यह भी खूब है। डेढ़ साल बाद भी पता नहीं कर पाए? जबकि ज्यादातर कांग्रेसी भी जानते हैं कि लाड़ली बहना के सहारे @BJP4MP ने पटखनी दी थी। @OfficeOfKNath अपने प्रदेश अध्यक्ष @jitupatwari से ही पूछ लें तो पता चल सकता है।
ये जनता की सेवा के लिए बनाई गई सरकारी एजेंसी हैं। काम कर रहीं परचूनिया जैसा।
वैसे ये स्मार्ट सिटी नामक बिगड़ैल प्रोजेक्ट को अब बड़े तालाब में विसर्जित कर देना चाहिए। बीते दस साल में इनके दफ्तर को छोड़ कुछ भी स्मार्ट नहीं हुआ।
तो क्या भैंस नहलाने इतना बड़ा और गहरा गड्ढा खोद डाला गया। नगर निगम भोपाल के सिटी प्लानर का अद्भुत तर्क- "अवैध निर्माण होता तो तोड़ देते, लेकिन उसने गड्ढा खोदा है।"
तस्वीर देखिए। कैप्शन पढ़िए। ठंडी सांस लेकर आराम से पढ़िए कि तस्वीर की कहानी क्या है और संदेश क्या? “यकीन मानिए आपको जिंदगी से लगाव हो जाएगा” @mukatipankaj की यह लाइनें याद रख लें तो इस माँ जैसी गलती करना लोग भूल जाएंगे।
ये भी ठीक है..। आध्यात्मिक गुरू भी स्कूलों की तरह रजिस्ट्रेशन कर दीक्षा दे रहे।
तस्माद् गुरुं प्रपद्येत जिज्ञासु: श्रेय उत्तमम् ।
शाब्दे परे च निष्णातं ब्रह्मण्युपशमाश्रयम् ॥ भागवत ११.३.२१
बढ़िया है!!
जंगल नहीं बचाएंगे, फेंसिंग करेंगे नहीं और ऐसे अजूबे करेंगे जंगलात महकमे के अफसर। किराए से अच्छा है खरीद ही लें हेलीकाप्टर। हर फसल हिरण आएंगे और हर बार पकड़ने पड़ेंगे। परिवार भ्रमण के लिए भी उपयोगी होगा।
ये भोपाल है, लोगों को सुरक्षित रखने के दायित्व वाली पुलिस की गाड़ी खुद नगर निगम की कृपा से सड़क किनारे खुदे गड्ढे में। धन्य है @BMCBhopal। वीडियो देखने से ज्यादा रोचक घटना का वर्णन सुनना है।
विश्वास हो या न हो। यह मध्यप्रदेश के सबसे बड़े तालाब और रामसर साइट को भरने वाली कुलांस नदी है। उद्गम से करीब डेढ़ किमी दूर यह हाल है तो जन्मस्थली का अंदाजा लगा लीजिए। 1000 साल पहले राजा भोज द्वारा बनवाए गए भोपाल ताल (बड़े तालाब) का पेट भरने वाली इस नदी के उद्गम को संवारने निकले पंचायत मंत्री @prahladspatel की मानस यात्रा में शामिल होने का मौका मिला।हमने भी श्रमदान और पौधरोपण कर लिया। गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि कभी यहां नदी 15 फीट गहरी थी। अब बरसात के बाद इस सूखी नदी में ट्रैक्टर और बैलगाड़ी चलती हैं। @DrMohanYadav51 सरकार के #जल_गंगा_संवर्धन_अभियान_MP में इसका जीर्णोद्धार हो यही कामना है।
जम्मू और कश्मीर के स्कूलों में राष्ट्रगान अनिवार्य करने के लिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने आदेश जारी किया है। तो क्या वहां अभी तक “जन गण मन”नहीं होता था? पहले श्रीनगर के लाल चौक में राष्ट्रध्वज फहराना भी एक सपना होता था, जो साकार हुआ।
छिंदवाड़ा के अमरवाड़ा विधानसभा उपचुनाव के लिए कमलेश शाह @BJP4MP उम्मीदवार घोषित। तीन बार @INCMP विधायक रहे कमलेश लोकसभा चुनाव के बीच इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल हुए थे। कभी वे @OfficeOfKNath के खास थे तो अब @NakulKNath के विरोधी। इस सीट के 13 चुनाव में 9 बार कांग्रेस, 2 बार बीजेपी, 1-1 बार गोंडवाना गणतंत्र पार्टी और भारतीय जनसंघ जीता है।
खबर छोटी है, खोटी नहीं। रतलाम का सरकारी स्कूल दुनिया के टॉप स्कूलों में चौथे नंबर पर। हर माह हजारों रुपये फीस लेने वाले निजी फाइव स्टार स्कूलों में से कोई नहीं बन पाया बेस्ट स्कूल।
चुनाव बीत गए। जीतने वाले जीते और हारने वाले हार गए। इसके अपने अपने कारण होंगे।अब तो राम जी को आस्था का केंद्र रहने दें। जीत हार का कारण बताना छोड़ दें। राम सबके हैं और सब रामजी के।