अभी हाफ़ हुए हैं, विधानसभा में टिकट नहीं मिलेगा तो साफ़ हो जाएंगे। जब सारे ‘घटिया एक्सप्रेसवे’ बन गये और भ्रष्टाचार का आपसी लेनदेन का टारगेट पूरा हो गया तब हटाया तो क्या हटाया?
सुना है इलाहाबाद की सारी सीटों पर भाजपा अपने प्रत्याशी बदलने जा रही है क्योंकि भाजपा को लगता है कि ये सारे विधायक और प्रत्याशी केवल खाने-कमाने में लगे रहे और लोकसभा सीट हाथ से निकल गई।
यही फ़ार्मूला उप्र की उन सभी 43 लोकसभा सीटों पर लागू किया जा रहा है जहाँ इंडिया गठबंधन की जीत हुई थी और बाक़ी उन 9-10 सीटों पर भी जहाँ भाजपा हेरफेर करके सर्टिफ़िकेट से जीती थी, वोट से नहीं।
इसका मतलब तो ये हुआ कि लगभग 225 सीटों पर प्रत्याशी बदले जाएंगे। वैसे तो सुना है कि भाजपा के वर्तमान विधायक ख़ुद भी चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं क्योंकि ‘पीडीए’ के सामने उनके जीतने की कोई भी उम्मीद नहीं बची है। भाजपा के मूल वोटर अब एक-चौथाई भी नहीं रह गये हैं, इसीलिए भाजपा के वर्तमान विधायक हारे हुए चुनाव में अपनी कमाई ख़र्च नहीं करना चाहते हैं बल्कि बाक़ी जीवन के लिए पैसे बचाकर रखना चाहते हैं क्योंकि उनको ये भी पता है कि इस बार भाजपा पक्का जाएगी और फिर कभी नहीं आएगी।
दरअसल भाजपा के वर्तमान विधायकों ने जनता के आक्रोश को पढ़ लिया है क्योंकि भाजपा की महा-भ्रष्ट, बेईमान और दमनकारी नीतियों की वजह से आई हर तरह की दिक़्क़तों जैसे दिनदहाड़े की लूट, रंगदारी, हत्या, ज़मीनों की क़ब्ज़ेबाज़ी, घूसख़ोरी-कमीशनख़ोरी, महंगाई, बेरोज़गारी, पीडीए पर अत्याचार, पक्षपात, सांप्रदायिक राजनीति की वजह से हो रही नाइंसाफ़ी, पेपर लीक, संविधान की अवहेलना, आरक्षण की हक़मारी, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ व महिलाओं के प्रति बेतहाशा बढ़ते अपराध, चुनावी हेराफेरी और चंदा-चढ़ावा चोरी की वजह से जन-जन का गुस्सा उबाल-उफ़ान पर आ चुका है।
After TMC the next stop should be SS UBT and Samajwadi Party. By the end of December also to bring NCP SP to NDA with Supriya as Minister. By December need to raise the NDA number to 350. It's very important for passing some real deal bills for the sake of the country.
@MayankS40746347 Caste politics ka yhi maja h MP MLA party chodd k gya to ground pe jhelna padta h gussa….2-4 jaa sakte h par mass level pe nhin ho sakta
स्पष्टीकरण ही स्पष्ट नहीं है।
लगता है ये इनके लिए हर हफ़्ते की साधारण बात है, और इतनी अधिक साधारण है कि ये इसे अब ‘उल्लेखनीय’ भी नहीं मानते हैं।
चेहरे के भाव और देह की भाषा हताशा और निराशा से भरी है।
ट्रस्ट के सभी सदस्यों को एक साथ बैठाकर स्पष्टीकरण दिया जाए और आँकडों के मिलान के लिए सीसीटीवी के साक्ष्य का सहारा लिया जाए। जैसे ही सारे ट्रस्टी एक साथ बैठेंगे तो सच तत्काल बाहर आ जाएगा क्योंकि उनमें हर कोई एक जैसा नहीं है। इस हेराफेरी की शंका के केंद्र में जब कोई एक व्यक्ति विशेष है ही नहीं तो फिर किसी एक के स्पष्टीकरण का क्या महत्व है।
ये भी स्पष्ट किया जाए कि 40 सेकंड का स्पष्टीकरण आने में इतने घंटे क्यों लगे और स्पष्टीकरण के नाम पर 1 मिनट बोलना भी भारी क्यों पड़ रहा है। प्रदेश सरकार की चुप्पी की तरह ये सफ़ाई भी संदिग्ध है। ऐसा लग रहा है जैसे स्पष्टीकरण के नाम पर शाब्दिक औपचारिकता निभाई जा रही है।
संपूर्ण विश्व का सनातन समाज, इस बेहद कमज़ोर स्पष्टीकरण से और भी अधिक शंकित और आहत हुआ है।
चौरीचौरा, गोरखपुर के अस्पताल में एक गर्भवती महिला की मृत्यु की ज़िम्मेदारी तय की जाए और उचित कार्रवाई हो।
यदि प्रदेश में कोई सार्थक और सक्रिय स्वास्थ्य मंत्री हैं तो वो पोडकॉस्ट छोड़कर अपने विभाग पर ध्यान दें।
भाजपा राज में विशेष कृपा प्राप्त लोगों ने नराई, लखनऊ में स्कूल की ज़मीन पर क़ब्ज़ा करके स्कूल बंद करा दिया है।
बच्चों की पुकार सुननेवाला कहीं कोई ‘संवेदनशील-सहृदय’ है?
घोर निंदनीय!
समस्त विश्व में भगवान राम के उपासकों के लिए ये एक बेहद संवेदनशील समाचार है कि ‘राम मंदिर’ के चढ़ावे की करोड़ों की रकम गायब पायी गई है।
ये मंदिर ट्रस्ट के लिए अत्यंत शर्मनाक स्थिति है। कोई भी सफ़ाई देने के लिए सामने नहीं आना चाहता है।
न्यायालय से स्वतः संज्ञान लेने की माँग है क्योंकि इसका सीधा संबंध वैश्विक स्तर पर समस्त सनातनी समाज की प्रभु राम में गहरी आस्था से जुड़ा है।
सरकार की चुप्पी संदिग्ध है।
जिस युग में पुलिस ही अपराधी बन जाए वही कलयुग है।
माननीय इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भाजपा सरकार के समय में हो रही पुलिसिया ज़्यादतियों को देखकर, उप्र की पुलिस व्यवस्था पर जो सख़्त टिप्पणी की है उसे सुनकर तो नैतिक रूप से भाजपा सरकार को शासन करने का कोई अधिकार नहीं बचता है परंतु नैतिकता, निष्पक्षता, सत्यनिष्ठता, ईमानदारी व इंसाफ़ जैसे शब्द भाजपा के शब्दकोश में हैं ही नहीं।
भाजपा राज में पुलिस भाजपा के भ्रष्टाचार की ‘भ्रष्टपुतली’ बनकर, संविधान के स्थान पर अवैधानिक-आपराधिक तरीक़े अपनाकर सत्ता के सियासी फ़ायदे के लिए क़ानून अपने हाथ में ले रही है। भ्रष्ट पुलिसवाले दो बातें याद रखें :
1. भाजपा किसी की सगी नहीं है।
2. संविधान सदैव रहेगा, ये भाजपाई तो अंतिम दौर में हैं। भाजपाई निश्चित रूप से जा रहे हैं और फिर कभी लौटकर आएंगे भी नहीं।
न्याय कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!
#असफल_मुख्यमंत्री_उप्र
#पक्षपाती_मुख्यमंत्री_उप्र
‘गुरूरमंद हुक्मरानों’ तक पहुँचे ये आवाज़
सुनो दरवाज़े पर खटखटा रहा है ‘बदलाव’
दरारें पड़ गईं क़िलों में, दरक रही बुनियाद
अब नौजवानों ने भी कर दिया है इंक़लाब!
ज़हरीली साज़िशों से तब तक न निजात मिल पाएगी जब तक केवल शाख पर उँगली उठाई जाएगी और सिर्फ़ वो शाख हटाई जाएगी, असली आज़ादी, तरक़्क़ी और इंसाफ़ तब मिलेगा जब इस गुनाह का असली तना और ज़मीन के अंदर गहरी छुपी दीमकी जड़ उखाड़ी जाएगी।
एक देश-एक आवाज़ मतलब इंक़लाब!
#BJP_बनाम_CJP