सशस्त्र बल जिन बेहद ख़तरनाक हथियारों से लैस करके जंतर-मंतर पर भेजे गये, उसे देखकर तो लगता है कि अब केवल टैंक आना बाक़ी है।
सत्ता जितनी डरी होती है, उसकी बंदूक उतनी बड़ी होती है।
Youth are being assaulted, journalists are being assaulted even MPs are being assaulted by Delhi Police.
What makes Gyanesh Kumar so indispensable to Modi that he is willing to wage war against everyone just to protect him?
Abhijeet just threw down the gauntlet. 🔥
“If you have the courage, release the entire video.”
Edited clip omits his pleas to call his cousin and lawyer. Even his family didn’t know where he was held.
You can’t edit your way out of this one.
चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने विपक्ष के नेताओं से मिलने से इंकार कर दिया है उनका कहना है कि उन्हें अधिकार नहीं है।
महोदय, बतौर जज एक मुख्यमंत्री द्वारा अपने स्वागत में आयोजित डिनर में शामिल हो जाते हैं पूर्व मुख्यमंत्री, बीजेपी के तमाम नेताओं के कार्यक्रम में जाते हैं। मंत्रियों द्वारा आयोजित तफरीह में विदेश में बैडमिंटन तक खेल आते हैं लेकिन विपक्ष से नहीं मिलेंगे।
अब आगे का कार्यक्रम राहुल गांधी @RahulGandhi बताएंगे। यह भी बताना चाहिए कि क्या ज्यूडिशियरी इसी का नाम है?
प्रधानमंत्री प्रेस कान्फ्रेंस करते नहीं है
गृह मंत्री संसद में आकर जवाब देते नहीं है
मुख्य चुनाव आयुक्त विपक्षी दलों से मुलाकात नहीं करते
अब चीफ़ जस्टिस (CJI) भी कल मुलाकात नहीं करेंगे……
जब सारे दरवाज़े बंद हो तो कौन सा रास्ता बचता है….?
भाजपा के गुंडों वाली गाड़ी के मालिक की मिल गई जानकारी: जो दिल्ली पुलिस नहीं कर पाई, वह हमने कर दिया
जिस गाड़ी में डंडे भरकर लाए गए थे, उसे दिल्ली पुलिस ने तो नहीं रोका। लेकिन हमने सोचा, दिल्ली पुलिस काम नहीं करेगी, तो थोड़ी मेहनत हम ही कर लेते हैं, ताकि सच सामने आ सके।
गाड़ी का नंबर आप पिछली पोस्ट में देख चुके हैं: UP 14 HA 4945। UP 14 गाज़ियाबाद RTO का कोड है। RTO रिकॉर्ड के मुताबिक यह गाड़ी 21 जनवरी 2026 को रजिस्टर हुई थी, यानी करीब आठ महीने पहले। रिकॉर्ड में मालिक का पूरा नाम नहीं था, सिर्फ “G****v P****Y” लिखा था, जिससे समझ आ गया कि नाम गौरव पांडे है।
गाड़ी के आगे "नई दिल्ली बार एसोसिएशन" और "पटियाला हाउस कोर्ट" का स्टिकर लगा है। इसलिए हमने बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (BCD) के रिकॉर्ड में "गौरव" नाम खोजा। वहां इस नाम के 6 वकील मिले। इनमें से एक गौरव पांडे का नाम पटियाला हाउस कोर्ट से जुड़ा मिला। उनका BCD Enrollment No., यानी बार काउंसिल ऑफ दिल्ली की ओर से वकीलों को दिया जाने वाला पंजीकरण नंबर, D/2896/2022 है। जब हम उनकी प्रोफाइल में आगे गए, तो पूरी जानकारी सामने आ गई। उनका नाम गौरव पांडे है, पिता का नाम अरुण पांडे है और जन्मतिथि 25 सितंबर 1993 है। उन्होंने 2020 में LLB पास की। वकालत का लाइसेंस उन्हें 13 मई 2022 को मिला, जो 31 मार्च 2032 तक, यानी लगभग 10 साल के लिए वैध है।
बार काउंसिल के रिकॉर्ड में एक मोबाइल नंबर भी दर्ज है, जिसे हम सार्वजनिक नहीं कर रहे। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि यही नंबर गाड़ी खरीदते समय इस्तेमाल हुआ था, और यही नंबर उनकी लिंक्डइन प्रोफाइल पर भी है। यानी तीनों जगह एक ही नंबर। इससे साफ है कि जिस गाड़ी का इस्तेमाल इस "बड़े काम" में हुआ, वह इन्हीं महानुभाव के नाम पर है।
लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, जहां से तीसरी फोटो में लगी इनकी तस्वीर ली गई है, गौरव पांडे द्वारका ज़िला सेशन कोर्ट और पटियाला हाउस कोर्ट में वकालत करते हैं। ये सिविल मामलों के वकील हैं। प्रोफाइल पर इनकी आठ अलग-अलग स्किल दिखाई गई हैं: फैमिली लॉयर, कॉरपोरेट लॉयर, बिज़नेस लॉयर और न जाने कितने प्रकार के वकील। पढ़ाई दिल्ली यूनिवर्सिटी से की है, और गाज़ियाबाद के KAMKUS कॉलेज ऑफ लॉ के छात्र भी रहे हैं।
कुल मिलाकर, वकील साहब एक महान व्यक्ति हैं, जिन्होंने अपनी गाड़ी इस तरह "दान" कर दी। गौरव पांडे खुद उस दिन गाड़ी में थे या नहीं, यह कौन जाने। लेकिन गाड़ी वही है, जिसमें भाजपा के गुंडे डंडे लेकर बैठे थे, और जिसे दिल्ली पुलिस ने खुलवाया तक नहीं।
हमने दिल्ली पुलिस का काम आसान कर दिया है। अगली बार पत्रकारों को धक्का देने के बजाय दिल्ली पुलिस यह सुनिश्चित करे कि आने वाली गाड़ियों की ठीक से जांच हो, ताकि उनमें डंडे या हाथ में पहनने वाले लोहे के रिंग न आ सकें, जिनसे किसी की जान भी जा सकती है। अगर उस दिन गाड़ी वहीं खुलवा ली जाती, तो आज दिल्ली पुलिस की ऐसी फ़ज़ीहत नहीं होती।
दिल्ली पुलिस को बाबा खड़क सिंह मार्ग और आसपास के सारे CCTV कैमरे खंगालने चाहिए, अगर वे चालू हैं। पिछली बार पुलिस ने दावा किया था कि उसने इन्हीं कैमरों से कई अपराधियों को पकड़ा। तो इस बार भी पकड़ लीजिए। गाड़ी का नंबर, मालिक का नाम, तारीख, जगह, सब हमने आपके सामने रख दिया है।
मैं देश के वरिष्ठ वकीलों, @KapilSibal और @DrAMSinghvi से भी अपील करता हूं कि इस मामले को हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएं। यह पूछा जाना चाहिए कि जब पत्रकार मौके पर चिल्ला-चिल्लाकर कह रहे थे कि गाड़ी में डंडे हैं, तब दिल्ली पुलिस ने गाड़ी क्यों नहीं खुलवाई।
धन्यवाद।
@Pawankhera@RahulGandhi@INCIndia@whattalawyer@abhijeet_dipke@Cockroachisback@AshutoshRanka@ashutosh83B@ravish_journo@udayfromearth
🚨Till a few minutes ago, Ratna and I were being followed by two goon-looking guys.
They were at a point-blank range and kept following us.
Anyway, none of us young gens are intimidated by this government’s tactics. ✊🏻🇮🇳
@Cockroachisback@whattalawyer
This Gunda PINKI BHAIYA is openly threatening Saurav.
Who is protecting such goons?
Why is Police not acting against them?
Will India be ruled by these criminals now?
@ajeetbharti Abe c... Uss mithe me tere jada jigra hai jo ground level pe toh hai tu toh Bus social media kida h jo yha bk bk kr skta hai vha ja tb pta chl jayega tujhe bhii