तुम बंजर हो जाओगे
यदि इतने व्यवस्थित ढंग से रहोगे
यदि इतने सोच समझकर
बोलोगे चलोगे
कभी मन की नहीं कहोगे
सच को दबाकर झूठे प्रेम के गाने गाओगे
तो मैं तुमसे कहता हूँ, तुम बंजर हो जाओगे!
~ भवानी प्रसाद मिश्र
साभार @PANKAJ_C1
मैं अपने जीवन के उस पड़ाव पर हूं जहां मैं सर्वज्ञानी बनने की बिल्कुल भी कोशिश नही करता.. उम्र सीखने की है..गर गलती की है तो उसे स्वीकारने की साहस रखता हूं, सही को सही और गलत को गलत बोलने की हिम्मत भी है, फिर चाहें भले ही आप मेरे कितने भी करीबी ही क्यों ना रहें हों,,।🙇