अमन @AmanChopra_ आपको सकुशल देखकर सचमुच अच्छा लगा।
अब ‘लोकतंत्र की हत्या’ का रट्टा लगाने वाले पालतू पत्रकार कहीं दिखाई नहीं देंगे। कंठ से आवाज़ भी नहीं निकलेगी।
ये पूरा ecosystem नितांत कपटाचारी है..सुविधा से नैरेटिव गढ़ता है और अपने ही बनाए शोर में सच को दबा देता है।
Chad Dr. Syed Rizwan Ahmed is on PROTEST which no body is covering 🔥
Bro is fighting legally with Govt to ensure Cockroaches who misbehaved pays heavy penalty and no FIR to be taken back.
He also says, beneficiaries of paper leak were also GenZ. You can't firgive all GenZs 🔥
फिर से फ़र्ज़ी SC/ST।
मेडिकल का टैलेंटेड छात्र वैभव जैन।
>> कक्षा की एक लड़की ने कहा — मेरी बहन का स्कोरर बन जा। वैभव ने मना कर दिया।
— नतीजा? >> फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बनाकर अश्लील फोटो अपलोड किए।
>> फिर SC-ST एक्ट + 354 का केस ठोक दिया। 50 दिन जेल।
>> सेकंड ईयर की परीक्षा हथकड़ी में दी।
>> MBBS पास करने के बाद सरकारी नौकरी नहीं मिली।
>> सदम में पिता को पैरालिसिस हो गया।
>> छह साल बाद कोर्ट ने सब झूठा पाया और बरी कर दिया। >> लड़की खुद अवैध एडमिशन के कारण पहले ही कॉलेज से निकाली जा चुकी थी।
>> जाति प्रमाण पत्र की फोटोकॉपी तक कोर्ट ने मानने से इनकार कर दिया।
एक इनकार। एक झूठा केस। एक पूरा करियर और परिवार तबाह।
SC-ST एक्ट अब सुरक्षा नहीं, हथियार बन चुका है। और सरकार अभी भी चुप है।
दरबारी पालतुओं सुनो….
अनशन करने वाला छात्र ICU पहुंच गया है। उसका वज़न 5kg कम हुआ और उसे साँस लेने में तकलीफ़ हो रही है लेकिन तुम्हारी यहां आने की हिम्मत नहीं है।
फिर पूछते हैं, जंतर मंतर और झारखंड में क्या फ़र्क़ है।
7PM TAP के YT channel पर LIVE
🚨Dear Gen Z !!! … 👇
🚨 The Weather is Extreme
Yet He is holding a Gun to Guard us !!
🚨 He is Not a Normal Human
He is a Jawan from the Indian Army !!
🚨 Never Cheat his Hardwork
By supporting the Tukde Tukde Gang !!!
अपने हक़ के लिए लड़ो
लड़ नहीं सकते तो लिखो।
लिख नहीं सकते तो बोलो।
बोल नहीं सकते तो साथ दो।
साथ भी नहीं दे सकते तो जो लिख बोल और लड़ रहे है उनका सहयोग करो।
ये भी ना कर सको तो उनका मनोबल ना गिराये क्योकि वो आपके हिस्से की लड़ाई लड़ रहे है।
#studentmovement#studentmovement
#StudentProtestJharkhand
@airtelindia my Wi-Fi is not working from last 18 days and I have mailed at [email protected], mail didn't received and calling your customer care from last 3 days, they are making excuses and even your technical support Lavkush also didn't responded.
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स्थान: श्री हनुमान गढ़ी मंदिर अयोध्या जी मंदिर।🚩
समय: साल 1998 का एक अघोषित दिन।
मंदिर परिसर में लगे ठंडे पानी की मशीन के पास बैठा एक छोटा सा वानर मुंह में दो बिजली के तारों को लिए चबाए जा रहा था, मानों कोई फल हो।
पूरा मंदिर खाली करा लिया गया था, एक एक श्रद्धालु और एक एक दर्शनार्थी।
केवल पुलिस बल और बम निरोधक दस्ता वहां उस समय हनुमान गढ़ी मंदिर के भीतर था, और वे सभी के सभी उस छोटे से वानर को बिजली का तार चबाते हुए देख रहे थे।
पर मंदिर पूरा खाली क्यों था और पुलिस के साथ में बम निरोधक दस्ता वहां क्या कर रहा था?
इसे थोड़े से में बता रहा हूं क्योंकि 1998 में घटी ये सत्य घटना आज तक किसी अखबार या न्यूज चैनल में ये घटना दिखाई नही गई है अयोध्या के अति संवेदनशील होने के कारण।
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पुलिस को अंदेशा हो गया की हो ना हो इसी मशीन में बम फिट किया गया है, उन्होंने उस वानर के मुंह से तार छुड़ाने के लिए केले उसकी ओर फेंके।
और केले जैसे ही उस वानर की ओर फेंके गए वैसे ही वो तार छोड़कर बिना केले लिए वहां से उतरकर चला गया या यूं कहूं लुप्त हो गया।
तुरंत ही बम निरोधक दस्ता वहां बुलवाया गया और जैसे ही मशीन खोली गई, उसमे से एक टाइमर सेट किया गया बम पाया गया।
"सर इस बम को तो डिफ्यूज (नष्ट) किया जा चुका है! ये देखिए टाइमर 3 सेकेंड पर रुक चुका है!"
"उस छोटे से बंदर ने तार काटकर बम को फटने से रोक दिया है!"
बड़े उत्साह के साथ बम निरोधक दस्ते के उस सिपाही ने सूचना दी।
और कुछ ही देर में सारे पुलिस बल ने हनुमान गढ़ी मंदिर के शिखर पर वही छोटे से वानर को देखा, जो शिखर के कलश को सहला रहा था।
मित्रों आप ही बताइए वो छोटा सा वानर था या फिर भक्त प्रवर श्री हनुमान जी महाराज संसार से कुछ कह रहे थे!
निश्चित ही वो हनुमान बाबा थे और वो ये डंके की चोट पर सारे संसार को बता रहे थे की अवध मेरे प्रभु श्रीराम की है और इसकी ओर जब जब संकट आएगा तब तब एक वानर आकर इस अवध की रक्षा करेगा।
अपने प्रभु की परम प्रिय नगरी पर आंच भी नही आने देगा
🚩🚩जय श्री राम 🚩
मैं खुद हिंसक आंदोलन का समर्थन नहीं करता।
लेकिन महिपाल मकराना चीज अलग है।
मैंने उसके पैरों के छाले देखे हैं।
मशाल से जली पीठ पर फफोले देखें हैं।
उसने आजतक किसी जाति पर गलत टिप्पणी नहीं की।
600 किमी चलकर बाकायदा परमिशन लेकर मार्च निकाला।
कार्यकर्ता संयमित रखे।
फिर भी लाठीचार्ज...?🤔
एक युवक की दुःखद मौत भी होगी।
भजनलाल ज़ी...माथे पर लगा यह कलंक शायद ही धुल पाए।
गांधीवाद से विश्वास उठने मत दीजिए... शीघ्र दोषियों पर कार्रवाई कीजिये। 🙏
#JusticeForDevrajSingh
The application for permission to hold the protest has already been submitted. The only thing remaining is the final approval from the DCP office.
As the news spread widely, the DCP office contacted me directly. I also want to clarify that while the final confirmation is still pending, we have officially applied to hold the protest on 21 August.
I hope we will receive permission for the protest on 21 August. I will keep everyone updated as soon as there is any official confirmation.
झारखंड आंदोलन का यह वीडियो देखकर मुझे महाभारत का एक प्रसंग याद आ गया
जब भीष्म पितामह सरशैया पर थे तब भगवान श्री कृष्ण ने सभी पांडवों को उनके पास भेजा और साथ में द्रोपती भी थी
फिर भीष्म पितामह के धार्मिक बातों को सुनकर द्रोपदी मुस्कुराने लगी
तब भीष्म पितामह ने पूछा कि द्रोपदी तुम यूं ही नहीं मुस्कुरा सकती मैं धार्मिक प्रवचन दे रहा हूं और तुम मुस्कुरा रही हो इसका कारण क्या है ?
तब द्रौपदी ने कहा था पितामह जब भरी सभा में मेरे वस्त्र उतारे जा रहे थे तब आप खामोश थे और आज आप धार्मिक बातें कर रहे हैं यही सोच कर मुझे हंसी आ गई
तब भीष्म पितामह ने कहा था की बेटी द्रोपती उस वक्त मैं कौरवो के साथ रह रहा था मैं उनका खाना खा रहा था मैं उनका अन्न खा रहा था और उनके अन्न से मेरे विचार भी दूषित हो गए थे
यानी कि आप कहां का भोजन खाते हो कैसा भोजन खाते हो यह आपके आचार विचार पर बहुत प्रभाव डालता है
झारखंड में छात्र आंदोलन कर रहे हैं कोई गाली नहीं दिया जा रहा कोई गंदे अश्लील बातें नहीं बोली जा रही कोई गंदी-गंदी मिम्स लेकर नहीं खड़ा है कोई पत्थर बाजी नहीं हो रही है भारत के टुकड़े होने के आजादी के या भारतीय सेना पर खराब बातें नहीं बोली जा रही
या किसी आतंकी के रिहाई की बात नहीं हो रही
क्योंकि यहां मंदिरों से सात्विक भोजन आ रहा है
जंतर मंतर पर कोई अब्दुल कोई असलम कोई इमरान बिरयानी बोटी कबाब वह भी थूक मिलाया हुआ गंदा बदबूदार चीज खिला रहा था
और वही गंदी थूक मिली थूकलीगी जमात की दूषित चीजे खाकर जंतर मंतर के लोगों का सोच भी एकदम नीच घटिया और दूषित हो चुका था
महिपाल सिंह मकराना बोले ; हम चाहते हुए CM हाउस के अंदर घुसने की हमारी औकात थी, लेकिन हमने ऐसा नहीं किया"
स्वर्ण समाज को ओबीसी से टाइड जा रहा है, SC -ST को हमसे 80 साल लगले अलग कर दिया गया। आज वे हिंदू ना होकर बौद्ध हो गए हैं, क्रिश्चियन हो गए है, मुस्लिम हो गए हैं। उसने हिंदू देवी - देवताओं को गालियां निकलवाई जा रही है। अब हमें मूल ओबीसी का जो समाज है, जो हमारे जीवन से मृत्यु तक साथ रहने वाली कौम है। अब उनको हमसे दूर करने के लिए ये ये लोग UGC लेकर आए हैं।
हम लोग यहां गांधीवादी तरीके से आए है, आपको हमारी 24 दिन की 800 किलोमीटर की पैदल यात्रा आखिर क्यों रास नहीं आई ? क्या आपको उसी तरह के आंदोलन पसंद है जिसमें आपकी बहन -बेटियों को गाली निकाली जाए ? आपकी मातृ शक्ति को गाली दी जाए ? गंदे - गंदे स्लोगन लिखे पोस्टर लाए जाएं ? पुलिस के मुठभेड़ की जाए ? ऐसे लोग जो हाथापाई करे ? वो ही पसंद है ?
मकराना ने कहा कि हम हाथ में गीता और संविधान लेकर चल रहे थे। इनको संविधान से चलना है या लाठी - भाटे से चलना है ? मकराना का आरोप है कि "हमारे शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बदनाम करने के लिए इन्होंने हर एक वो हथकंडा अपनाया।"
मकराना ने कहा कि लेकिन, हमने इनको वापस प्रतिउत्तर नहीं दिया....हालांकि, हम उनको प्रतिउत्तर देने के लिए इनसे 20 गुना ज्यादा थे। अगर, हम चाहते हुए CM हाउस के अंदर घुसने की हमारी औकात थी। लेकिन, हम संविधान से चलने वाले लोग है, इसलिए रुक गए।