Hindu Gods mocked at CJP stage!
Kunal Kamra mocks Prabhu Shri Ram and Maa Sita, says
"Sita ke pati ka naam le lekar
Nita ke pati ka kaam kar rahe hai..."
A Muslim female teacher cut threads tied by local women on a Peepal tree for husbands’ long life during Vat Savitri puja in Rajanpura High School, Siwan, Bihar.
She openly insulted Sanatan Dharma ritual.
Locals demand strict action against her by school administration.
@bihar_police
सतलुज' फ़िल्म आपको यह नहीं दिखाएगी:
खालिस्तानियों ने पंजाब के पटियाला में काली माता मंदिर की बेअदबी की और मंदिर परिसर में हिंदू दुकानदारों की बेरहमी से पिटाई की।
हिंदू-विरोधी चरमपंथ कब खत्म होगा?
हिंदू सहनशील होते हैं; इतनी अक्षम्य बेअदबी के बावजूद, वे सिख धर्म का सम्मान करते हैं और देश भर के गुरुद्वारों में जाते हैं।
Sudhir Chaudhary makes the perfect point.
If anyone can save Sonam Wangchuk, it is Abhijeet Dipke.
He has used Sonam Wangchuk as a tool. He is 30 years old, yet he pushed a 59-year-old man to remain on a hunger strike for so long.
Why is he not fasting himself?
He gets all the fame and glory, while Sonam Wangchuk bears all the suffering. Why?
Shocking : A Class 2 Hindu student in Hyderabad was forced to memorize the Kalma and Surah Al-Fatiha as homework in a private school. The teacher was later suspended.
There are lakhs of Hindu teachers across India, yet you rarely hear of them imposing Hindu prayers or religious practices on students of other faiths.
The contrast is quite telling…
मुस्लिम शिक्षिका द्वारा सरेआम सनातन धर्म को अपमानित किया जा रहा है।
पीपल के पेड़ में हिंदू महिलाओं द्वारा अपनी पति की लंबी उम्र के लिए वट सावित्री पूजा करके धागा बांधा जाता है, जिसे इस मुस्लिम शिक्षिका द्वारा सरेआम काटा जा रहा है, रोकने पर भी यह नहीं मान रही है तथा सभी हिंदुओं को धमकी दे रही है।
क्या यही काम यदि हिंदुओं द्वारा मुसलमानों के धर्म स्थल पर किया जाएगा तो सब शांत रहेंगे?
यह बिहार के सिवान जिला के रजनपुरा हाईस्कूल की BPSC मुस्लिम शिक्षिका हैं।
"BJP wale Sita ke pati ka naam le leke kaam karti hai"
The moment Macrohard @kunalkamra88 said this, Abhijeet Dipke with 786 other cockroaches started laughing & clapping.
You don't hate them enough
Gujarat: "Sanatan Dharma is lifeless and depressing, with zero happiness or celebration." - Conversion mafia told innocent Tribals. But @agniveer had organized a grand Dharma Jagran Yajna — where the same tribals were joyfully dancing, singing Rama bhajans at the top of their voice, fully immersed in divine devotion. Their faces glowed with real happiness and spiritual energy.
Sanatan is not depressing.
Sanatan is pure bliss and life!
गंगा नगर राजस्थान में 13 साल की छोटी बच्ची को रिक्शे वाले ने 32 दरिन्दों को नोचने के लिए बेच दिया।
ये घिनौना कृत्य अभी कुछ दिन पहले का है।
लेकिन इसके बावजूद भी छोटी बच्चियों को ये दरिन्दे आए दिन हर स्थान पर बहला फुसला रहे हैं।
ये दिल्ली गोल मार्किट का मामला बताया जा रहा है।
बच्ची की उम्र 13 से 14 साल की है।
और ये तीस साल का दरिंदा उसे स्कूल से बहला फुसला के ला रहा है।
अपनी बच्चियों को स्कूल भेजने वाले माता पिता और बाकी भी सभी लोगों से आग्रह है कि जहाँ भी इस प्रकार की अनैतिकता दिखाई दे।
तुरन्त स्वयं आवाज उठाएँ, पुलिस प्रशासन से भी रिक्वेस्ट है आप लोग भी ध्यान दो।
बाद में मोमबत्ती जला कर शोक मनाने की नोबत ही ना आने दें।
इसमें सबसे बड़ी गलती लड़की माता पिता की भी है अपने बच्चों पे ध्यान नही देते है।
अखिलेश यादव का मुस्लिम प्रेम और हिंदू विरोध।
फैक्ट चेक:
इस वीडियो में किए गए अधिकांश दावे तथ्यात्मक रूप से सही हैं। यह पूरा मामला 2013 के मुज़फ्फरनगर दंगों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी की गई एक अधिसूचना (Notification) और उस पर सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से जुड़ा है।
1. मुज़फ्फरनगर दंगे और मौतें (दावा: सही)
साल 2013 में उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर और आसपास के इलाकों में भीषण सांप्रदायिक दंगे हुए थे।
इन दंगों में सरकारी आंकड़ों के अनुसार लगभग 60 से अधिक लोगों की जान गई थी और 40,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए थे। उस समय अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे।
2. उत्तर प्रदेश सरकार की ₹90 करोड़ की सहायता राशि (दावा: सही)
दंगों के बाद, अखिलेश यादव सरकार ने एक अधिसूचना जारी की थी जिसके तहत दंगों से प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों के विस्थापित परिवारों के पुनर्वास (Resettlement) के लिए ₹5 लाख प्रति परिवार की दर से कुल ₹90 करोड़ की वित्तीय सहायता की घोषणा की गई थी।
3. क्या सहायता सिर्फ मुस्लिम परिवारों के लिए थी? (दावा: सही/संदर्भ महत्वपूर्ण)
सरकार द्वारा जारी मूल अधिसूचना में विशेष रूप से "मुस्लिम विस्थापित परिवारों" शब्द का उल्लेख किया गया था। इस आधार पर यह बात सही है कि मूल नीति में केवल एक समुदाय को लक्षित किया गया था।
हालांकि, सरकार का तर्क यह था कि ग्रामीण इलाकों से विस्थापित होने वाले परिवारों में बहुसंख्यक मुस्लिम समुदाय के थे, इसलिए नीति में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल हुआ। लेकिन तकनीकी और कानूनी रूप से इसने अन्य प्रभावितों को बाहर कर दिया था।
4. सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप और फटकार (दावा: सही)
सरकार के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की गईं। कोर्ट ने इस अधिसूचना पर सख्त रुख अपनाया और तत्कालीन सपा सरकार से सवाल किया कि राहत राशि केवल एक ही समुदाय के लोगों को क्यों दी जा रही है।
अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि राज्य सरकार किसी भी आपदा या दंगे के पीड़ितों के बीच धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं कर सकती। सभी प्रभावितों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए।
5. नीति में बदलाव (दावा: सही)
सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी और हस्तक्षेप के बाद, उत्तर प्रदेश सरकार को अपनी अधिसूचना में सुधार करना पड़ा।
सरकार ने कोर्ट में नया हलफनामा दिया और नीति में बदलाव करते हुए "सभी धर्मों और समुदायों के प्रभावित परिवारों" को इसमें शामिल किया। इसके बाद सहायता का लाभ हिंदू और अन्य समुदायों के प्रभावित विस्थापितों को भी मिलना सुनिश्चित हुआ।
निष्कर्ष:
वीडियो में दिखाई गई घटना और सुप्रीम कोर्ट के आदेश से जुड़ी खबरें सत्य हैं। शुरुआत में उत्तर प्रदेश सरकार की पुनर्वास नीति केवल एक समुदाय (मुस्लिम) के लिए केंद्रित थी, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बदलकर सभी धर्मों के पीड़ितों के लिए लागू किया गया।
I congratulate the people of Punjab, particularly Sikhs, Sikh leadership, the Punjab government & Police for establishing Khalsa Raj in the state.
Let's ignore the crying child; that is not important, we Punjabis have nothing to do with human sensibilities and common sense, as long as we are establishing Khalsa Raj.
I’ll never get over these videos coming out of West Bengal.
Watching notorious criminals like Mamon Sheikh getting thrashed while being brought to court is truly satisfying 🔥
भारत की ईरान से कोई लड़ाई नहीं है। बाकी दो का झंडा भी केवल इसलिए जला रहे है चूंकि तीनों देश गैर इस्लामिक है।
आ थु ईरान की नाजायज़ औलादों पर, जो भारत में पल रही है।