@bhupeshbaghel@drramansingh तलाशी अभियान के दौरान, 10.5 लाख रुपये की नकदी, विभिन्न अपराध-संकेती दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, वित्तीय रिकॉर्ड और परिवार के सदस्यों और उनकी संस्थाओं के नाम पर लगभग 75 करोड़ रुपये की संपत्ति से संबंधित अभिलेख बरामद कर उन्हें जब्त कर लिया गया।
@ChhattisgarhCMO@vijaysharmacg
ईडी, लखनऊ आंचलिक कार्यालय ने मेसर्स संतोष ओवरसीज लिमिटेड (एसओएल), इसके प्रमोटरों, निदेशकों और संबंधित संस्थाओं के विरुद्ध एसओएल द्वारा लिए गए बैंक ऋण की धोखाधड़ी से हेराफेरी और विपथन के मामले में, जिसके कारण बैंकों के संघ को लगभग 450 करोड़ रुपये का गलत नुकसान हुआ,@bhupeshbaghel
@bhupeshbaghel चल रही जांच के संबंध में दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पंजाब में स्थित दस परिसरों में पीएमएलए, 2002 के तहत तलाशी अभियान चलाया है। एसओएल द्वारा लिए गए बैंक ऋणों को धोखाधड़ी से डायवर्ट करने और गबन करने के मामले में, कंसोर्टियम बैंकों को 450 करोड़ रुपये का गलत नुकसान हुआ@drramansingh
शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी से मुक्त होने वाले धर्मेंद्र प्रधान को बीजेपी संगठन में बड़ी ज़िम्मेदारी दे सकती है। सूत्रों से मिली खबर के अनुसार धर्मेंद्र प्रधान को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी का चुनाव प्रभारी बनाया जा सकता है।
@CJP_for_India गांधी जी के मार्ग पर चलना अच्छा है, पर मीडिया और पुलिस वालों के साथ जो हुआ वह क्या सही था। इस पर आपकी पार्टी या आपके प्रवक्ता जी ने अभी तक कुछ नहीं बोला है। आपसे निवेदन है इस पर भी आप लोगों की तरफ से बयान आने चाहिए।
*सवाल क्रमांक 3* : इससे पहले भी कई आंदोलन छात्रों द्वारा किया गया है। और छात्रों तक ही सीमित रहा। क्या यह भी छात्रों तक सीमित रहेगा या फिर यूथ को साध कर तीसरी पार्टी बनाकर चुनाव लड़ने की तैयारी का आगाज तो नहीं ।
*जंतर मंतर की कार्रवाई*, *किस मोड़ पर ले जाएगी*
*राजनांदगांव* । देश और शहर में सिर्फ एक ही चर्चा ज्यादा चल रही है। वह है जंतर मंतर में हुई कार्रवाई को लेकर। जंतर मंतर की कार्रवाई अब छत्तीसगढ़ तक पहुंच गई है। लगातार अलग अलग जिले में प्रदर्शन किया जा रहा है।
*सवाल क्रमांक 2* : जब पेपर लीक हुआ और छात्रों के भविष्य पर एक बड़ा प्रभाव देखने को मिला। Neet पेपर दोबारा हुआ। *क्या छात्रों की भावनाओं को ढाल बनाकर राजनीतिक रोटी सेकने का काम तो नहीं हो रहा है ।*