ऐ अल्लाह बरकत उतार हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु तआला अलैहि वस्सल्लम पर और हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु तआला अलैहि वस्सल्लम के घर वालों पर जैसे बरकतें की तूने हज़रत इब्राहिम अलैहिस्सलाम पर और हज़रत इब्राहिम अलैहिस्सलाम के घर वालों पर बेशक तू ही तारीफ़ के लायक बड़ी बुजुर्गी वाला है।
@KingSalmanCHA This young man went from India to support his family . Came back half dead due to severe burns suffered while discharging his duty .
Now his old father is on streets seeking help . HAS SAUDIA GONE BANKRUPT OR GODLESS?
इस देश में भाजपा सरकार मुसलमानों को और उनसे जुड़े हर एक भवन हर एक व्यापार को अवैध मान चुकी है।
अफ़सोस यहां के उच्च न्यायालय कहे जाने वाले उस बड़े से भवन पर है जो इतना सब कुछ होते हुए देख रहा है लेकिन बहुसंख्यक समाज की भावना आहत न हो इस वजह से मुसलमानों को बर्बाद होने दे रहा है
उत्तर प्रदेश : सहारनपुर में कलक्ट्रेट परिसर के अंदर मौजूद 70 साल से भी ज्यादा पुरानी मस्जिद के निर्माण को जिला प्रशासन ने अवैध माना है !!
ऐसा कहा जाता है कि अंग्रेजों ने कलक्ट्रेट के काम करने वाले मुस्लिम कर्मचारियों के लिए यह मस्जिद बनवाई थी। उस वक्त उन्हें नमाज पढ़ने दूर जाना पड़ता था।
यूपी : मुजफ्फरनगर में कांवड़िए गाड़ी में तोड़फोड़ कर रहे हैं। पुलिस मौके पर मौजूद है। एक पुलिसकर्मी ने कांवड़िए को पकड़ा भी हुआ है। लेकिन पुलिस का कहना है कि गाड़ी मालिक भाग गया है, उसकी तलाश जारी है। मतलब उपद्रवियों पर कोई एक्शन नहीं? गाड़ी मालिक पर एक्शन की तैयारी है।
@WasimAkramTyagi सुपारी देना लीगल है क्या इस देश में ?
अगर लीगल है तो इसका अधिकार उन सभी अपराधियों को क्यों नहीं दिया गया जो रंगदारी,किडनैपिंग या मर्डर जैसे मुक़दमों में जेलो में बन्द हैं ? उन्हें भी रिहा करा जाए अन्यथा इस नमूने (@WasimAkramTyagi के मुताबिक़ बदबूदार जीव) को भी जेल में डाला जाए ।
@ansarimransr आज़म साहब की रीढ़ की हड्डी तोड़कर आज़म बनने की सोच रहे थे लेकिन शायद इन्हें पता नहीं है कि आज़म सिर्फ़ सांसद भर बन जाने से नहीं बना जाता है बल्कि इसके लिए आज़म जैसी सोच भी होनी चाहिए और जज़्बा भी ।
गुरुग्राम के सेक्टर-55 स्थित एक पीजी से 25 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर इंशाराह अय्यूबी का शव बरामद हुआ। उनके शरीर पर कई चाकू के घाव थे और गला भी रेत दिया गया था। जांच में पता चला कि करीब 60 किलोमीटर दूर गढ़ी रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर मिले 25 वर्षीय AI इंजीनियर श्रेष्ठ मलिक का शव उसी का था, जो इंशाराह का सहकर्मी था। पुलिस का शुरुआती अनुमान है कि श्रेष्ठ मलिक ने पहले इंशाराह की हत्या की और फिर ट्रेन के सामने आकर आत्महत्या कर ली। हालांकि, घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और हत्या की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।
उत्तर प्रदेश के सीतापुर की रहने वाली इंशाराह अय्यूबी, ऑप्टम नाम की एक इंटरनेशनल हेल्थकेयर सर्विस कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम करती थीं। जब उनके फ़ोन पर बार-बार कॉल करने पर कोई जवाब नहीं मिला, तो अय्यूबी के परिवार ने सेक्टर 56 पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने उसके फ़ोन की लोकेशन सेक्टर 55 में 1-RK फ़्लैट पर ट्रेस की, जो छत्तीसगढ़ के भिलाई के इंजीनियर और अय्यूबी के कलीग श्रेष्ठ मलिक का था। हालांकि पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल रिकॉर्ड तथा दोनों के परिवारों से पूछताछ के जरिए मामले की जांच जारी है।
डेटा ये बता रहा है कि पिछले 70 साल में आपके पीर साहब की झाड़ फूंक की बदौलत तेलंगाना का मुसलमान ही तेलंगाना के ग़रीबों को अपने खर्च पर पाल रहा है यहां तक कि सरकार का बजट भी मुसलमान अपने पर्सनल अकाउंट से देते हैं।
बस ग़रीब यूपी का मुसलमान है लेकिन अब पीर साहब आ गए हैं अब चिंता नहीं
“इस देश में अगर कोई पिछड़ा है, तो वह मुसलमान है। और अगर कोई मुख्यधारा से हटा हुवा है, तो वह भी मुसलमान है।
साल 2012 से 2017 तक समाजवादी पार्टी की सरकार रही। समाजवादी पार्टी ने मुसलमानों से जो वादे किए थे, क्या वे पूरे किए? वहीं, बीजेपी ‘सबका साथ, सबका विकास’ की बात करती है, लेकिन कार्रवाई सिर्फ हमारे ऊपर ही होती है।
पंचायत @aajtak पर अपनी बात रखते हुए।
#AIMIM #AsaduddinOwaisi #ShaukatAli #AIMIMUttarPradesh #AajTak
प्रिय अवध ओझा! मुसलमान नमाज़ पढ़ता है, क्योंकि पैगंबर मुहम्मद ﷺ ने नमाज़ को एक मुसलमान और गैर-मुस्लिम के बीच का सबसे बड़ा और बुनियादी फर्क बताया है। नमाज़ तब से अदा की जा रही है जबसे नमाज़ का हुक्म दिया गया है। मुसलमान मोदी सरकार से पहले भी नमाज़ अदा करता था, मोदी सरकार के बाद भी नमाज़ अदा करता रहेगा मुसलमानों की नमाज़ें किसी सरकार को बनाने या गिराने के लिए नहीं है। मुसलमानों की नमाज़ें किसी की पूजा पाठ के विरोध में भी नहीं हैं।
मुसलमान का यक़ीन है कि अल्लाह जो करता है, बेहतर करता है। मुसलमान का यक़ीन है कि बेशक अल्लाह बेहतर करने वाला है। मुसलमान परेशान नहीं हैं, बिल्कुल परेशान नहीं हैं। हाँ! उन्हें परेशान करने के लिए नए-नए हरबे अख्तियार किए जा रहे हैं। लेकिन मुसलमान का यक़ीन कुरान पर है और कुरान कहता है कि "और ये दिन हैं जिनको हम लोगों के बीच बदलते रहते हैं, ताकि अल्लाह ईमान वालों को जान ले और तुममें से कुछ को गवाह बना ले, और अल्लाह ज़ालिमों से प्रेम नहीं करता।"
इतिहास ऐसी दास्तानों से भरा पड़ा है कि हमेशा किसी की हुकूमत नहीं रही, जो सदियों तक बादशाह थे, आज उनके वारिस भी नहीं हैं। रहा सवाल मुसलमानों का तो मंगोलों का इतिहास पढ़ लीजिए, और आज मंगोल कौम किस धर्म की अनुयायी हैं, यह भी पता कर लीजिए।
ये शहादत-गाह-ए-उल्फत में कदम रखना है,
लोग आसान समझते हैं मुसलमाँ होना।
मध्यस्थता प्रस्ताव क्या था? यह तथाकथित मध्यस्थता प्रस्ताव मदर ऑफ डेमोक्रेसी की सर्वोच्च अदालत ने भेजा था। मदर ऑफ डेमोक्रेसी की सर्वोच्च अदालत क्या चाहती है? यही कि ‘दूसरा’ पक्ष अपनी उन इबादतगाहों पर अपना दावा छोड़ दे जिनमें वो सदियों से इबादत करते आ रहे हैं। अभी मामला सिर्फ इबादतगाहों का है। कल जब मदर ऑफ डेमोक्रेसी की न्यायपालिका में कोई याची यह याचिका लगाए कि भारत के मुसलमान तो सदियों पहले मुसलमान नहीं थे, इसलिए इनका धर्म बदलवाकर उन्हें मदर ऑफ डेमोक्रेसी के सत्तारूढ़ दल का धर्म स्वीकार कराया जाए, तब मदर ऑफ डेमोक्रेसी की न्यायपालिका क्या फैसला देगी? और जब कोई बंदरों का कोई याची मदर ऑफ डेमोक्रेसी की अदालत में यह याचिका लेकर पहुंच गया कि भारत के इंसान पहले बंदर थे, तब मदर ऑफ डेमोक्रेसी की न्यायपालिका क्या फैसला देगी? क्या ‘आस्था’ की बुनियाद पर सभी को बंदर घोषित किया जाएगा?
ये क्या बदतमीज़ी है ? ये महिला मुस्लिम बुजुर्ग की शर्ट खींच कर मुंह के पास चप्पल ले जाकर उन्हें धमका रही है कि हिंदू अब कमज़ोर नहीं किसी से डरता नहीं,
तेरी दाढ़ी खींचू और जब वो महिला को रोकते हैं तो चार लोग और आकर उनपर हमला कर देते हैं..
चलिए मान लेते हैं इन दोनों की किसी बात पर बहस शुरू हुई होगी लेकिन फिर भी क्या ये धमकी और तरीका सही ठहराया जा सकता है ?
दिल्ली के कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क का मामला
@IMSahalQureshi@GujaratPolice को इस क़ानून को पारित करने वालों से मुसलमानों का वोट भी छीन लेने को बोलना चाहिए ताकि तुम्हे आसानी हो मुसलमानों को टारगेट करने में वरना कोर्ट में तुम्हे इतनी बुरी तरीक़े से घसीटा जाएगा कि नस्लें डरेंगी गुजरात पुलिस में भर्ती होने को।
याद रखना सदा किसी की नहीं चलती
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ ज़िले अंतर्गत छर्रा थाना इलाके से एक बेहद हैरान करने वाली और दर्दनाक खबर सामने आई है. यहां एक गांव में सब्जी खरीदने निकली नाबालिग किशोरी को किशनगोपाल और संजू वाल्मीकि ने बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया. आरोप है कि दोनों दरिंदों ने पीड़िता को उसके घर से 4 किलोमीटर दूर एक सुनसान मकान में ले जाकर जबरन शराब पिलाई और फिर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की वीभत्स घटना को अंजाम दिया. दरिंदों की क्रूरता के चलते किशोरी लहूलुहान होकर बेहोश हो गई, जिसे गंभीर हालत में महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोच लिया है.
@MamtaTripathi80 प्रिय @MamtaTripathi80 जी आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि इस व्यक्ति का सिर्फ़ कागज़ों में उर्दू नाम है ज़िन्दगी जीने के हिसाब से ये पूरी तरह से अधर्मी है ।
इस वक़्त उत्तर प्रदेश की राजनीती में सपा बिल्कुल फुलटॉस बॉल डाल रही है जिसपर पीर साहब के बैट्समैन हाथों हाथ सिक्स मार रहे हैं ।अखिलेश यादव जिस हिन्दुत्व की डगर पर चलने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं उससे ऐसा लगता है कि वो 2027 से आगे राजनीती करना ही नहीं चाहते हैं ।
सरेंडर हो गए क्या?
@yuva_aas मने 98.11 करोड़ वोटर्स तक ये लोग सर्वे करने पहुंचे लेकिन मेरा उसमें कही ज़िक़्र ही नहीं है कहीं मैं पाकिस्तानी तो नहीं हूँ?
अल्लाह रहम करे इन गद्दीनशीनों पर और उनके इन भोले भाले पत्रकारों पर ।
🤔😔😎
@iMohdAnsar इसलिए मुसलमानों को बरगलाने से बेहतर है कि कुछ अच्छी बाते कर लिया करो, याद रखना रोज़ ए जज़ा हर बात का हिसाब होना है ।
नोट : मै सपाई नहीं हूँ और न उनकी हर बात से सहमत हूँ लेकिन अंधा भी भक्त नहीं हूँ किसी का Like पीर साहब
@iMohdAnsar ये घुमाउदार बाते करके जनता को बेवकूफ़ बनाने की मशीन हो चुके हो तुम लोग ।
सम्भल का मामला सबसे ज़्यादा चर्चा में रहने वाला हाल ही का सबसे बड़ा मामला था जिसमें वहां के सांसद ने बहुत कुछ करने की कोशिश करी लेकिन याद रहे सरकार की नज़र में दलित भी हिन्दू है और मुसलमान ही पाकिस्तानी है ।