पिछले 98 वर्षों में संघ का विरोध करने वालों की सूची-
अंग्रेज-ब्रिटीश
कांग्रेसी नेता
वामपंथी नेता-पार्टी-केडर-लेखक-पत्रकार
मुस्लिम नेता- गुण्ड़े-आतंकी
चर्च-कन्वर्जन गिरोह
नक्सल समर्थक
आतंकवादी संगठन लश्करे तौयेबा के बाद
संजय दीक्षित @JaipurDialogues
संदीव देव @IndiaSpeaksISD
@indiafirsttv The Ideological Industry of Toxic OTT: A Cultural War Against India and Hindu Society — Kailash Chandra .
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जो नेहरू नहीं कर पाए... वो आज के कांग्रेसी क्या खाक कर लेंगे? RSS के खिलाफ तीन नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है... प्रियांक खड़गे, वीडी सतीशन और गहलोत जी तीनों आरएसएस के खिलाफ लगे पड़े हैं...
यही दुस्साहस नेहरू ने भी किया था... वो अपने पत्रों में संघ को खतरा बताते थे, लेकिन जिन्ना की मुस्लिम लीग को क्लीन चिट देते थे... कांग्रेस का ये मुस्लिम लीग वाला प्यार आज भी केरल में दिखता है... केरल के सीएम नाराज़ हैं कि तीन वाइस चांसलर्स संघ के कार्यक्रम में क्यों गये... बोल रहे हैं कि इन तीनों को माफी मांगना चाहिए...
कुछ ऐसा ही नेहरू भी करते थे... एक बार सर्वपल्ली राधाकृष्णन (जो बाद में राष्ट्रपति बने) संघ की शाखा में चले गये थे... तब नेहरू उनसे नाराज हो गये थे... और पत्र लिखकर बोले कि “हमारी समस्या यह नहीं है कि पाकिस्तान क्या करता है… बल्कि हमारी समस्या यह है कि हमारे अपने बहुत से लोग क्या करते हैं।”... यानी नेहरू की नज़र में पाकिस्तान से भी खतरनाक था संघ!!!
नेहरू तो गांधी की हत्या से एक महीने पहले से ही संघ के खिलाफ प्लानिंग और प्लॉटिंग में जुट गये थे... हत्या हुई तो मौका हाथ लग गया... प्रतिबंध लगा दिया... लेकिन साबित कुछ नहीं हुआ... नतीजा संघ का कुछ नहीं बिगाड़ पाये... संघ 100 वर्ष का हो गया... कांग्रेस चार राज्यों में सिमट गई...
अब आप बताइये जो दुरुह कार्य नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी नहीं कर पाये... क्या वो ये तीन लोग कर पाएंगे?
देश के जाने माने खिलाड़ी पद्मश्री जसपाल राणा के असामयिक निधन पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गहरा शोक व्यक्त करता है। वे अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित निशानेबाज़ होने के साथ-साथ उच्च कोटि के प्रतिष्ठित प्रशिक्षक भी थे जिसके लिए उन्हें द्रोणाचार्य पुरस्कार भी मिला था। उन्होंने खेल के द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का सम्मान बढ़ाया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से यह प्रार्थना करता है कि उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें। ॐ शान्ति:।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
@RailwaySeva B5 15-16 RAC की सीट पर उनका Bule tooth भूल गये है। B5-13 से प्राप्त करें।
"A Bluetooth device was left behind on RAC seats B5-15 and B5-16. It can be collected from seat B5-13."
8770763303 Kailash Kailashchander74@gmail
@sdeo76 ये पोस्ट क्यों डिलीट किया जब देख लिया नूपुर शर्मा जी मौजूद है तो पोस्ट डिलीट कर के अपना लिखावट चेंज कर दिया वाह रे बरहरुपया बिकाऊ न्यूज चैनल के प्रोपराइटर ।
किसी के निजी कार्यक्रम था उसमें आना कहीं से गलत नहीं। नूपुर शर्मा जी मौजूद है देख।
पश्चिम बंगाल 2026 : परिवर्तन की राजनीति नहीं, विचार–तप की ऐतिहासिक परिणति
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पश्चिम बंगाल 2026 : परिवर्तन की राजनीति नहीं, ये विचार-तप की ऐतिहासिक परिणति
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देश के सुप्रसिद्ध चिंतक, लेखक तथा पूर्व सांसद बलवीर पुंज जी के दुःखद निधन से भारत के सार्वजनिक जीवन को गहरी क्षति पहुँची है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उनकी स्मृति में आदरपूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित करता है।
लंबे सार्वजनिक जीवन में वे हमेशा व्यापक अध्ययन तथा ज़िम्मेदारी पूर्वक अपने विचारों को व्यक्त करते रहे।समसामयिक विषयों में उनके सटीक लेख हमेशा महत्वपूर्ण रहे। ईश्वर उनके परिवार जनों व मित्रों को यह दुःख सहन करने की शक्ति दें तथा उनकी आत्मा को सद्गति प्रदान करें।
ॐ शान्ति:।
- दत्तात्रेय होसबाले
सरकार्यवाह
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
भारत की सुप्रसिद्ध गायिका आशा भोसले के निधन से देश के संगीत क्षेत्र को अपार क्षति हुई है। कई दशकों तक उन्होंने अपनी साधना से फ़िल्मों के माध्यम से अजरामर गीतों द्वारा लोकरंजन के क्षेत्र में अपनी अमिट छाप छोड़ी है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उनकी स्मृति में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है। भारत की सांस्कृतिक विरासत तथा देशभक्तों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता हमेशा स्पष्ट रूप से अभिव्यक्त होती रही। उनके इस अतुलनीय योगदान के लिए उन्हें सम्मानपूर्वक स्मरण किया जाएगा। ॐ शांति।
- डॉ. मोहन भागवत
सरसंघचालक
दत्तात्रेय होसबाले
सरकार्यवाह
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
ये सभी भारतीय समाज केमूल स्वरूप से उत्पन्न हैं। लेकिन औपनिवेशिक दौर ने इनके परिचय में जान-बूझकर भ्रम पैदाकिया। मैक्समूलर और मैकाले जैसे विद्वानों ने “Indigenous”, “Aboriginal”, “Tribe” जैसे विदेशी शब्द थोपे, जिससे भारतीय जनजाति समाजको ‘मुख्यधारा से अलग’ दिखाने का प्रपंच रचा गया।
भारत का जनजाति समाज: गौरव, संघर्ष और उपेक्षा
भारत की जनजातियाँ—चाहे अनुसूचित जनजाति हों या घुमन्तु–अर्धघुमन्तु समुदाय—हमेशा से भारतीय सभ्यता का अंग रही हैं। विवाह परम्परा, कृषि-कौशल, वन-ज्ञान, संगीत-नृत्य, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक स्वायत्तता— https://t.co/qi1axXpbX3
भारत में #डिनोटिफाइड#घुमन्तु और #अर्ध_घुमन्तु समुदाय (DNT/NT/SNT) देश की सबसे बड़ी लेकिन सबसे उपेक्षित जनसंख्या में से एक। अनुमानित आबादी 8 से 11करोड़ यानी भारत के कई राज्यों की कुल जनसंख्या से भी अधिक।
स्वाधीनता के 77वर्षों बाद भी उपेक्षित क्यों? #DNT_NT_SNT@Akhand_Bharat_S
Neglected Millions vs Global Agendas: Why Are India’s Real Issues Being Pushed Aside? -Kailash Chandra 👇
#lgbtqiasupportstheleft#DNT_NT_SNT#LGBTQIA +
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इंद्रेश कुमार जी ने अविमुक्तेश्वरानंद- “हमने 10 लाख हिंदू लड़कियों का विवाह मुस्लिम परिवारों में कराया।”
समाज को भ्रमित करने से बेहतर होता कि पहले ही दिन सच सामने रख दिया जाता—परंतु शायद उसी शुभ मुहूर्त की प्रतीक्षा थी।
@Akhand_Bharat_S@HinduHate