शिक्षा विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से निर्धारित नियमों के विरुद्ध 12-12 घंटे काम करवाना और संडे को भी छुट्टी न देना पूरी तरह से नियमों का उल्लंघन है।
1. सरकारी नियमों का उल्लंघन: शिक्षा विभाग में नवनियुक्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से निर्धारित 6 घंटे की जगह 12 घंटे ड्यूटी करवाना श्रम कानून और सरकारी नियमों का खुला उल्लंघन है।
2. सप्ताह में एक भी छुट्टी नहीं: कर्मचारियों से बिना किसी साप्ताहिक अवकाश (संडे ऑफ) के लगातार सातों दिन काम लेना उनके मौलिक अधिकारों के खिलाफ है।
3. शारीरिक और मानसिक शोषण: शिफ्ट के नाम पर 12-12 घंटे की चौकीदारी और भारी साफ-सफाई का दबाव डालना कर्मचारियों का मानसिक और शारीरिक शोषण है।
4. बिना भत्ते के अतिरिक्त कार्य: जब कर्मचारियों की नियुक्ति एक निश्चित समय के लिए हुई है, तो उनसे बिना किसी अतिरिक्त मानदेय (Overtime Pay) के डबल ड्यूटी क्यों ली जा रही है?
5. प्रधानाचार्यों की मनमानी: कुछ विद्यालयों के प्रिंसिपलों द्वारा अपने स्तर पर तानाशाही रवैया अपनाकर इन नए कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है जो कि निंदनीय है।
6. श्रम का सम्मान हो: चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी विभाग की रीढ़ हैं, उनके साथ बंधुआ मजदूरों जैसा व्यवहार तुरंत बंद होना चाहिए।
7. कर्मचारियों में भारी आक्रोश: इस अनुचित व्यवहार और शोषण के कारण नए अलॉटमेंट पाए कर्मचारियों में भारी निराशा और मानसिक तनाव व्याप्त है।
8. उच्च अधिकारियों से गुहार: हम शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) से मांग करते हैं कि वे इस मामले में तुरंत संज्ञान लें।
9. ड्यूटी के घंटे तय हों: सभी विद्यालयों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए निर्धारित वर्किंग आवर्स (Working Hours) और सरकारी छुट्टियों के नियम कड़ाई से लागू किए जाएं।
10. न्याय और निष्पक्ष जांच की मांग: नियमों के विरुद्ध काम करवाने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तुरंत जांच हो और इन बेकसूर कर्मचारियों को उनका हक और न्याय मिले।
तृतीय श्रेणी शिक्षकों के ट्रांसफर की माँग लंबे समय से चल रही है
इसको मजबूती देने के लिए आज शाम 4 बजे से ट्रेंड किया जाएगा ।
#3rd_ग्रेड_ट्रांसफर_बहाल_करो
When Assam floods left over 1.78 lakh people stranded, Randeep Hooda chose to show up.❤️
But this reel isn't just about flood relief—it's about a love story built on purpose, resilience, and making a real difference.
From restoring forests and protecting wildlife to standing beside communities in times of crisis, Randeep Hooda and Lin Laishram's love story is far more inspiring than you might expect. Watch till the end.
@RandeepHooda
#RandeepHooda #LinLaishram #AssamFloods #FloodRelief #BollywoodLoveStory
[Randeep Hooda, Lin Laishram, Assam Flood Relief, Environmental Conservation, Celebrity Love Story]
Meet a real-life hero and a reel-life hero, Randeep Hooda❤️🔥;
First went to Assam to meet the flood-affected people, Started a flood relief campaign, Provided essential supplies, donated money and is now spending time with them during this difficult situation🙌❤️
Bro has set the bar so high for everyone !👏🔥
#जयपुर
तृतीय श्रेणी शिक्षक अपनी लंबे समय से स्थानांतरण की मांग लेकर आज शहीद स्मारक पर धरने पर बैठे हैं। ये शिक्षक लंबे समय से सरकार से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है।
सरकार से आग्रह है कि शिक्षकों की जायज़ माँग को संवेदनशीलता के साथ सुना जाए। जो शिक्षक वर्षों से दूर-दराज़ क्षेत्रों में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं, उन्हें स्थानांतरण का उचित अवसर दे और इस समस्या का जल्द समाधान करें।
@BhajanlalBjp@RajGovOfficial
*"आधा-अधुरा आश्वासन स्वीकार नहीं, छात्रसंघ चुनाव की स्पष्ट तिथि और ठोस जवाब चाहिए!"*
आज जयपुर कलेक्टर महोदय ने एसएमएस अस्पताल पहुंचकर मुझसे वार्ता की। राजस्थान विश्वविद्यालय में 'राजस्थानी भाषा विभाग' की स्थापना को लेकर प्रशासन द्वारा दिए गए ठोस आश्वासन और सहमति से मैं पूर्णतः संतुष्ट हूँ। यह प्रदेश की मातृभाषा और छात्र शक्ति के संघर्ष की पहली बड़ी जीत है।
लेकिन, छात्रसंघ चुनावों की बहाली को लेकर उच्च स्तरीय कमेटी गठित करने और सरकार से वार्ता करने के आश्वासन से मैं बिल्कुल भी सहमत नहीं हूँ। कमेटी बनाने और गोल-मटोल आश्वासन देने का दौर अब बीत चुका है। हमें किसी तरह का टालमटोल नहीं, बल्कि सरकार से स्पष्ट और लिखित ठोस जवाब चाहिए कि इस सत्र में छात्रसंघ चुनाव कब और किस तारीख से कराए जा रहे हैं।
जब तक सरकार छात्रसंघ चुनाव कराने का स्पष्ट और लिखित आदेश जारी नहीं करती, तब तक मेरा यह आमरण अनशन इसी संकल्प के साथ जारी रहेगा। युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ कोई समझौता नहीं होगा! ✊🚩
तृतीय श्रेणी शिक्षकों की वर्षों से लंबित स्थानांतरण की न्यायोचित मांग को लेकर आज जयपुर के शहीद स्मारक पर हजारों शिक्षक लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रहे हैं।
प्रदेश के दूर-दराज क्षेत्रों में वर्षों से सेवाएं दे रहे ये शिक्षक अपने परिवारों से दूर रहकर भी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ विद्यार्थियों का भविष्य संवार रहे हैं। ऐसे में उनकी पारिवारिक एवं मानवीय परिस्थितियों को समझते हुए स्थानांतरण की मांग का समयबद्ध समाधान किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
राज्य सरकार से अनुरोध है कि शिक्षकों की जायज मांग के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय ले तथा पारदर्शी स्थानांतरण प्रक्रिया प्रारंभ करे। @BhajanlalBjp@RajCMO
तृतीय श्रेणी शिक्षक लम्बे समय से स्थानांतरण की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। आज अपनी इस जायज मांग को लेकर जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर उन्होंने धरना भी दिया |
जब शिक्षक ही अपनी मूलभूत प्रशासनिक समस्याओं के समाधान के लिए सड़कों पर उतरने को विवश हों, तो यह सरकार की संवेदनहीन कार्यप्रणाली को दर्शाता है।
मैं प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp से मांग करता हूँ कि इन शिक्षकों की पीड़ा को सुनते हुए जल्द से जल्द पारदर्शी रूप से तृतीय श्रेणी शिक्षकों का तबादला करने से जुड़ी मांग पर सकारात्मक निर्णय लिया जाये |
@RajCMO