@cpplusglobal I have installed cameras from cp plus and there is several issues but the seller is not ready to check it. I have made complaint a week ago but he is denying to do any kind of service and threatening me too.
मड़िहान मीरजापुर का मामला है, ओवरलोड ट्रक और नशे में ड्राइवर , थाने में मामला है , पीड़ित कार वाले को उल्टा प्रताड़ित किया जा रहा है @Uppolice@mirzapurpolice@digmirzapur मामले को तत्काल संज्ञान में लें और उचित कार्रवाई करें।
@Uppolice यह गाड़ी up 63 bt 7854 ओवरलोड है और चालक नशे में भूत होकर गाड़ी चला रहा था इसने अभी हमारे एक रिश्तेदार की गाड़ी को धक्का मार दिया है मड़िहान मिर्जापुर में।
सिरसी मोड पर गाड़ी खड़ी है।ट्रक मालिक उल्टा कार वाले को ही धमका रहा है,संज्ञान लें
कार्यवाही करें
@mirzapurpolice
ओवरलोडेड ट्रक से मारुति कार में भिड़ंत , जान का खतरा टला लेकिन पीड़ित पक्ष को ही थाने पे बिठा के परेशान किया जा रहा है । कृपया मामले का संज्ञान लें।
@Uppolice@mirzapurpolice
मड़िहान थाने को इस मामले में FIR के लिए निर्देशित करने की कृपा करें।पीड़ित लोग थाने पर मौजूद हैं।
@Uppolice यह गाड़ी up 63 bt 7854 ओवरलोड है और चालक नशे में भूत होकर गाड़ी चला रहा था इसने अभी हमारे एक रिश्तेदार की गाड़ी को धक्का मार दिया है मड़िहान मिर्जापुर में।
सिरसी मोड पर गाड़ी खड़ी है।ट्रक मालिक उल्टा कार वाले को ही धमका रहा है,संज्ञान लें
कार्यवाही करें
@mirzapurpolice
@Uppolice वायरल वीडियो में गुंडागर्दी करने वाला शख्स लखनऊ का बताया जा रहा है।
@lkopolice ने इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की लोग जानना चाहते हैं?
@myogiadityanath आपके शासन में नाबालिक लड़के के मुंह में पिस्टल डालकर इस प्रकार की मारपीट करने वाले कैसे बचे हैं?
@dgpup
भले ही ये केवल प्रतीकात्मक हो किंतु महिला सैन्य अधिकारियों को प्रतिनिधि के तौर पर आगे करना एक अहम कदम है। यह शत्रु सेना के मनोबल पर हमला करने और शेष दुनिया के सामने छवि प्रस्तुत करने - दोनों लिहाज़ से अहम है. ✊✊✊
यह तस्वीर इस साल की सबसे पॉवरफुल और ख़ूबसूरत तस्वीर है🔥
इस तस्वीर में दिखाई दे रहा हमारा प्यारा भारत है,
पिछले दिनों आतंकवादियों ने कायराना हमला करके और नाम पूछकर जो नैरेटिव बनाना चाहा उसे हमारी देश की ख़ूबसूरती ने नेस्तनाबूत कर दिया,
कर्नल सोफिया कुरैशी ने आज हुई भारत की कार्यवाही पर विंग कमांडर व्योमिका सिंह के साथ प्रेस कांफ्रेंस संबोधित की,
यह बहुत बड़ा संकेत है कि
दुश्मन अपनी चालों में कभी भी कामयाब नहीं हो पाएगा क्योंकि हम सब एक हैं और हमारा प्यारा भारत हमारी आत्मा है❤️
.@UPGovt किसानों को पॉली हाउस लगाने के साथ ही नवाचार खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है। सरकार की पहल पर मीरजापुर निवासी राजीव सिंह ने लाखों की नौकरी छोड़कर शिमला मिर्च की खेती शुरू की और घर बैठे ही लाखों रुपये कमा रहे हैं।
#NayeBharatKaNayaUP
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फ़ादर के सामने नखरे चलते हैं, गॉडफ़ादर के सामने नहीं.
कभी लेनिन ने कहा था कि यूरोप में शांति का दौर इसलिए रहा था क्योंकि करोड़ों लोगों के ऊपर यूरोप का औपनिवेशिक शासन था, जो लगातार युद्धों से बनाये रखा जाता था, पर उन्हें युद्ध नहीं कहा जाता था क्योंकि वे यूरोपीय शासकों को युद्ध जैसे नहीं दिखते, बल्कि उनमें जघन्य जनसंहार और निहत्थे लोगों का समूल नाश किया जाता था.
लेनिन ने कठिन शर्तों पर पहले महायुद्ध में समझौता कर लिया था. उन्होंने अपने एक दूत को कहा था कि शांति के लिए ज़रूरी हो, तो स्कर्ट पहन के भी जाओ. हंगरी के प्रधानमंत्री ओर्बान ने ठीक कहा है कि मज़बूत लोग शांति स्थापित करते हैं और कमज़ोर लोग लड़ाई करते हैं.
ज़ेलेंस्की और उनके यूरोपीय हैंडलरों ने यूक्रेन संकट को बहुत बढ़ा दिया है. भले यूरोप के कई नेता ज़ेलेंस्की के साथ खड़े रहने की घोषणा कर रहे हैं, पर सवाल यह है कि इस साथ खड़े होने का मतलब क्या है.
क्या यूरोपीय नेता ट्रम्प और उनके प्रशासन की योजना को बदल देंगे? क्या उनके पास ऐसी वित्तीय और सैनिक ताक़त है, जो यूक्रेन को लंबे समय तक लड़ने में मददगार हो सके? क्या यूरोपीय देशों में और देशों के भीतर पूरी एकता है? हंगरी के प्रधानमंत्री ने ट्रम्प का समर्थन किया है. ब्रिटेन, फ़्रांस, जर्मनी में अनेक राजनीतिक दल अपनी सरकारों के साथ नहीं हैं. निवेशक भी भविष्य देख पा रहे हैं, इसी कारण व्हाइट हाउस में झगड़े के बाद यूरोपीय स्टॉक फ़्यूचर्स में गिरावट आयी, तो वाल स्ट्रीट ऊपर चढ़ा.
ब्रिटिश प्रधानमंत्री स्टार्मर ने ट्रम्प से फिर बात की है. असल में कुछ यूरोपीय नेता, विशेषकर फ़्रांस के मैक्रों और ब्रिटेन के स्टार्मर, बस इतना चाहते हैं कि यूक्रेन पर होने वाले किसी समझौते में उनकी भी जगह हाई टेबल पर हो. पर यह न तो ट्रम्प को स्वीकार है और न ही पुतिन इसे मानेंगे.
दूसरे महायुद्ध में जब हिटलर के ख़िलाफ़ लाल सेना पूर्वी मोर्चे पर डटी हुई थी, तब अमेरिका के सहयोग से ब्रिटेन और कुछ यूरोपीय देशों ने नॉरमैंडी लैंडिंग कर फ़्रांस में प्रवेश किया था तथा हिटलर के ख़िलाफ़ दूसरा मोर्चा खोल दिया था. क्या आज यूरोप ऐसा फिर से कर पाने में सक्षम है? अगर यूरोप इस लड़ाई को भड़कायेगा, तो इसका नतीजा तो बड़ा युद्ध ही होगा. पश्चिम यूरोपीय शहरों पर मिसाइले गिरेंगी और पूर्वी यूरोप के अनेक छोटे-छोटे देशों पर रूस का क़ब्ज़ा भी संभावित होगा.
अभी जो लड़ाई चल रही है, वह अब और बढ़ सकती है. रूस की बहुत इच्छा है ओडेसा पर क़ब्ज़े की. अब वह भी संभव है. अमेरिका ने एनर्जी ग्रिड मरम्मत की बड़ी मदद रोक दी है. यूक्रेन में दिये पैसे की जाँच की माँग हो रही है. वहाँ का इंटरनेट और सैटेलाइट संचार अमेरिका की कृपा से चल रहा है.
यूक्रेन में अधिक उम्र के लोग लड़ाई कर रहे हैं. उन्हें ज़बरदस्ती मोर्चे पर भेजा जा रहा है. बड़ी संख्या में सैनिक लड़ाई से भाग रहे हैं. बड़ी संख्या में युवा देश छोड़कर भाग चुके हैं. यूक्रेन की ज़मीन और संपत्ति की बिकवाली लंबे समय से हो रही है. लंपट नव-नाज़ी गिरोहों की हेकड़ी ख़त्म हो चुकी है.
ऐसे में ज़ेलेंस्की को समझ जाना चाहिए कि अमेरिका और यूरोप ने उन्हें प्यादे के रूप में इस्तेमाल किया है. यूरोप तो ख़ुद अमेरिका का पिछलग्गू है, वह क्या आगे मदद कर सकेगा! फ़ादर के सामने नखरे चलते हैं, गॉडफ़ादर के सामने नहीं. कल दुनिया ने फिर यह देखा.