सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके हक बात को लोगों तक पहुंचाना बेहतर है
लेकिन सिर्फ़ सोशल मीडिया पर अपनी राय रखना और ग्राउंड वर्क ज़ीरो होना बकैती के सिवा कुछ भी नहीं।
एक ब्रिटिश लड़की ने इस्लाम क़ुबूल किया।
इस्लाम इस वक्त दुनियाँ के सबसे ज़्यादा अपनाये जाने वाला धर्म है, वजह है इसकी ख़ूबसूरती, इसकी सच्चाई, ईमानदारी, न्याय, बराबरी की दर्जा और औरतों की इज़्ज़त।
जिस देश में फ्रिज की सुरक्षा के निर्देश तो डिब्बे पर छपे हों, लेकिन उसे ढोने वाले इंसान की सुरक्षा की कोई चिंता न हो, वहाँ विकसित होने की बातें एक सपने जैसी लगती हैं।
इस तस्वीर में मुझे मज़दूर नहीं, फ्रिज के नीचे झुका हुआ भारत दिख रहा है।
मज़दूर की रीढ़ मशीन से सस्ती है।
यह सिर्फ़ एक व्यक्ति नहीं, करोड़ों श्रमिकों की कहानी है, जो अपने परिवार का भविष्य उठाने के लिए रोज़ अपने शरीर को दाँव पर लगाते हैं।
विदेशों में बोझ मशीनें उठाती हैं और इंसान उन्हें चलाते हैं, लेकिन हमारे यहाँ आज भी कई जगह इंसान ही मशीनों का काम कर रहा है।
हृदय विदारक, पीड़ादायक, मर्मांतक, चिंताजनक। 💔
इंस्पेटेक्टर "शमीम खान" साहब ने बिना अपनी जान की परवाह किए अपना फर्ज निभाया और बच्चे की जान बचाए।
ऐसे वीडियोज बहुत कम लोग पोस्ट करते हैं क्योंकि मीडिया को TRP नहीं मिलती।
लेकिन आप लोग तो वायरल कर ही सकते हैं।
मुसलमानों की एक बार फिर हुई जीत, नफ़रतों के मुंह पर तमाचा!
Allahabad High Court ने Bahraich में स्थित काजी जोत मस्जिद विवाद पर अहम फैसला सुनाया!
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा हाईवे चौड़ीकरण के लिए मस्जिद के परिसर हटाने की कोशिश की जा रही थी, जिस HC ने रोक लगा दी गई है, कोर्ट ने कहा - मस्जिद का चिल्लान नेशनल हाईवे की जमीन पर नहीं है!
Congratulations 🎉🎉
पुणे: खुद को भगवान का अवतार बताने वाला 59 साल का राधा मोहन मिश्रा रेप के आरोप में गिरफ्तार
◆ खुद को दिव्य शक्तियों वाला बताकर घर-परिवार की समस्याएं और आर्थिक स्थिति ठीक करने का देता था झांसा
◆ बाबा के आश्रम से 19 हार्ड डिस्क, 12 लैपटॉप, 23 पेन ड्राइव मिली हैं. आश्रम में एक गुप्त सुरंग की भी जानकारी
#Pune | #RadhaMohanMishra | #Crime
“आज मैं अपने शोरूम में खड़ा होकर डरता हूं कि कब कोई आकर मुझपर हमला कर दे, मेरा जुर्म सिर्फ इतना है कि मैं दाढ़ी-टोपी वाला हूं”
ये कहा है रफत हुसैन साहब ने जो मुंबई के जुहू में कपड़े का शोरूम चलाते हैं क्योंकि एक दिन चार महिलाएं उनके शोरूम आती हैं और उनकी मुस्लिम पहचान देखकर उन्हें टारगेट करने लगती हैं
रफत हुसैन का आरोप है कि महिलाओं की बदतमीज़ी पर वो पुलिस को बुलाते हैं तो 150 लोगों की भीड़ थाने में इकट्ठा हो जाती है और उनपर हमला करने की कोशिश करती है जैसे-तैसे पुलिस भीड़ से रफत हुसैन को बचाती है
लेकिन आख़िर में रफ़त साहब पर ही एक FIR भी दर्ज कर लेती है.
उषा पटेल ब्रिटेन की ट्रेन में सफर कर रही थी
सामने एक मुस्लिम डॉक्टर बैठा था, उषा पटेल के अंदर नफरत का कीड़ा चुल्बुलाने लगा
मैडम ने डॉक्टर से कहा " आप लोग अपनी कंट्री मेक्सिको और ट्यूनीशिया जाइए"
मैडम को जरा भी अंदाजा नहीं था कि उस डॉक्टर के पास ब्रिटेन की नागरिकता है।
अब मैडम जेल में है.....
موجودہ زمانے میں بہت سے طلبۂ علم کے درمیان پھیلنے والی بڑی بیماریوں میں سے ایک تعلق مع اللہ کا فقدان ہے۔
علم کو اکثر مناظروں میں غلبہ حاصل کرنے، شہرت و مقام حاصل کرنے، اور دوسروں کو حقیر سمجھنے کے لیے حاصل کیا جاتا ہے۔ حالانکہ علم کا اصل مقصد معرفتِ الٰہی کا حصول اور تقرب الی اللہ ہے۔
حضرت حسن بصری رحمہ اللہ فرماتے ہیں:
“علم دو قسم کا ہے: ایک وہ علم جو دل میں ہوتا ہے، اور یہی نفع بخش علم ہے؛ اور دوسرا وہ علم جو صرف زبان پر ہوتا ہے، اور یہی قیامت کے دن انسان کے خلاف حجت بن جائے گا۔”
لہٰذا اپنی نیتوں کا مسلسل جائزہ لیتے رہیں۔ اس راستے میں شیطان کے جال متعدد، نہایت باریک اور انتہائی خطرناک ہیں۔
One of the greatest ailments that has spread among many students of knowledge in our time is the loss of a true connection with Allah.
Knowledge is often sought to win debates, gain recognition, and look down upon others. Yet the true purpose of knowledge is to attain Ma’rifatullah (knowing Allah) and draw closer to Him.
Al-Hasan al-Basari رحمه الله said:
“There are two kinds of knowledge: one that resides in the heart, and that is the beneficial knowledge; and another that remains merely on the tongue, which will become a proof against a person.”
So constantly examine your intentions. The traps of Shaytan on this journey are many, subtle, and dangerous.
बदायूँ में मुस्लिम युवती हीरा नाज़मी ने अतुल से शादी कर सनातन धर्म अपना लिया। और अपना नया नाम हिमांशी कुमारी रख लिया। कोर्ट मैरिज के बाद दोनों ने हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया।शादी के दौरान राष्ट्रीय बजरंग दल भी मौजूद रहा। बस एक सवाल है कि अगर मामला ठीक इसके उल्टा रहता तो क्या मीडिया इतनी सकारात्मक ख़बरें चलाती?
जय श्री राम बोलोगे तभी प्रसाद मिलेगा।
किसी गरीब व्यक्ति को खाना देने से पहले धार्मिक नारे लगाकर क्या तुम महान कहलाओगे ?
किसी गरीब की मजबूरी का फायदा उठाते हो शर्म नहीं आती?
कहाँ छुपे हो कथित निष्पक्ष मीडिया वालों खोलो अपनी जबान ।
इसपर गर्व करें अब ?
ये तो धर्म नहीं है ।
@airtelindia Dear Airtel,
What is going on with your network services? For the last 10 days, internet connectivity has been extremely poor, with very low signal strength and frequent disruptions. This is unacceptable for customers who rely on your services daily.
AIMIM एक राजनीतिक पार्टी है, कोई धार्मिक या दावती संगठन नहीं। ऐसे में यह सवाल स्वाभाविक है कि चुनावी राजनीति में धार्मिक नारों की क्या आवश्यकता है?
अगर AIMIM चुनावी मंच से "नारा-ए-तकबीर" जैसे नारे का इस्तेमाल करेगी, तो फिर भाजपा जैसे राजनीतिक दलों द्वारा लगाए जाने वाले धार्मिक नारों जैसे "जय श्री राम" पर सवाल उठाने का नैतिक आधार खत्म हो जाता है।
भारतीय लोकतंत्र की खूबसूरती इसी में है कि चुनाव विकास, शिक्षा, रोज़गार, स्वास्थ्य और जनहित के मुद्दों पर लड़े जाएँ, न कि धार्मिक पहचान और भावनात्मक नारों के आधार पर।
When this injustice and cruelty against Muslims in India will end?
Imagine the plight of father who raised son, educated him, made engineer with the hope that someday his son will end his struggles & support—but Hindutva terrorists destroyed everything.
No human deserves this.
रौशन आनंद:- फैजल खान शिक्षक कहलाने लायक नहीं है। वो गुंडा है, हत्यारा है, झूठा है, सफेद दाढ़ी है उसकी। मैं सनातनी हिंदू हूं
खान सर:- मैं पीड़ित परिवार की हर संभव मदद करूंगा। सरकार से भी निष्पक्ष जांच की मांग करता हूं, जो भी आरोपी हो उसे फांसी की सजा हो
रौशन आनंद के इस बयान के बाद कोई भी सच्चा विद्यार्थी उसका साथ नहीं देगा। इसकी घटिया व कट्टरपंथी मानसिकता अब खुलकर सामने आ गयी है।।