चुनाव आयोग पर संगीन आरोपः अति हो गई
सत्ता की मद में चूर, क्या तभी Brazilian model की तस्वीर इस्तेमाल की गई?
क्यों दें CEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफ़ा?
राहुल गांधी के आरोप ग़लत हैं तो उनके ख़िलाफ़ कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो
चुनाव आयोग की विश्वसनीयता रहेगी तभी रहेगा लोकतंत्र
आपकी राय
It is so sad to read @AkshayaS90's father's posts on Linkedin.
Imagine losing your only child and then paying bribe for her death certificate.
Stuff like this makes you lose faith in humanity.
The institution of Lokpal has been ground to dust by the Modi govt, by keeping it vacant for many years & then appointing servile members who are not bothered by graft & are happy with their luxuries. They are now buying 70L BMW cars for themselves!
भारत सरकार ने प्रधानमंत्री कार्यालय समेत 12 लाख सरकारी ईमेल्स को सरकारी NIC सर्वर से हटाकर निजी कंपनी Zoho के सर्वर पर शिफ्ट कर दिया है।
Zoho के संस्थापक श्रीधर वेंबू वही हैं जो अजीत डोभाल की National Security Advisory Board में सदस्य हैं, UGC में सरकार द्वारा नियुक्त, ABVP के कार्यक्रमों के मुख्य अतिथि, और खुलेआम RSS के समर्थक हैं।
अब सोचिए - जब सरकार खुद अपने गोपनीय ईमेल्स को ऐसे व्यक्ति की कंपनी के सर्वर पर रखेगी जो सत्ता की विचारधारा से गहराई से जुड़ा है, तो डेटा सुरक्षा नहीं, राजनीतिक निगरानी होगी।
अमित शाह का “एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन” वाला दावा सिर्फ़ एक परदा है, जिसके पीछे निजता का खुला सौदा चल रहा है।
यह ‘स्वदेशी नवाचार’ नहीं, संघदेशी समर्पण है।
देश का डेटा अब सुरक्षा के लिए नहीं, सत्ता के लिए इस्तेमाल होगा।
#Zoho #RSS #DataScam #PrivacyBreach #NationalSecurity #zohomail #ATMShillong
इंदौर कलेक्टर को खुला खत
RTI आवेदन बार-बार लगाने वालों की सूची तैयार करने का आपका विचार स्वागत योग्य है। पर साथ ही, कुछ और सूचियों की जरूरत है :-
👉 एक सूची उन भ्रष्ट अधिकारियों की भी बनाएं, जिनके दफ्तरों में बार-बार RTI आवेदन लगाए जाते हैं।
👉 एक सूची उन भ्रष्ट कामों की भी बनाएं, जिनकी जानकारी को बार-बार RTI में छिपाने का प्रयास किया जाता है।
👉 एक सूची उन अधिकारियों की भी जारी करें, जो कहते हैं कि RTI की वजह से “विकास कार्य” रुक रहे हैं।
👉 एक सूची उन अधिकारियों की भी बनानी चाहिए, जो RTI लगाकर ब्लैकमेल करने वालों के विरूद्ध BNS की धारा 351 के तहत FIR दर्ज नहीं कराते। जबकि BNS में FIR दर्ज़ कराने के स्पष्ट प्रावधान है।
👉 और एक सूची उन अधिकारियों की भी बननी चाहिए, जिनके पक्ष में कुछ तथाकथित RTI आवेदक “संतुष्टि का प्रमाण पत्र” देकर, सूचना आयोग में अपीलों को खारिज करवाने का खेल खेलते हैं।
मप्र में सूचना आयुक्त रहते हुए मैंने कुछ RTI आवेदक और अधिकारी के मैच फिक्सिंग के खेल को बेहद करीब से देखा और संभवत मैं देश में एक मात्र सूचना आयुक्त रहा जिसने RTI आवेदक के संतुष्टि प्रमाण पत्र के बावजूद अधिकारियों के विरुद्ध पेनल्टी लगाने की कार्रवाई की।
मुझे इस बात की भी छोटी सी जिज्ञासा है कि वह कौन से ऐसे पावन, पुनीत विकास कार्य है जिसको लेकर हमारे ईमानदार अधिकारी ब्लैकमेल हो रहे हैं।
वैसे, प्रशासन का इतना कीमती समय इतनी सारी सूचियां बनाने में नष्ट न हो, इसका एक सरल उपाय भी है:-
पिछले 19 वर्षों से RTI Act 2005 की धारा 4 में स्पष्ट प्रावधान है कि सभी सार्वजनिक जानकारियां स्वतः पब्लिक डोमेन में उपलब्ध कराई जाएं। अगर यह प्रावधान पूरी ईमानदारी से लागू कर दिया जाए, तो RTI का टंटा ही ख़त्म हो जाएगा।
हाँ, ये बात अलग है कि जब प्रशासन के सारे कामकाज पारदर्शिता से पब्लिक के सामने आने लगेंगे, तो जिस “विकास कार्य” में तेजी लाने की बात की जाती है, वहाँ शायद मंदी का माहौल बन जाए। ख़ैर आप सूची बनाए। ये जो पब्लिक है सब जानती है 😎
सूचियों के इंतजार में।
राहुल सिंह
पूर्व राज्य सूचना आयुक्त
'मेरे रेस्टोरेंट में कल 50 रूपये की सेल हुई है..'
बाढ़ पीड़ित महिला जब शिकायत करने सांसद कंगना रनौत के पास पहुंची तो सांसद कंगना ने पीड़ित महिला की सुनने के बजाय उसे ही सुना दिया अपन दुखड़ा
#Manali
मोदी सरकार की वसूली बरकरार!
अब बाइक चलाने वालों से भी जबरन टोल टैक्स वसूला जाएगा
और जो टोल टैक्स देने में आनाकानी करेगा उस पर 2,000 रुपए का जुर्माना भी लगेगा
'Thank You' मोदी जी तो बनता है!
भारतीय रेल का नया नियम:
पैंट्री से खाना लो, पर ज़बान मत खोलो,
शिकायत की तो बिरयानी नहीं, बैंड बजेगा।
यात्रियों की सुरक्षा अब भरोसे पर नहीं, पिटाई पर आधारित है।
कहीं इमरजेंसी में किसी को कॉल लगाना है तो पहले 30 सेकेंड अमिताभ बच्चन की बकवास सुनो,नेटवर्क फेल हो गया या फिर सामने वाले का फ़ोन बिजी है तो फिर से नंबर डायल कर पुनः वही बकवास सुनो…
इस बकवास के संबंध में जानकारी के लिए दूरसंचार मंत्रालय को मैंने 10/-₹ का आरटीआई आवेदन इन दो बिंदुओं पर लगाया है,फ़ोन पर ये कर्कश आवाज़ नहीं रुकती है तो इसको लेकर कोर्ट कचहरी भी करूँगा।
1)फ़ोन में अभिनेता अमिताभ बच्चन की आवाज़ सुनाने के लिए जारी किए आदेश की सत्यापित छायाप्रति उपलब्ध करायें
2)इस हेतु अमिताभ बच्चन को भुगतान की गई राशि की जानकारी दें ,तथा यह भी जानकारी प्रदान करें की यह कर्कश आवाज़ सुनाने का आदेश कब समाप्त हो रहा है।
1)Provide a certified copy of the order issued to play the voice of actor Amitabh Bachchan on the phone
3)Please provide the information about the amount paid to Amitabh Bachchan for this, and also provide information as to when this order to play the harsh voice will expire.
पतलून गीली न हो जाए, इसलिए अब पाकिस्तान में पहने जा रहे हैं डायपर!
Operation Paapistan के एपिसोड-1 में देखिए, पाकिस्तान को किस तरह सता रहा मोदी जी का खौफ, कैसे #OperationSindoor से डरे हुए पाकिस्तानियों को सता रहा है पतलून गीली होने का डर...
फार्मास्यूटिकल डिपार्टमेंट ने व्यक्तिगत जानकारी का आधार बनाते हुए RTI में उन 30 डॉ के नाम उजागर करने से मना कर दिया जिन्हें प्राइवेट फार्मा कंपनी की दवा मरीज़ों को देने के एवज़ में मोटी घूस मिली थी।
वैसे इन 30 डॉक्टरों में से कोई आपका या आपके परिजनों का इलाज तो नहीं कर रहा है 🫣