बाराबंकी का हेतमापुर। 1 महीने पहले आबाद था। किसी तरह का कोई खतरा नहीं। गांव में गुरू नारायण का प्रसिद्ध मंदिर है। कलावती इसी मंदिर के सामने अपने से तैयार किया हुआ प्रसाद बेचती थीं। गांव के पास से गुजरी सरयू-घाघरा नदी ने अपना रास्ता बदल लिया। एक के बाद एक पक्के मकान नदी की तेज धार के बीच तिनके की तरह बह गए। इसी में कलावती का पक्का मकान भी चला गया।
गांव काटते हुए नदी अब प्रसिद्ध नारायण दास मंदिर के एकदम करीब आ गई। जिले के तमाम विधायक सीएम योगी के पास पहुंचे। गुहार लगाई कि मंदिर और गांव बचा लीजिए। सीएम ने आदेश दिया। काम शुरू हुआ। लेकिन नदी की रफ्तार ऐसी है कि कटान लगातार जारी है। गांव की मस्जिद आधी लटक गई।
मौके से रिपोर्ट की है। भास्कर पर पढ़ व देख सकते हैं: https://t.co/04vzCH5BLV
'Pushkar Selling Uttarakhand'- हम ऐसी बात क्यों कर रहे हैं- वो आपको समझ आएगा 👇
• T-20 क्रिकेट टीम की तरह ही BJP के पास एक 420 टीम है
• BJP की इस टीम ने 86 नियमों में से 84 नियम बदल दिए
• फिर इन बदले नियमों के आधार पर टेंडर की प्रक्रिया को बदला गया और काम अडानी को सौंप दिया गया
यानी एक बार फिर से 'गौतम शरणम् गच्छामि' हो गया....
: AICC मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन @Pawankhera जी
📍 दिल्ली
🇳🇵 Nepal tunnel survivor reunites with family after miracle rescue
Sanjay Sah is welcomed home by family and friends after surviving in darkness inside a flooded tunnel in Nepal for 10 days, drinking muddy water and losing all sense of time as he desperately prayed for rescue.
AI हम सबको मार डालेगा?
Artificial intelligence (AI) ने चार साल में हमारी दुनिया बदल कर रख दी है. कभी वो गणित के अनसुलझे सवालों को सुलझा लेता है तो कभी हमारी नौकरी खाने पर आ जाता है. अब Anthropic AI के रिसर्चर ने यह कहकर इस्तीफ़ा दिया है कि AI दस साल में मानवता को ख़त्म कर सकता है, इस दावे से सनसनी फ़ैल गई है कि क्या AI की अंधी दौड़ में सावधानी से मुँह मोड़ लिया जा रहा है?
हिसाब-किताब AI के ख़तरे का .
जैकब कॉक्सन Anthropic (Claude) में रिसर्च का काम करते थे. यह कंपनी दावा करती रही है कि OpenAI (ChatGPT) के मुक़ाबले ज़्यादा ज़िम्मेदार है, बल्कि Claude बनाने वाले डारियो अमोडेई ने OpenAI को यह कहकर छोड़ा था कि वो पैसे बनाने के लिए जल्दबाज़ी कर रही है. जैकब भी OpenAI में काम कर चुके हैं. उन्होंने Anthropic से पिछले हफ़्ते इस्तीफ़ा दे दिया. उनका आरोप है कि मानवता पर ख़तरे को लेकर AI कंपनियाँ गंभीर नहीं हैं.
जैकब की आशंका पर Anthropic के CEO और फाउंडर डारियो अमोडेई ने भी एक तरह से मुहर लगा दी है. उन्होंने जैकब के आरोपों पर सीधे जवाब तो नहीं दिया है लेकिन उन्होंने AI के ख़तरे पर ब्लॉग लिखा है. उन्होंने AI कंपनियों से अपील की है कि डेवलपमेंट के काम को धीमा करें. AI के ख़तरे को देखकर सुरक्षा चाक-चौबंद की जानी चाहिए वरना 6 से 12 महीनों में AI एजेंट का झुंड इंटरनेट को ठप करने की ताक़त रखता है. OpenAI के फाउंडर सैम अल्टमन और xAI के फाउंडर एलन मस्क ने डारियो का समर्थन किया है.
डारियो के ब्लॉग से पहले Anthropic की सुरक्षा रिपोर्ट भी आई है. रिपोर्ट में बताया गया है कि Claude AI का दुरुपयोग करने की कोशिश कैसे और कहाँ की गई है.
उत्तरी यमन में Claude की मदद से मिसाइल बनाने की कोशिश की गई.
Claude की मदद से Bio Weapon बनाने की कोशिश भी हुई है. चिकनगुनिया और एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस के साथ छेड़छाड़ की गई थी. इसका इस्तेमाल बीमारी फैलाने के लिए हो सकता था. मतलब मानवता को नष्ट करने की कोशिश में AI की मदद लेने के सबूत मिले हैं.
जैकब जिस ख़तरे की बात कर रहे हैं वो यह नहीं है. अभी तो आदमी ही AI का इस्तेमाल करते हुए ख़तरे पैदा कर रहा है, लेकिन AI हमसे तेज़ हो गया तो क्या होगा? अभी तो वो हमारे कहने पर चल रहा है लेकिन साथ में वो खुद भी सीख रहा है. जब वो हमारे क़ाबू से बाहर निकल जाएगा तो दो तरह के खतरों की बात हो रही है.
AI खुद Bio weapon बनाकर हमें खत्म कर सकता है, मानो कोई वायरस ही बनाकर छोड़ दे.
दूसरा ख़तरा है कि AI हमारी ज़िंदगी के हर हिस्से में है. बिजली सप्लाई हो, एयरपोर्ट, रेलवे, सेना. वहाँ से भी AI तबाही मचा सकता है.
सबको इन ख़तरों के बारे में पता है लेकिन कोई इस रेस में पीछे नहीं छूटना चाहता है. एक रेस अमेरिका और चीन में चल रही है. दूसरी रेस अमेरिकी कंपनियों जैसे OpenAI और Anthropic में चल रही है. ये कंपनियाँ IPO लाने की तैयारी कर रही हैं. अमेरिका की सरकार भी कंपनियों को कसने के मूड में नहीं है क्योंकि चीन के आगे बढ़ने का डर है. एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ दुनिया को ख़तरे में डाल सकती है और यह बात तो अब डारियो ही कह रहे हैं.
#रीवा में आज एक ऐसा दृश्य सामने था, जिसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है! जब कल्पना मिश्रा के पिताजी से मिला, मन बहुत भारी और भावुक हो गया! उनके सामने बैठा तो पीड़ा को व्यक्त करने वाले सारे शब्द छोटे पड़ गए!
एक पिता की आंखों में अपनी बेटी को खोने का असहनीय दर्द था! एक ऐसा दर्द, जिसे कोई सांत्वना कम नहीं कर सकती! कल्पना आज भले ही इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी याद उनके पिता की हर सांस में है!
मैंने उनके चेहरे पर सिर्फ आंसू नहीं देखे! एक पिता का अपनी बेटी के लिए न्याय मांगता हुआ मौन भी देखा! कल्पना को वापस तो नहीं लाया जा सकता, लेकिन उनके साथ हुए अत्याचार को सच के रूप में अब सामने आना चाहिए!
प्रदेशवासियों,
मैं उनके पिता से यही कहकर आया हूं, आप अकेले नहीं हैं! कल्पना के न्याय की इस लड़ाई में कांग्रेस आपके साथ खड़ी है! अपने मप्र का हर नागरिक भी न्याय की आवाज उठाएगा! हम मिलकर इस अन्याय के खिलाफ लड़ेंगे!
@rshuklabjp@narendramodi@DrMohanYadav51
दिल्ली के यादव नगर के समीर की कहानी👇
• समीर का रिक्शा चोरी हो गया
• उसने ख़ुद ही मेहनत करके चोर का पता लगाया
• न्याय की उम्मीद में पुलिस के पास पहुंचा, लेकिन अमित शाह की पुलिस ने मदद करने के बजाय उसी के साथ मारपीट की
वाह रे अमित शाह की दिल्ली पुलिस!
So karthik sahni and bittu Tabahi, which means rivers are cleanable, and it can be done even by singular efforts, which would mean all these municipalities are just sitting and eating up all those funds these years?
Going by these two examples... We could have clean water bodies literally in one year... Is the corruption so seeped in, ki literal zero kaam kr rhi hai municipalities..
देश की प्रति व्यक्ति आय 2,813 डॉलर प्रति वर्ष है जिसके साथ भारत की दुनियां में रैंक 144 है।
> लेकिन अगर अंबानी– अदानी की संपत्ति को हटा दें तो देश की प्रति व्यक्ति आय सिर्फ $2,700 रह जाएगी।
> अगर देश के शीर्ष 10 अमीर लोगों को हटा दिया जाय तो देश की प्रति व्यक्ति आय सिर्फ $2,500 रह जाएगी।
> अगर देश के शीर्ष 200 अमीर लोगों को हटा दिया जाय तक देश की प्रति व्यक्ति आय सिर्फ $2,150 रह जाएगी।
> अगर देश के शीर्ष 1% अमीर लोगों को हटा दिया जाय तो देश की प्रति व्यक्ति आय सिर्फ $1,730 ही रह जाएगी।
> अगर देश के शीर्ष 5% अमीर लोगों को हटा दिया जाए तो देश की प्रति व्यक्ति आय सिर्फ $1,130 ही रह जाएगी— यह आंकड़ा अफ्रीका के गरीब देशों के बारबार है जो शर्म की बात है।
यह अंतर देश में धन और इनकम की असमानता को दर्शाता है जहां देश की कुल संपत्ति का आधा हिस्सा सिर्फ 5% लोगों के पास है और बाकी आधे में देश की 95% जनता गुजारा कर रही है
Serious allegations by a sitting SC judge against an Acting CJ and a huge cash haul at a Delhi HC judge’s residence, followed by indictment in an inquiry under the Judges (Inquiry) Act—yet no visible action.
Delay may save an individual, but destroys the institution.
आवाज उठाने से क्या होता है?
आवाज उठाने से यह होता है।
सुभाष चंद्रा को लगा वही वक़्त है। मनमाने फ़ैसला अपने हक़ में लेंगे फिर उसपर सवाल उठाने वाले को “सवाल जिहाद “ बता कर बदनाम कर देंगे।
लेकिन वह और दौर था।
सवाल उठने के बाद सारे बैंक सुभाष चंद्रा को मिली कर्ज माफ़ी के फ़ैसले को चैलेंज कर रहे हैं!
'एसपी ऑफिस के पीछे कमरे में मेरे सारे कपड़े उतरवाए। एसपी देहात ने पैर खुलवाकर बीच में डंडा मारना शुरू किया। कुछ देर बाद SSP अविनाश पांडेय आए। कहा कि अब इसे थाने लेकर जाओ। वहां रातभर मेरी पिटाई होती रही। पीने के लिए पेशाब दी गई।'
पुलिस ने यह बर्बरता मेरठ के रवि गौतम के साथ की। रवि ने यह बातें हमसे शेयर करते हुए कहा- ‘ललिता हत्याकांड के धरने में शामिल होना क्या मेरी गलती थी। 24 घंटे मुझे क्रिमिनल की तरह टॉर्चर किया गया।’
सिर्फ रवि गौतम ही नहीं, IPS अविनाश पांडेय पर 2 और लोग टॉर्चर करने के आरोप लगा रहे हैं। दिग्विजय भाटी और अनिल प्रधान। दिग्विजय भाटी का आरोप है- ‘जब मुझे पुलिस टॉर्चर कर रही थी, तब वीडियो कॉल पर अविनाश पांडेय को यह सब दिखाया जा रहा था। हमारी चीखें निकल रही थीं और वह हंस रहे थे। अनिल प्रधान की कहानी भी कुछ ऐसी ही है।’
पूरी रिपोर्ट आप भास्कर पर पढ़ सकते हैंः https://t.co/CLX5H3nAcO