@CMOfficeUP@UPGovt @uphealthmission @Dmbulandshahr @dm_moradabad @DgHealthUP @UPPolice
विषय: MO अमिता सिंह द्वारा मुरादाबाद CMO ऑफिस से स्थानांतरण के बाद ₹1,44,000 का वाहन किराया न चुकाने व विधिक नोटिस की अवहेलना के संबंध में।
महोदय,
उपर्युक्त विषय के संदर्भ में अवगत कराना है कि वाहन Aura (रजिस्ट्रेशन नंबर: UP 21 CX 7191) स्वास्थ्य विभाग (CMO कार्यालय मुरादाबाद) में तैनात चिकित्सक MO अमिता सिंह के पास आधिकारिक ड्यूटी हेतु ₹24,000 प्रति माह के भाड़े पर संचालित थी।
मुख्य बिंदु एवं कानूनी तथ्य:
1. 6 महीने का बकाया व स्थानांतरण: डॉ. अमिता सिंह ने जुलाई 2026 तक लगातार 6 महीने वाहन उपयोग किया, जिसका कुल ₹1,44,000 किराया बकाया है। अगस्त 2026 में उनका स्थानांतरण जिला अस्पताल बुलंदशहर हो गया और वे बिना भुगतान किए स्थानांतरित हो गईं।
2. विधिक नोटिस व कानूनी चेतावनी: अधिवक्ता नौशाद अली खां (मुरादाबाद) के माध्यम से दिनांक 21/08/2026 को प्रेषित लीगल नोटिस के तहत उन्हें 15 दिन की अंतिम समय-सीमा, ₹1,550 नोटिस फीस तथा 18% वार्षिक ब्याज के साथ भुगतान की चेतावनी दी जा चुकी है।
3. टालमटोल व वित्तीय शोषण: बार-बार तकादा करने पर भी ठेकेदारों का बहाना बनाया जा रहा है, जिससे वाहन स्वामी पर बैंक EMI बाउंस होने और भारी वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है।
श्रीमान से नम्र निवेदन:
15 दिवसीय कानूनी नोटिस अवधि के भीतर संज्ञान लेते हुए MO अमिता सिंह (Zila Hospital Bulandshahr) को मूल बकाया ₹1,44,000 एवं नोटिस शुल्क का तत्काल भुगतान करने हेतु निर्देशित करें, अथवा पद के दुरुपयोग पर विभागीय जांच बैठाकर कानूनी कार्रवाई करें।
संलग्न: प्रेषित विधिक नोटिस (Legal Notice Dated 21/08/2026) की प्रति। 🙏
@add_axio@RBI@CyberDost
My experience with Axio has been completely unacceptable and harassing. Their collection agents are calling me and using abusive, insulting language over the phone.
What’s worse is they are calling my personal contacts and relatives, falsely telling them I haven’t paid my loan, which is a blatant violation of privacy and RBI guidelines!
Stop this targeted harassment and threatening behaviour immediately.
#Axio #LoanHarassment #RBI #ConsumerRights
🚨 पुलिस मध्यस्थता में हुए लिखित समझौते का सरेआम उल्लंघन – कार्यवाही की गुहार 🚨
प्रार्थी अरफात आदिल ने अपनी गाड़ी सुमित कुमार शर्मा (पुत्र अनिल कुमार शर्मा, निवासी ग्राम भैंसिया, थाना कटघर, मुरादाबाद) को किराये पर दी थी। गाड़ी के बकाया किराये के रु 78,000 वसूलने के संबंध में प्रार्थी ने पूर्व में आईजीआरएस (सन्दर्भ संख्या 92613500044488) पर शिकायत दर्ज कराई थी।
दिनांक 13-09-2026 को थाना नागफनी परिसर में दोनों पक्षों के बीच एक लिखित समझौता (GD No. 40) पत्र तैयार हुआ था। इस समझौते में विपक्षी सुमित कुमार शर्मा ने लिखित में वादा किया था कि वह 20-09-2026 तक प्रार्थी को पूरे रु 78,000 वापस कर देगा।
वर्तमान स्थिति:
1. 20 सितंबर की अंतिम तिथि बीत जाने के बाद भी विपक्षी ने प्रार्थी को एक भी रुपया वापस नहीं किया।
2. 20 तारीख के बाद से विपक्षी लगातार "आज शाम को दूंगा, कल दूंगा, परसों दूंगा" कहकर रोज गुमराह करता रहा और ऐसे ही बहाने बनाते-बनाते उसने 5 अक्टूबर की नई तिथि भी निकाल दी।
3. प्रार्थी द्वारा लगातार संपर्क करने पर भी विपक्षी केवल नए आश्वासन दे रहा है, जिससे प्रार्थी को गंभीर मानसिक और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
थाना परिसर में हुए लिखित समझौते का इस प्रकार पालन न करना विपक्षी की नीयत पर सवाल खड़ा करता है और यह स्पष्ट रूप से समझौते का उल्लंघन है।
अतः माननीय अधिकारियों से विनम्र निवेदन है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेकर दोषी सुमित कुमार शर्मा को थाना नागफनी तलब किया जाए और सख्त कानूनी कार्यवाही करते हुए प्रार्थी की बकाया राशि (रु 78,000) वापस दिलाई जाए।
@moradabadpolice@uppolice@dmmoradabad@adgzonebareilly@digmoradabad
#MoradabadPolice #JansunwaiUP #UPPolice #Moradabad #IGRS
2). DTO मुरादाबाद की आख्या (पत्र सं. 388/2026) पूर्णतः असंतोषजनक, विरोधाभासी एवं कानूनी विबंध (Principle of Administrative Estoppel) के विरुद्ध है, जिसके मुख्य बिंदु निम्नवत हैं:
1. हस्ताक्षरित जून 2026 बिल पर भुगतान रोकना: DTO ने स्वयं अपनी आख्या में स्वीकार किया है कि जून 2026 की लॉगबुक उनके द्वारा हस्ताक्षरित एवं पूर्णतः सत्यापित (Signed & Verified) की जा चुकी है। जब जून माह की लॉगबुक सक्षम अधिकारी द्वारा पास हो चुकी है, तो वेंडर/विभाग द्वारा जून माह का भुगतान रोकना पूर्णतः अवैध एवं वित्तीय अनियमितता है।
2. ₹76,500 की अवैध कटौती पर पूर्ण मौन: स्वीकृत GeM अनुबंध दर ₹32,500/माह के विरुद्ध दिसंबर 2025 से मई 2026 तक की गई ₹8,500/माह (कुल ₹76,500) की शॉर्टफॉल/कटौती पर DTO या वेंडर द्वारा कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है। बिना किसी आधिकारिक शो-कॉज नोटिस या लिखित आदेश के की गई यह कटौती पूर्णतः गैर-कानूनी है।
3. मौखिक बहानों की आख्या कानूनन अमान्य: DTO द्वारा आख्या में व्यक्तिगत बातों (बीमारी/मौखिक आश्वासन) का हवाला देना अपनी प्रशासनिक लापरवाही को छुपाने का प्रयास है। विभाग या वेंडर के रिकॉर्ड पर प्रार्थी को भेजा गया एक भी आधिकारिक लिखित नोटिस (Deficiency Memo) मौजूद नहीं है।
4. निरंतर सेवा उपयोग एवं आंशिक भुगतान का विरोधाभास: यदि विभाग के अनुसार वाहन के दस्तावेज़ 2023/2025 में समाप्त थे, तो:
- विभाग ने अगस्त 2026 तक वाहन को निरंतर ड्यूटी पर क्यों चलाया?
- दस्तावेज़ एक्सपायर होने के बावजूद मई 2026 तक का भुगतान क्यों जारी रखा गया?
प्रशासनिक नियमों के तहत, जब विभाग ने अगस्त 2026 तक पूर्ण सेवाएं ली हैं, तो बाद में पुराने दस्तावेजों का बहाना बनाकर निष्पादित हो चुकी सेवाओं का भुगतान नहीं रोका जा सकता।
प्रार्थना:
DTO मुरादाबाद की इस भ्रामक एवं एकतरफा आख्या को तत्काल निरस्त किया जाए तथा:
1. वेंडर को जून 2026 के हस्ताक्षरित बिल का भुगतान अविलंब जारी करने का आदेश दिया जाए।
2. जुलाई एवं अगस्त 2026 की उपयोग की जा चुकी लॉगबुक को सत्यापित कर बकाया भुगतान निर्गत कराया जाए।
3. दिसंबर 2025 से काटी गई कुल ₹76,500 की अवैध कटौती का एरियर सह-ब्याज जारी करने हेतु उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच के आदेश दिए जाएं।
@myogiadityanath@DMMoradabad@CMOfficeUP@Brajeshlive
विषय: DTO मुरादाबाद द्वारा हस्ताक्षरित बिलों के भुगतान पर रोक व ₹76,500 की अवैध कटौती के सम्बंध में
वाहन UP21CX0472 DTO मुरादाबाद में 2 वर्ष से कार्यरत है। DTO की असंतोषजनक व विरोधाभासी आख्या (पत्र 388/2026) पर मुख्य बिंदु:
1. Signed Logbook: जब जून 2026 की GPS लॉग-बुक DTO द्वारा स्वयं Signed & Verified है, तो उसका भुगतान क्यों रोका जा रहा है?
2. Expired Docs Par Duty: यदि दस्तावेज़ एक्सपायर थे, तो विभाग ने अगस्त 2026 तक निरंतर शासकीय ड्यूटी पर वाहन क्यों चलाया और मई तक भुगतान क्यों जारी रखा?
3. No Deficiency Memo: विभाग द्वारा दस्तावेज़ नवीनीकरण (Renewal) हेतु प्रार्थी को कभी कोई आधिकारिक लिखित नोटिस क्यों नहीं दिया गया?
4. Illegal Deduction: Dec 2025 से May 2026 तक बिना शो-कॉज़ नोटिस के ₹8,500/माह (कुल ₹76,500) की अवैध कटौती क्यों की गई?
पूर्व बकाया व एरियर न मिलने के कारण प्रार्थी नवीनीकरण में असमर्थ है। श्रीमान @dm_moradabad जी DTO की एकतरफा आख्या निरस्त कर हस्ताक्षरित बिलों व एरियर का तत्काल भुगतान कराएं।
#Moradabad #CMHelpline1076 #Jansunwai #UPGovt #AdministrativeEstoppel
Raised Rs 885 waiver request on 12-Sep for Loan 81665558. 5 days passed, ZERO update from @HDBFS @AskHDBFS!
Manual EMI was paid on 05-Sep itself. Service deficiency at its peak. Filing complaint on @RBI Ombudsman today!
@hdbfsl Requesting a waiver for Rs. 885 bounce charges on Loan A/c 81665558.
An unauthorized ECS hit by a 3rd party on my bank A/c caused a temporary glitch, but I cleared the full EMI manually on the same night.
Requesting your support to waive the fee & clear my track record. Shared proof in DM.
@HDBFS @AskHDBFS Charging Rs 885 bounce penalty for Loan 81665558 when full EMI was manually paid within hours (05-Sep 12 AM) is completely unfair!
The bounce was caused by third-party illegal debit presentation, yet zero support from PNO/Email.
Waive Rs 885 charges immediately! @RBI_Secures cc: @RBI
Received another useless call from @Bajaj_Finance with ZERO resolution for SR172960314 / SR172959681!
Presenting illegal ECS debits on closed loans with valid NOCs is a severe violation. Your failure has caused secondary NACH bounces & penalty losses.
Stop delay tactics. Refund my charges immediately or face @RBI Ombudsman proceedings!
cc: @AskBajajFinance @FinMinIndia @RBI_Secures
@Bajaj_Finance @AskBajajFinance 8 days, multiple template replies, and zero action! Requested bank statements were already emailed.
SR172959681 is unresolved. Stop with generic copy-paste replies. Formal complaint is being filed on @RBI Ombudsman (CMS) for unauthorized ECS and financial damage!