ FIR दर्ज करवाने वाले परवेज़ परवाज़ साहब का गोरखपुर की जेल में निधन हो गया है, मैं परवेज़ साहब को ताउम्र याद रखूंगा क्योंकि उन्होंने उस लड़ाई को लड़ा जो इस दौर में लड़ना मुश्किल था।
अल्लाह परवेज़ साहब को जन्नत में आला मक़ाम दें।
बीजेपी सरकार #जंतर_मंतर को श्रीनगर का #लाल_चौक बनाना चाहती है, ये कैसे संभव है कि देश के लोग भारत मे तिरंगा नहीं फहरा सकते?
अगर तिरंगा फैराने पर जेल भेजा जायेगा तो, समझिये ये कौन से लोग है...
@INCIndia पार्टी ने देश कि आज़ादी लड़ाई हाथो मे तिरंगा लेकर लड़ी है...
#कांग्रेस_पार्टी अंग्रेज़ों से नहीं दरी तो इनसे क्या डरेगी...
अपनी आवाज़ बुलंद कीजिए, अपने सवाल ज़िंदा रखिए!
- आवाज़ उठाइए उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए।
- आवाज़ उठाइए अग्निवीर योजना को रद्द करने के लिए।
- आवाज़ उठाइए उत्तराखंड से पलायन रोकने के लिए।
- आवाज़ उठाइए महंगाई से राहत पाने के लिए।
क्योंकि लोकतंत्र में जनता की आवाज़ ही सबसे बड़ी ताकत है और जनता के मुद्दे ही राजनीति की प्राथमिकता होने चाहिए।
उत्तराखंड के हक़, सम्मान और भविष्य की लड़ाई जारी रहनी चाहिए।
#JusticeForAnkitaBhandari
अमित शाह गलतफ़हमी में हैं कि 2029 में भी वोट चोरी करके वो जीत जाएँगे... वो समझ लें कि उनकी वोट चोरी अब पकड़ी गई है और अब जनता भी उन्हें सबक सिखाने के लिए सड़कों पर है!
: IYC अध्यक्ष @UdayBhanuIYC जी
दिल्ली पहुँचने का ख़्वाब पालनेवाले, अब तो लखनऊ से भी जा रहे हैं लेकिन चलाचली की इस बेला में उनकी ‘वनस्पति’ के सेवन के साधन दिल्ली पुलिस की वैन में मिल रहे हैं। जनता कह रही है कि ये सब इंतज़ाम किसी ख़ास बात की ओर इशारा कर रहा है क्या?
शराब से बचने की सलाह देनेवाले, ये क्यों नहीं कहते हैं कि ‘नशे’ से दूर रहो।
विशेष: ये ‘गांजागंज’ की शूटिंग नहीं चल रही है, रियल वीडियो है, AI Generated भी नहीं है।
“INDIA First - Rahul - Priyanka - Congress Always.”
लोकतंत्र की हमारी लड़ाई ‘इकट्ठा’ लड़ाई है. इंडिया गठबंधन की सम्मिलित ताक़त से इसे हम जीतेंगे.
#GyaneshMustResign
बजाय इसके कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार दोनों चुनाव आयुक्तों के साथ मिलकर @IndianExpress के खुलासों का जवाब देने के लिए एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस करें, पूरी दिल्ली को लगभग 23000 CAPF जवानों, लगभग 20000 दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फ़ोर्स की 7 कंपनियों को लामबंद करके छावनी में तब्दील किया जा रहा है !!
प्रेस कॉन्फ़्रेंस का कुल ख़र्च 20 हज़ार रुपये भी न होता, लेकिन प. बंगाल, छत्तीसगढ़ और जम्मू से भी सशस्त्र बलों को ट्रांसपोर्ट करने और अपने देश के ही आम लोगों के ख़िलाफ़ तैनात करने में टैक्सपेयर्स के हज़ारों करोड़ रुपये तो बर्बाद हो ही रहे हैं, विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में सांप्रदायिक गुंडों को सत्ता संरक्षण देकर सबसे बड़ी और ख़ूनी इमरजेंसी का खेल खलने को मोदी सरकार तत्पर दिख रही है!
ऐसा भी क्या राज़ है कि एक बेईमान चुनाव आयुक्त को बचाने के लिये पूरे देश की अखंडता और लोकतंत्र को दाँव पर लगाया जा रहा है?
है कोई JUSTIFICATION?
#होश_में_आओ_पीएमनरेंद्रमोदी