960 किलोमीटर लंबी गोमती नदी सिर्फ एक जलधारा नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की जीवनरेख��� है। इस पवित्र नदी को कई सहायक नदियाँ समृद्ध बनाती हैं, जिनमें कठिना, भैंसी, झुकना, सई, सरायन, बेहता और कल्याणी प्रमुख हैं।
गोमती नदी के संरक्षण और इसकी सहायक नदियों की वैज्ञानिक मैपिंग व शोध के उद्देश्य से प्रो��ेसर वेंकटेश दत्ता (विभागाध्यक्ष, पर्यावरण विज्ञान विभाग, बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी) और उनकी टीम ने एक महत्वपूर्ण पहल की। टीम ने पीलीभीत, शाहजहाँपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और हरदोई जिलों में जाकर गोमती की सहायक नदियों का स्थलीय निरीक्षण और विस्तृत मैपिंग की। इस अध्ययन में नदियों के फ्लो, जल गुणवत्ता, फ्लडप्लेन और अन्य पारिस्थितिक पहलुओं का गहन आकलन किया गया।
इसके साथ ही जिला ��ंगा समिति के समन्वय से, गोमती नदी के उद्गम स्थल पीलीभीत सहित इन जिलों में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को नदी पुनरुद्धार और संरक्षण पर विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया। यह पहल न केवल वैज्ञानिक अध्ययन को मजबूत करती है, बल्कि भविष्य में गोमती और उसकी सहायक नदियों के संरक्षण के लिए एक मजबूत आधार भी तैयार करती है।
#RiverConservation #GomtiRiver #EnvironmentalResearch #WaterSustainability #SaveOurRivers
@uppcbofficial Hello Sir, please include Environmental Science subject also. If Environmental Science students are not eligible for this job also, then why government has opened Environmental Science Department.
Dear Dr Ravindra Pratap Singh #ChairmanUppcb,
Recently UPPCB has given advertisements for Assistant Scientific Officer but they didn't include Environmental Science subject in the eligibility criteria, which is the core subject for the position.
प्रदेश वासियों को 79वे�� स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई!
यह पावन दिवस माँ भारती की अखंड आभा और अमर शहीदों की अटूट आस्था का पुण्य-प्रतीक है।
उन वीर हुतात्माओं को कोटि-कोटि नमन, जिनके त्याग और बलिदान से भारत स्वतंत्र व स्वाभिमान��� बना।
आज हमारा संकल्प है न्याय, समता, आत्मनिर्भरता और उत्कर्ष पर आधारित उस भारत का निर्माण, जिसका स्वप्न हमारे अमर बलिदानियों ने देखा था।
आइए, 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' और 'विकसित भारत-आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को साकार करने हेतु एकजुट हों।
वंदे मातरम! जय हिंद!
.@serbonline is pleased to announce results of National Post-Doctoral Fellowships 2023.
Congratulations to all successful candidates.
Results r available on https://t.co/WYpSTEMade
@DrJitendraSingh@karandi65@IndiaDST
कांग्रेस पार्टी के सांसद के घर से ₹250 करोड़ से अधिक कैश मिला।
मोदी जी भ्रष्टाचार के खिलाफ बहुत कठोर हैं। चाहे कितना भी बड़ा व्यक्ति हो, किसी भ्रष्टाचारी को बख्शा नहीं जायेगा।
आप इतना डरते क्यों हैं कि
व्यर्थ लोगों की संगति को त्याग दिया
तो मैं अकेलेपन से मर जाऊँगा?
आप बदलो तो सही!
आप जब तक वह��� हो
आपको वैसा समाज,
वैसे दोस्त मिलते ही रहेंगे
जैसे आपको अभी मिल रहे हैं।
सर्वप्रथम ज़िम्मेदारी
अपने ऊपर लीजिए।
नए लोग आपकी ज़िन्दगी में
अपनेआप आ जाएँगे,
आपको नहीं पता चलेगा।
धर्म की रक्षा के लिए अगर आपको
झूठमूठ के उग्र नारे लगाने हैं,
तो आप कह सकते हैं कि
आपके धर्म को किसी द���सरे धर्म से
बहुत ज़्यादा खतरा है।
सनातन धर्म या हिंदू धर्म को
किसी दूसरे धर्म से बाद में होगा खतरा,
पहला खतरा उसे हिन्दुओं से ही है।
क्योंकि जिसको आप हिंदू बोलते हो
वो नाम का हिंदू है।
उसका अपने धर्म की केंद्रीय किताबों से
कोई संबंध ही नहीं रह गया है
और यही इ�� समय
धर्म के लिए सबसे बड़ा खतरा है।
सनातन धर्म मूलतः वैदिक धर्म है,
वेदों का शिखर है वेदान्त।
और वेदांत क्या है?
वेदान्त माने उपनिषद्,
वेदान्त माने वेदों का ज्ञानकाण्ड,
वेदान्त माने वेदों का अमृत,
वेदान्त माने वेदों का वह भाग
जो कालातीत है।
बिना वेदान्त से कोई रिश्ता रखे
असली सनातन धर्म को कैसे बचाएँगे?
मैं चाहता हूँ कि उपनिषद रखे हों
और उनके बगल म���ं रखी हो
आइंस्टीन की पुस्तकें।
मैं चाहता हूँ संतवाणी रखी हों
और उनके बगल में रखे हों
'लेटेस्ट रिसर्च जर्नल्स'।
जहाँ ये संगम हो गया
वहाँ समझ लो कि
फिर तुम पार कर गए;
जैसे तुम्हारी नाव को
दो चप्पू मिल गए।
जैसे तुम्हारे मन के प��ेरू को
अब दो पंख मिल गए,
अब वो मुक्ति के आकाश में
उड़ जाएगा।
तो ये मत पूछिएगा कि
संसार को जानना ज़्यादा आवश्यक है
या अध्यात्म को।
अलग-अलग नहीं हैं दोनों।