यह बर्गर किंग वाले तो आपदा में अवसर ढूंढ रहे हैं
इन भाई साहब की वजह से बर्गर किंग वालों की चोरी पकड़ी गई
जंतर मंतर पर हजारों की संख्या में लोग हैं उनको खाने पीने का सामान अलग-अलग जगह से लोग ऑनलाइन भिजवा रहे हैं
इसी का फायदा बर्गर किंग वाले उठा रहे हैं
यह अंकल डिलीवरी बॉय का काम करते हैं किसी ने जंतर मंतर पर बर्गर और कोल्ड ड्रिंक भिजवाने के लिए आर्डर किया यह भाई साहब ऑर्डर उठाने गए तो देखा जो आर्डर पैक हुआ है वह कम मालूम पड़ रहा है
जब इन भाई साहब ने पैकिंग खुलवाकर ऑर्डर फिर से गिनवाया तो ऑर्डर कम निकला जब ऑर्डर में काम बर्गर निकले
दरअसल किसी भाई ने जंतर मंतर भिजवाने के लिए 50 बर्गर 50 कोल्ड ड्रिंक ऑर्डर किए थे लेकिन बर्गर किंग वाले 25 ही पैक करके दे रहे थे
बर्गर किंग वालों यह बताओ ऐसा करने का आदेश आपने दिया है या फिर आपका स्टाफ ही यह घोटाला कर रहा है?
दिल्ली की धड़कन कनॉट प्लेस में भी अब मुसलमान सुरक्षित नहीं रहा, CP पार्क में कपिल कुमार नामक गुंडा अपने साथियों के साथ मिलकर एक मुस्लिम लड़के इमरान के साथ बेरहमी से मारपीट कर रहा है, कभी उसको लात, घूसों, थप्पड़ तो कभी जूतों और बेल्टों से उसकी पिटाई की जा रही हैं ।
कपिल ने मुस्लिम लड़के पर पार्क में लड़की का पीछा करने का आरोप लगाया और झूठी हमदर्दी बटोरने के लिए मासूम के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। लड़की कपिल से कहती रही कि "मैं ठीक हूं मेरे साथ कुछ भी नहीं हुआ है" लेकिन गुंडा मासूम के साथ सिर्फ़ इसलिए बेरहमी से मारपीट करता रहा क्योंकि मासूम कुर्ते पायजामे में था जिसको देखने के बाद गुंडों में दोगुनी ताक़त आ जानी तय होती हैं।
@PMOIndia@HMOIndia@DelhiPolice@CMODelhi
लोकेशन: सेंट्रल पार्क कनॉट प्लेस
SIR में क्रम संख्या 1 पर पासपोर्ट को नागरिकता संबंधी दस्तावेज़ के रूप में स्वीकार किया जा रहा है।
लेकिन विदेश मंत्रालय कहता है कि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं, सिर्फ़ एक ट्रैवल डॉक्यूमेंट है।
तो फिर करोड़ों नागरिकों से पूछा जाना चाहिए—
SIR में चुनाव आयोग किस आधार पर पासपोर्ट स्वीकार कर रहा है?
अगर पासपोर्ट मान्य है, तो सरकार का यह बयान क्या है।
अगर सरकार का बयान सही है, तो SIR की प्रक्रिया पर सवाल है।
एक ही सरकार के दो अलग-अलग मानदंड क्यों?
नागरिकों को भ्रम नहीं, स्पष्ट और एकरूप नियम चाहिए।
पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाणपत्र नहीं:- विदेश मंत्रालय
आधार नागरिकता का प्रमाणपत्र नहीं:- गृहमंत्रालय
जन्म प्रमाणपत्र नागरिकता का प्रमाण नहीं है :- बांबे हाईकोर्ट
वोटर आईडी नागरिकता का प्रमाणपत्र नहीं:- केंचुआ
निवास प्रमाणपत्र नागरिकता का प्रमाणपत्र नहीं है:- कलकत्ता हाईकोर्ट
भाई फिर नागरिकता का प्रमाणपत्र क्या है????
अपंजीकृत संघ द्वारा जारी प्रमाणपत्र?
सवाल यह है कि यदि सरकार द्वारा जारी हर प्रमाणपत्र नागरिकता का प्रमाणपत्र नहीं है तो ?
देश के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और तमाम मुख्यमंत्री, मंत्री समेत देश के सभी सांसद और विधायक देश के नागरिक हैं कि नहीं?
वह अपनी नागरिकता कैसे सिद्ध करेंगे?
20 साल पहले आपने कोई नौकरी पाई। उस वक्त जितने भी नियम थे, उन सभी को पूरा करके आपको वह नौकरी मिली। अब 20 साल बाद आपसे कहा जाए कि आपको फलां टेस्ट पास करना होगा, तभी आपकी नौकरी सुरक्षित रह पाएगी। तब आपको कैसा लगेगा?
सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में मौजूद कार्यरत शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य कर दिया है। मतलब अगर आप इस टेस्ट को पास नहीं कर पाते हैं तो सरकारी टीचर की नौकरी हाथ से चली जाएगी।
जो शिक्षक दो दशक से स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं, उन्हें भी नौकरी के आखिरी पड़ाव में यह परीक्षा पास करनी होगी। फिलहाल देशभर के शिक्षक आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उन्हीं कहीं सुनवाई नहीं हो रही।
ये रियाज़ुद्दीन मंसूरी हैं। दिल्ली के मालवीय नगर के जिस होटल में बीते रोज़ आग लगने की वजह से 21 लोगों की जाव गई थी, रियाज़ुद्दीन की उसी होटल के सामने ही रजाई-गद्दों की दुकान है। वे हौजरानी में पिछले 45 वर्षों से रहते हैं। जब होटल में आग लगी तो लोगों की चीख पुकार सुनकर वो भी पहुंचे। उन्होंने अपनी दुकान के सारे गद्दे सड़क पर बिछा दिए।
रियाजुद्दीन ने NDTV से बताया कि वह खुद सिविल डिफेंस में रह चुके हैं. उनको पता कि जब आग लगती है तो उससे कैसे बचा जा सकता है. इसी के चलते आग लगने पर उन्होंने तुरंत खिड़की को तोड़ा और सड़क पर गद्दे बिछा दिए, ताकि लोग ऊपर से कूदें तो उनको ज्यादा चोट न लगे. उन्होंने कहा कि आज उनकी दुकान खाली हो गई है लेकिन उनको सुकून है कि इंसान बच गए। रियाज़ुद्दीन का कहना है कि उन्होंने लाखों रुपए के गद्दे मैंने लोगों को बचाने के लिए बिछा दिए, मुझे सुकून है कि गद्दों की वजह से 8-12 लोगों की जान बच गई और उनको सिर्फ मामूली चोट आई है।
इंसानियत को बचाने की यह घटना उसी दिल्ली में सामने आई है। जिस दिल्ली में आपसी रंजिश में हुई एक हत्या का दोष पूरे समुदाय पर मढ़ने का षडयंत्र किया गया, और हाल ही में दिल्ली से सटे ग़ाज़ियाबाद के खोड़ा में ‘सूर्या’ हत्याकांड के बाद पूरे समुदाय के खिलाफ भड़काऊ बयानबाज़ी और नफ़रत फैलाने का षडयंत्र जारी है। अब सवाल यह है कि जब एक शख्स के अपराधिक कृत्य का दोष पूरा समुदाय पर मढने का षडयंत्र रचा जाता है, तब रियाज़ जैसे इंसानियत के मसीहा की इंसानियत को बचाने की जद्दोज़हद को उस समुदाय से क्यों नहीं जोड़ा जाता? जो संगठन किसी ‘अपने’ को ‘दूसरे’ द्वारा मार दिए जाने के बाद उग्र होकर नफ़रत फैलाते हैं, वो संगठन रियाज़ जैसे मसीहाओं को पलकों पर क्यों नहीं बैठाते? कहावत है कि मारने वाले से बचाने वाला बड़ा होता है। रियाज़ जैसे लोग इंसानियत के मसीहा हैं। इन मसीहाओं को दिल से सलाम।
JEE Advanced 2026 Results
सलाम 👏🏾
Shubham Kumar — AIR 1 | 330/360 | IIT Delhi Zone
Arohi Deshpande — Female Topper | AIR 77 | 280/360
और जिनका इस बार नहीं हुआ कोई बात नहीं यार
1,79,694 बच्चे बैठे थे , 56,880 qualify हुए।
बाकी 1,20,000+ ,आप fail नहीं हुए।
एक exam ने आपकी ज़िंदगी define नहीं करती
APJ Abdul Kalam UPSC में नहीं गए।
और फिर भी दुनिया बदल दी
रास्ते बहुत हैं बस रुकना मत 🤲🏾 #JEE
उत्तर प्रदेश –
गाजीपुर जिले के मंगरू चौधरी पैसेंजर ट्रेन में सफर कर रहे थे। चलती ट्रेन में 2 युवकों से मंगरू की किसी बात पर बहस हुई। आरोपियों ने पिस्टल से गोली मारकर मंगरू की हत्या कर दी और लाश ट्रेन से बाहर फेंक दी। यह घटना जिला चंदौली के पास हुई।
सोचिए...चलती ट्रेन में मर्डर
ये जो पहली फोटो में बैठा युवक है ये नोएडा मेट्रो में टिकट काउंटर पर बैठता है
ये यात्रियों को जानबूझकर कम पैसे देता है और जब पकड़ा जाता है तो गलती हो गई बता कर पल्ला झाड़ लेता है
दूसरी फोटो का युवक मेट्रो मे टिकट लेने काउंटर पर जाता है जहां पर टिकट के पैसे ज्यादा ले लिए गए
और कम पैसे वापस किए गए, जब यात्री ने वीडियो बनाना शुरू किया तो उसने ₹50 इस युवक को दे दिए
इस युवक ने बताया कि लगातार दो दिनों से यही कर रहा है और कोई भी जिम्मेदार बात न बताकर गलती बता देता है
और यहां पर कोई ऑनलाइन पेमेंट करने की सुविधा नहीं है
अब इस समस्या का समाधान कौन करेगा?
ट्रेनों में किन्नरों द्वारा अघोषित लूट बंद होनी चाहिए, मैंने देखा है अब तो यह 1AC और 2AC में भी घुस जाते हैं, अभी तक यह जनरल बोगियों में घुसते थे मारकाट करते थे लेकिन अब इन्होंने आरक्षित बोगियों में वही खेल शुरू कर दिया है।
जिम्मेदार लोग RPF को निर्देश करें कि देश भर की किसी भी ट्रेन में इनकी वसूली नहीं होने दी जाएगी।
यह युवक सिस्टम की लापरवाही की वजह से मायूस है।
इसकी मायूसी का आलम यह है कि पिछले 4 साल से इसकी शादी नहीं हो पा रही क्योंकि इसके पास रहने के लिए घर नहीं है।
यह मामला दरभंगा जिला के केवटी विधानसभा क्षेत्र के सरवारा गांव (वार्ड नंबर 11) का है।
ऐसा नहीं है कि इसके पास घर बनाने के लिए जमीन या पैसे नहीं हैं
जमीन भी अपनी है और पैसे भी बहुत हैं,
यहाँ तक कि पिछले 3 साल से ईंटें भी लाकर रखी हुई हैं।
असली समस्या यह है कि इसकी जमीन के ऊपर से बिजली का तार गया हुआ है।
इसे हटवाने के लिए यह युवक पिछले 4 साल से जूनियर इंजीनियर JE को आवेदन दे रहा है
लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
JE साहब की इस अनदेखी की वजह से एक युवक का भविष्य अधर में लटका है।
अब यह बात जिम्मेदार अधिकारियों और JE साहब तक पहुँचनी चाहिए ताकि इस युवक को न्याय मिल सके।
.@DC_Palamu तत्काल संज्ञान लें और सुनिश्चित करें की मुझे इस तरह की समस्या कहीं और से सुनने को ना मिले।
सारे जिलों के उपायुक्त भी संज्ञान लें की उनके जिलों में ऐसी समस्या कहीं ना हो।