कितनी सत्ता चाहिए BJP को?
कितनी सीटों से इनका पेट भरेगा?
कितना और नीचे गिरेंगे?
कितना और कलंकित होंगे?
कितनी और संस्थाओं का दम घोटेंगे?
मध्यप्रदेश से काँग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन जी का नामांकन रद्द करना BJP का एक और कुत्सित पैंतरा है
उनके नामांकन में किसी गलती या गैर-खुलासे का आरोप कोरी बकवास है और कांग्रेस से एक सीट छीनने की घटिया कोशिश है
जब हमारे MLA नहीं तोड़ पाये तो नामांकन खारिज कराने की नीचता पर उतर आए
संविधान को ताक पर रख कर यह लोकतंत्र की दिनदहाड़े हत्या है
अगर आपकी लोकतंत्र में ज़रा सी भी आस्था है तो इसका विरोध कीजिए - क्योंकि BJP के लालच का कोई अंत नहीं है - और इसका ख़ामियाज़ा मेरा देश उठा रहा है
I want the Congress party to become an instrument for dialogue between Indian people, from all corners of our great country, all religions, all ethnicities, all ages and gender and for our dialogue to be led by love and affection.
12 वर्षों की गरीब-विरोधी आर्थिक नीतियों और compromised विदेश नीति ने आज देश को ऐसे हालात में ला खड़ा कर दिया है जहाँ लाखों गरीब परिवारों और महिलाओं को लकड़ी के ज़हरीले धुएं की तरफ धकेल दिया गया है।
उज्ज्वला योजना में सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या 9 से घटाकर 4 कर दिया गया। उसपर पिछले 3 महीनों में घरेलू LPG सिलेंडर के दाम ₹89 बढ़ा दिया गया - मतलब, पहले दाम बढ़ाओ, फिर सब्सिडी घटाओ, गरीबों का चूल्हा बुझाओ।
प्रवासी मजदूरों की जीवनरेखा, 5 किलो का सिलेंडर भी ₹323 महंगा कर दिया - वो कमाएगा क्या, खाएगा क्या, और बचाएगा क्या?
अरबपति मित्रों को लाखों करोड़ों की कर्ज़माफ़ी दिलाना और गरीबों को अपनी नाकामियों का बिल थमाना - ये लूट का मोदी मॉडल है।
मोदी जी, क्या आपकी नाकामियों का बोझ सिर्फ गरीब उठाएंगे? क्या आपकी बनाई इस चरमराती अर्थव्यवस्था की कीमत मजदूर, किसान, महिलाएं और मध्यम वर्ग ही चुकाएंगे?
जिस तरह की ये परिस्थिति बन रही है ना, यदि यही परिस्थिति है कि एक महीने में टूट गई और धीरे-धीरे खत्म हो गई है टीएमसी... तो जिस दिन सरकार जाएगी ना, यदि ये स्थिति रही और यही चरित्र दिखाया जाएगा, यदि दूसरी पार्टियां और हम लोग दिखाएं यदि। ईडी-सीबीआई इसी तरह से उपयोग किया जाए, तो भाजपा में मात्र दो ही आदमी बच जाएंगे—अमित शाह और मोदी जी, इसके अलावा एक व्यक्ति भाजपा में नहीं रहेगा। सारे लोग इसी तरह छोड़ के उनको भी चला जाएगा। तो इसलिए यह ठीक नहीं है। देश के लोकतांत्रिक मर्यादा को और लोकतंत्र की बुनियाद जो संवैधानिक... जो परिस्थिति थी, उसको जिस तरह से खंड-खंड भी खंड करने का काम और तानाशाही अप्रत्यक्ष तौर पे आप पैदा कर रहे हैं, ये देश को क्या देना चाह रहे हैं शिक्षा? तानाशाही पूरा होने वाला है। यही नैतिकता आपकी है? यही आपका लेवल है? और कहते हैं, नेहरू जी को हम कम्पलीट कर लिए। अरे, दुई गो ईंट लगा लीजिए नीचे, तब भी नहीं हो पाएगा। लंबाई से थोड़े होती है। दिल बड़ा और दिल लंबा बड़ा होना चाहिए। नेहरू जी का दिल था, जब ये देश स्वतंत्रता आंदोलन के बाद जिस परिस्थितियों में लड़ रहा था, हिंदू-मुस्लिम को एक किया।
देश में विखंडन थी, उसको एक किया। चाहते तो कोई पार्टी इस देश में दिखती भी नहीं आज। उन सारे पार्टियों को... अकेला वाजपेयी जी दो आदमी रहता था लोकसभा में, उनको पूरी फ्रीडम थी कि बोलिए, सरकार के विरुद्ध जितनी आवाज उठानी है, उठाइए। एक बार नेहरू जी चाहते इसी तरह, तो वाजपेयी जी क्या दिखते क्या प्रधानमंत्री?
सच्चाई यह है कि यह लड़ाई वाकई बहुत देश के लोकतांत्रिक मूल्य को बचाने की लड़ाई है और एक तरफ लोकतंत्र के वो लोग लड़ रहे हैं सेनानी और दूसरी तरफ, जैसे ताकत थी स्वतंत्रता आंदोलन की, कि स्वतंत्रता आंदोलनकारी अहिंसात्मक ढंग से नैतिकता के बल के, गांधी जी के सिद्धांतों पर लड़ रहे थे और अंग्रेज तानाशाही करके लड़ रहे थे। यही दो लड़ाई, वही दो विचारधारा फिर आई है और इस देश के लोकतंत्र रहेगा या इस देश में तानाशाही चलेगी, इसकी लड़ाई चल रही है। जनता के मुद्दे गौण! फिर दो दिन में देख रहे हैं कि नीट और सीबीएसई का परीक्षा पर कोई जिम्मेवारी नहीं।
कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता @drajayupadhyay जी
तमिलनाडु में बीजेपी ने हॉर्स ट्रेडिंग स्टार्ट कर दी थी। एआईएडीएमके के साथ ये लोग पूरी तरह से थे और उधर से डीएमके में भी सेंध लगनी शुरू हो गई थी। तो हमारा फर्ज था कि वहां तमिलनाडु में हम एक स्टेबल गवर्नमेंट दें और हमने वही किया और हमारा कोई बहुत रोल भी नहीं था। हमारे मात्र पांच विधायक थे वहां पर।
अगर हमारे मन में कोई चीज डीएमके को छोड़ने की पहले से होती, तो हमारी तो स्टेट यूनिट में से भी बहुत लोगों ने कहा था कि हमें टीवीके के साथ जाना चाहिए। लेकिन हमने बुरे समय पे या चुनाव के समय पे उनका साथ नहीं छोड़ा। डीएमके अगर सरकार बनाने की पोजीशन में होती और हमने साथ छोड़ा होता, तब ये सारे आरोप हमारे ऊपर ठीक थे।
बीजेपी की सत्ता की हवस की वजह से अकालियों के टुकड़े हो गए, शिवसेना के टुकड़े हो गए, जेडीयू किस हालत में है पूरा देश जानता है, बीजेडी वाले भी रो रहे हैं।
दुर्भाग्य ये है कि बीजेपी वहां पर वेस्ट बंगाल में जीतने के बाद भी दूसरी पार्टियों को तोड़ने से बाज नहीं आ रही है। अरे भैया, अब तो आप जीत गए, आपने जो वायदे किए हैं उन वायदों को पूरा करो आप।
वो बात अलग है कि राजस्थान में 400 में सिलेंडर नहीं मिल रहा, दिल्ली में महिलाओं को ₹2500 नहीं मिल रहे। वो वायदे करते हैं मोदी जी, भूल जाते हैं।
कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता @Aloksharmaaicc जी 👍🏽
प्रभु श्री राम हमारे सामाजिक और धार्मिक और आध्यात्मिक आस्था का विषय हैं, राजनीतिक आस्था का विषय नहीं हैं। जिन लोगों ने भी प्रभु श्री राम के नाम पर राजनीति की है, राम के नाम पर चंदा लिया है, राम के नाम पर वोट लिया है, वो पाप के भागी होंगे, श्राप के भागी होंगे, नरक के भागी होंगे।"
अब पाप और श्राप उनका सामने आने लगा है क्योंकि आज योगी जी की भी एक बात से मैं सहमत हूँ। योगी जी ने बड़ा स्पष्ट कहा कि जो क्या नाम खर और दूषण हैं, जिन लोगों ने नकारात्मक बातें फैलाईं, जिन्होंने क्या नाम जमीन का जिहाद किया, जिन्होंने लैंड का जिहाद किया, जिन्होंने शिक्षण का जिहाद किया तो उन लोगों के अब नास होने की बारी आ गई है।
पिछले 12 साल से NEET की परीक्षा हो या CBSE की चीजें हों, चाहे अन्य छात्रों के ऊपर लाठियाँ हों, अग्निवीर की समस्या हो या रेलवे की भर्ती हो, जिन छात्रों को भी इन्होंने बर्बाद किया जिन खर और दूषण ने, उन खर और दूषण के बर्बाद होने का समय आ गया है।
जिन लोगों ने चंदे का धंधा यानी लैंड माफिया का काम किया है—2 करोड़ की जमीन लेकर के 18 करोड़ की बेची है—उन लोगों के जेल जाने का वक्त आ गया है। जिन्होंने 4 से 5 करोड़ रुपये की ये चोरी की है—वो भी भगवान के गहने, भगवान के पैसे, भगवान का चंदा, भगवान का प्रसाद और भगवान ही का क्या नाम जो है दान पात्र—उसमें से की है, तो वहाँ पर आज की डेट में भारतीय जनता पार्टी और विश्व हिंदू परिषद वाले लोग अगर उनको बचाएँगे तो ये लोग भी पाप के भागी होंगे, श्राप के भागी होंगे।
कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता @ssrajputINC जी
.@nsui और @IYC के लाखों युवा ज़िले दर ज़िले , प्रदेश दर प्रदेश , सड़क पर हैं और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा माँग रहे हैं ।
अगर इस देश में पीड़ित बच्चों की आवाज़ चाहे neet हो या Cbse उनसे कोई मिल रहा है और उनकी आवाज़ उठा रहा है ; तो वो देश में एक ही नेता है @RahulGandhi
इतने बाजू इतने सर
गिन ले दुश्मन ध्यान से
इतने बाजू इतने सर
गिन ले दुश्मन ध्यान से
हारेगा वो हर बाज़ी
जब खेलें हम जी जान से
हारेगा वो हर बाज़ी
जब खेलें हम जी जान से
जी जान से...
ये है कॉंग्रेस के शेर @IYC मध्यप्रदेश के आलीराजपुर में धर्मेंद्र प्रधान के ख़िलाफ़ सड़को पर उत्तर आए।विश्वगुरु ने अमेरिका के साथ साथ शिक्षा मंत्री को भी सरेंडर कर दिया है।
टीवी डिबेट कोई चौराहा नहीं है जहाँ जो मन में आए बोल दिया जाए। यदि भाजपा प्रवक्ता विपक्ष को अशब्द कहेंगे तो फिर स्वस्थ बहस की उम्मीद कैसे की जा सकती है? देश बेरोजगारी, महंगाई और पेपर लीक जैसे मुद्दों से जूझ रहा है, और सत्ता पक्ष के लोग टीवी पर बैठकर ठहाके लगा रहे हैं।
यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई (NSUI) जो कांग्रेस की यूथ विंग है, स्टूडेंट विंग है, वो सड़क पर उतरे हैं। और आज उसके समर्थन में पूरा इंडिया (INDIA) अलायंस की सब पार्टीज़ खड़ी हुई हैं। सड़क पर उतरना ज़रूरी है, प्रदर्शन करना ज़रूरी है, अपने हक़ को वापस लेना ज़रूरी है। और इस बात पे आज पूरा का पूरा इंडिया अलायंस एक सहमति पर आया है।
यह बात सही है कि बहुत सारी चीज़ें सड़क पर नहीं हुईं, लेकिन कांग्रेस पार्टी को इस बात की आप वो ब्लेम नहीं दे सकते हैं। हम लगातार सड़क पर संघर्ष कर रहे हैं। भले ही मीडिया न दिखा रहा हो... भले ही सोशल मीडिया एल्गोरिदम रोक कर रहे हों...
जो प्रदर्शन हो रहे हैं वो कांग्रेस पार्टी की प्लानिंग के बगैर हो रहे हैं, वो राहुल गांधी की अनुमति के बगैर हो रहे हैं। जब युवा विंग सड़क पे नहीं थे तो ये आपत्ति होती थी। आज जब सड़क के ऊपर हैं तो अब गोलपोस्ट चेंज मत कीजिए कि राहुल गांधी क्यों नहीं हैं। हमारे युवा विंग हैं, वो लड़ रहे हैं।
कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता @gurdeepsappal जी
ये पार्टी ही तय करती है की सदन मे नेता कौन होगा।
देखिए आप बहुत कुतर्क बोलते है 👊🏽आप बहुत अफ़वाह फैलाते है @AMISHDEVGAN जी 👊🏽👌🏽
कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता @AkhileshPSingh जी
मुझे ऐसा कोई डर नहीं है और मैं इसलिए नहीं डरती हूँ क्योंकि बीजेपी कायरों की पार्टी है। सत्ता के लिए ये किसी को भी अपना बाप बनाने को तैयार हैं, ये असलियत है। ये सत्ता के लिए हर वो चीज़ करने को तैयार हैं जिसका सार्वजनिक जीवन में कोई मतलब ही नहीं है। हर मर्यादा, हर प्रतिष्ठा, हर चीज़ लाँघने के लिए तैयार हैं। ये विपक्ष के नेताओं को जेल में डालते हैं, ये उनके पीछे ईडी-सीबीआई भेजते हैं। असलियत ये है कि ये वो पार्टी है जो इस देश के युवाओं को देशद्रोही और पाकिस्तानी बुलाती है, क्योंकि वो अपने असली नंबर की माँग करते हैं सीबीएसई से। वो नीट में जो प्रार्थी, जिनका पेपर लीक हो गया, उनको देशद्रोही बुलाती है क्योंकि वो धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा माँगते हैं।
आज इस देश में ज़्यादा बड़े मुद्दे क्या हैं, मुझे आप बिना पलक झपकाए किसी से पूछिएगा। वो कहेगा—कमरतोड़ महँगाई, बेरोज़गारी, जिस तरह से पेपर लीक हो रहा है, अर्थव्यवस्था का भट्टा बिठाया हुआ है; चाहे वो रुपया हो, चाहे वो नेट एफ़डीआई (FDI) नेगेटिव हो, चाहे वो एफ़आईआई (FII) का देश छोड़कर भागना हो। बीजेपी के लिए ये सब प्राथमिकता ही नहीं है। बीजेपी में धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा क्यों नहीं हो रहा है, आपको पता है?
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा क्यों नहीं हो रहा है? क्योंकि अगर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा हो गया पेपर लीक और सीबीएसई में धाँधली के, तो अर्थव्यवस्था का भट्टा बिठाने के लिए निर्मला जी को निकालना पड़ेगा, रेल का भट्टा बिठाने के लिए अश्विनी वैष्णव जी को निकालना पड़ेगा, ऊँचे-ऊँचे महँगे पेट्रोल-डीज़ल दाम और किल्लत के लिए हरदीप पुरी को रास्ता दिखाना पड़ेगा बाहर का, विदेश मंत्रालय में विदेश नीति को चौपट करने के लिए जयशंकर जी को निकालना पड़ेगा, लगातार आतंकी हमले और मणिपुर जल रहा है तो अमित शाह को निकालना पड़ेगा। और सब लोग जब निकल जाएँगे, तो साहब कैसे बचेंगे? साहब तो झोला उठाके चल देंगे! इसलिए किसी का इस्तीफ़ा नहीं हुआ। ना जवाबदेही होगी, ना ज़िम्मेदारी होगी, क्योंकि राम जी जगत बने ही नहीं हैं। हमें तो बस तोड़-फोड़ करके किसी तरह से सत्ता में काबिज़ रहना है, ये असलियत है।
कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता @SupriyaShrinate जी 🔥
जीत-हार लोकतंत्र में होती ही है। लोकतंत्र की रक्षा के लिए ये बैठक जरूरी है।
कारण ये है कि जिस तरीके से चुनाव चोरी करने का काम किया गया—हमने पश्चिम बंगाल में देखा, जिस तरीके से 27 लाख वोटर्स अधर में, जिनका आधार वोटों का लटका रहा, वो हमने देखा। तो मुझे लगता है ये लड़ाई लोकतंत्र के लिए जरूरी है। और ये कह देना कि 'जी हार गए, हार के साथ हैं'—अटल बिहारी वाजपेयी जी एक समय तीन-तीन सीटों से चुनाव लड़े, जमानत जब्त हुई उनकी, एक निर्दलीय प्रत्याशी के सामने जमानत जब्त हुई थी; तो क्या वो देश के प्रधानमंत्री नहीं बने?
अगर हार रहे हैं तो इसका मतलब क्या देश के बुनियादी मुद्दों पर सवाल उठाना छोड़ देंगे? मैंने तो हमेशा यही सीखा है, भूल होना प्रकृति है, उसे सुधार लेना प्रगति है, उसे मान लेना संस्कृति है, किसी कुकर्म का अनुचित लाभ लेना कलंकृति है, अच्छे कर्म का, सत्कर्म का, सत्-लाभ लेना सत्यकृति है। लेकिन जो प्रगति, संस्कृति, प्रकृति, सत्यकृति और कलंकृति को भी लांघ जाए, यही भाजपा की कलियुगी राजनीति है।
मोदी जी ने 12 साल में क्या किया वो नहीं बता पाए। एक प्रेस वार्ता करने का माद्दा आज देश के प्रधानमंत्री के अंदर नहीं है। आज मोदी राज में महंगाई की 'मोदी मार' है। डीजल-पेट्रोल आज आजादी के बाद पहली बार 100 के पार है। महिलाओं के साथ रोज़, लगातार हम आए दिन सुनते हैं, हो रहे बलात्कार हैं। किसान जो है, वो कर्ज से लाचार है।
कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता @sadhnabharti5 जी
कुछ लोग तुम्हें समझाएँगे
वो तुम को ख़ौफ़ दिलाएँगे
जो है वो भी खो सकता है
इस राह में रहज़न हैं इतने
कुछ और यहाँ हो सकता है
कुछ और तो अक्सर होता है
पर तुम जिस लम्हे में ज़िंदा हो
ये लम्हा तुम से ज़िंदा है
ये वक़्त नहीं फिर आएगा
तुम अपनी करनी कर गुज़रो
जो होगा देखा जाएगा
ये मुद्दों के लड़ाई है
व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है।
कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता @ssrajputINC जी 👍🏽
मैं इसमें सिर्फ एक बात कहूंगी, अगर आपको याद हो तो भारतीय जनता पार्टी ने पीडीपी के साथ मिलकर जम्मू-कश्मीर में सरकार बना ली, जब उन्हें जरूरत लगी। ये राजनीति है। और राजनीति में हर पल, हर पल स्थितियां बदलती हैं। आज इस समय में भारतीय जनता पार्टी, क्यों उसे दिक्कत हो जाती है जब इंडिया गठबंधन की सारी पार्टियां जनता के मुद्दों को लेकर साथ आती हैं? कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। उनके पेट में सबसे पहले दर्द हो जाता है। अरे जनता के मुद्दों के लिए, इतने बड़े-बड़े मुद्दे देश में हैं, बच्चे सड़क पर हैं, पर्चे लीक हो रहे हैं, लगातार हमारे देश के बच्चे आज सफर कर रहे हैं, आत्महत्या कर रहे हैं, और अगर ऐसे-ऐसे मुद्दों पर इंडिया गठबंधन की पार्टियां साथ आ रही हैं और जनता के मुद्दों पर संविधान को बचाने के लिए साथ खड़ी हैं तो क्या बुराई है भाई? भारतीय जनता पार्टी की तरह नहीं कि अमित शाह स्टेटमेंट दें कि 'आज के बाद जिंदगी में कभी नीतीश के साथ सरकार नहीं बनाएंगे', लेकिन मौका मिला, बना ली सरकार। तो ये सवाल जो आप इंडिया गठबंधन से करते हैं, ये सवाल कभी-कभी भारतीय जनता पार्टी से भी आपको कर लेने चाहिए। क्योंकि उनसे अगर आप करेंगे तो शायद, शायद आपको वो जो जवाब देंगे, उनसे आपको पता चलेगा कि राजनीति में कभी भी, कहीं भी, कुछ भी होता है।
ये सत्य है कि आज इंडिया गठबंधन को, विपक्ष को साथ आने की बहुत जरूरत है, क्योंकि जनता आज बेहाल है, सड़क पर है, बच्चे आत्महत्या कर रहे हैं।
कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता @dollysharmaINC जी
👉#ED#CBI के बल पर कब तक लोगों की आवाज को दबाया जा सकता है?
👉कुछ चंद चाटुकारों के बल पर कब तक देश चलाया जा सकता है?
सरकार को जवाब तो देना पड़ेगा—
👉#NEET#CBSE Exam में घांधली का हिसाब तो करना पड़ेगा। जवाबदेही तय करनी पड़ेगी।
👉आर्थिक तबाही, महँगाई और बेरोजगारी के लिए ज़िम्मेदार कौन है?
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