माँ
को शहर की ऊँची बिल्डिंगें, लम्बे चौड़े रोड अच्छे नहीं लगते
उसे तो गांव, चबूतरे, खेत और पगडंडी ही भाते हैं
उसे
शहर के कोलाहल आपा-धापी से नफ़रत है
उसे भाता है फुर्सत में चबूतरे पर बैठना
लोगों का
आना जाना देखना
आते जाते लोगों से
हाल-चाल पूँछना
अच्छा लगता है
#HappyMothersDay
माँ को
शहर के बन्द मकानों में
घुटन होती है
बमुश्किल
कार में बैठती है
उसे गांव में
पगडंडी पर पैदल
जाना
और फिर लोगों से
मिलते बात करते
वापस आना
अच्छा लगता है
शहर में आते ही
बीमार हो जाती है
जरुरत नहीं है
उसे अच्छे भोजन
अच्छे कपड़ों की
#HappyMothersDay