तस्वीर में दिखाई दे रहे शख़्स (मुहम्मद जुनैद) से शायद ही कोई अंजान होगा,
जुनैद साहब जंतर मंतर पर प्रोटेस्टर्स को पिछले एक महीने से खाना/पानी बाँट रहे हैं जुनैद ने कई मर्तबा अपनी वीडियोज़ में कहा था कि 'जंतर मंतर पर कोई धर्म नहीं है यहां इंसानियत है' और एक वीडियो में कहा था कि 'चाहे मेरा कुछ भी हो जाये, चाहे मेरे घर पर बुल्डोज़र चल जाये' तो भी मैं ख़िदमत करना बंद नहीं करूंगा
अब ख़बर आ रही है कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने कल रात इनके वालिद को घर से उठा लिया है और इनके छोटे नाबालिग भाई के आईडी कार्ड, बैंक पासबुक भी जमा कर लिए हैं सिर्फ़ इतना ही नहीं, जुनैद की बहन की शादी मेरठ में हुई थी। पुलिस ने वहां जाकर इनकी बहन के ससुर साहब और देवर को भी उठा लिया है बदले में पुलिस वाले ��ुनैद साहब से कह रहे हैं कि वो जंतर मंतर से लौट आयें अब देखते हैं कितने जंतर मंतर के स्टेज वाले क्रांतिकारी जुनैद के लिए आगे आते हैं। जुनैद के परिवार को अपना परिवार मानकर उनकी सिक्युरिटी की ज़िम्मेदारी उठाएंगे। जिस तरह से जुनैद साहब ने जंतर मंतर पर 'इंसानियत का परचम' उठाया हुआ था, क्या वो लोग अब जुनैद साहब के लिए भी 'इंसानियत का परचम' उठाएंगे?
जुनैद ख़िदमत करने में और गंगा-जमुनी तहज़ीब वाले ले��्चर देने में इतना खो गये कि वो भूल बैठे कि वो एक मुसलमान हैं और उनका नाम 'मुहम्मद जुनैद' है।
#JantarMantar #cjp #cjpprotest
Mind you Salah was fouled in the build up to Argentina third goal and Egypt was supposed to be given a penalty instead.
VAR checked it and still went ahead to give the goal.
This is the worst World Cup ever. https://t.co/i9mSPe8aJP
Nunca na vida isso aqui era pênalti, mas como a Argentina é filhinha da FIFA nem fizeram revisão dessa VERGONHA
bem feito que o Messi perdeu #ARGxEGI https://t.co/O5zNO1IPxY
15 जून को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि भारत में मुसलमानों की सुरक्षा पर सवाल उठाना देश को बदनाम करने के जैसा है. #AltNews ने उसी हफ़्ते मुस्लिम विरोधी हिंसा, धमकी, लक्षित उत्पीड़न और नफरत की 6 घटनाओं को डॉक्युमेंट किया. देखिए #AltNewsVideoReport
नागपुर का एक छात्र अब्दुल्लाह मोहम्मद तालिब 21 जून को होने वाले Re-NEET एग्जाम की तैयारी कर रहा था।
लेकिन तालिब ने जब एडमिट कार्ड डाउनलोड किया त�� पता चला कि उसका एग्जाम सेंटर अबू धाबी, UAE में दे दिया गया है।
यह देखकर तालिब और उनके परिवार वाले हैरान रह गए। परिवार के पास न पासपोर्ट है, न विदेश भेजने के पैसे और न ही अब कोई वक्त बचा है।
ऐसे में बच्चा सदमे में है। उसका रो-रोकर बुरा हाल है और वह कह रहा है कि मैं परीक्षा नहीं देना चाहता।
ये घटना होनहार बच्चों की मेहनत और भविष्य के साथ बेहद घटिया मजाक है, जो पहले से ही परीक्षा के मानसिक दबाव से जूझ रहे हैं।
नरेंद्र मोदी, धर्मेंद्र प्रधान और उनके नाकारा सिस्टम ने छात्रों और उनके परिवारों को परेशान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
इन्हें शर्म आनी चाहिए!!