शिक्षक भर्ती के #tet अनिवार्यता के 23.08.2010 के #NCTE की बात तो सब कर रहे हैं लेकिन इसके मूल की बात को लोग भूल गए हैं...
👉 31.03.2010 की अधिसूचना के 750(अ) में बहुत स्पष्ट लिखा है कि " RTE की 2009 की उप-धारा(1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केंद्र सरकार एतदद्वारा राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) को शिक्षक के रूप में नियुक्त किए जाने के लिए पात्र व्यक्ति के लिए न्यूनतम अहर्यताओं का निर्धारण करने वाली ��ैक्षिक प्राधिकरण के रूप में प्राधिकृत करती है"
🎯 अर्थात अधिसूचना में एकदम स्पष्ट है कि NCTE को "RTE एक्ट के तहत भविष्य में शिक्षक नियुक्त किए जाने के लिए नियम बनाने के लिए नामित किया गया था न कि शिक्षक बने रहने के लिए"।
#नोट्स जब आप किसी विद्वान विधिवेत्ता के साथ चर्चा करेंगे तो वो बताएंगे कि..
"शिक्षक नियुक्त किए जाने के लिए एवं शिक्षक बने रहने के लिए" दोनों शब्द में कितना अंतर है।
किसी भी कानून से सम्बंधित किसी अंश को लेकर अस्पष्टता /विवाद की स्थिति में न्यायालय सदैव उस कानून के बनाने के मूल उद्देश्य objective/ Motive को जानने का प्रयास करता है।
31/03/2010 के अधिसूचना में वो objective/Motive स्पष्ट है कि RTE एक्ट के तहत भविष्य के शिक्षक भर्ती के नि���मों को निर्धारित करने के लिए ही NCTE को नामित किया गया था।☝️
@upbasic_shiksha सभी शिक्षकों को एकजुट होकर इस कठिन समय में अपनी मांगों के लिए संघर्ष करना होगा,सर्वप्रथम तो सभी शिक्षकों को अपनी नौकरी बचाने के लिए टेट की बाध्यता समाप्त करने हेतु मांग करनी चाहिए यदि नौकरी बची रहेगी तो सब हासिल हो जाएगा यहीं सभी शिक्षक संगठनों ��े आग्रह है 🙏
प्रश्न: कुछ शिक्षक संगठन विभागीय टीईटी की मांग राज्य सरकारों से कर रहे हैं इस पर TFI का क्या रुख है?
राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ दिनेश चंद्र शर्मा: जो शिक्षक संगठन ऐसी मांग कर रहे हैं उनके शिक्षक हितैषी संगठन होने पर संदेह है।
जब तत्कालीन पात्रता अर्जित करके सरकार ने ��िक्षक पद पर नियुक्त प्रदान की है तो बार बार नियम बदल कर परीक्षा क्यों दी जाए।
"अपने जीवन की अंतिम सांस तक इस अंधे कानून के ख़िलाफ़ लड़ा जाएगा।"
@DrDCSHARMAUPPSS
@TFI_2025 @vipinUPPSS
शिक्षकों को न्याय दो 🙏 RTE Act 2011 लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET परीक्षा से मुक्त रखा जाए। कोई भी नियम भूत कालिक प्रभाव से लागू नहीं किया जा सकता है। ऐसे शिक्षकों को सरकार या NCTE एक प्रशिक्षण प्रदान करें। #teachersprotest#NoTetBeforeRteAct#modisakar2#BJP4MP 🙏
#JusticeForTeachers
देश के सभी राज्यों में आरटीई लागू होने के पूर्व राज्यों द्वारा निर्धारित अर्हता रखने वाले अभ्यर्थियों को ही शिक्षक पद पर नियुक्त किया गया है जोकि 25-30 वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहे हैं ।
परन्तु आरटीई लागू होने के बाद शिक्षक पद पर नियुक्ति हेतु निर्धारित अर्हता उसके पूर्व में नियुक्त शिक्षकों पर थोपना सरासर अन्याय है ।हम भारत सरकार से अनुरोध करते हैं कि संसद द्वारा कानून पारित कराकर इस अन्याय पर रोक लगाकर देश के लाखों शिक्षकों और उनके परिजनों को न्याय दिलाया जाये ।
@PMOIndia@narendramodi@AmitShah@dpradhanbjp@jayantrld@CMOfficeUP@myogiadityanath@rajnathsingh@aajtak@brajeshlive@Aamitabh2@ABPNews
#आरटीई लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टेट लागू करने के निर्णय से व्यथित व लगातार फ़ोन करके अपडेट माँग रहे शिक्षक साथियों को अवगत कराना चाहता हूँ कि सुप्रीम कोर्ट में क़ानूनी कार्यवाही हेतु अ���िवक्ताओं से हुई बातचीत के क्रम में शीघ्र अपना पक्ष प्रस्तुत करने की तैयारी चल रही है ।
आप सब भली भाँति जानते हैं कि इस समस्या के पीछे एनसीटीई के भ्रामक शपथ पत्र और २३ अगस्त २०१० के पैरा ४ को स्पष्ट न करना है ।
एनसीटीई को भारत सरकार के निर्देश के बाद ही इस समस्या का हल है
इसलिए भारत व्यापी आंदोलन हेतु अन्य राज्यों से लगातार वार्ता चल रही है ।शीघ्र ही दिल्ली कूच की तिथि घोषित की जाएगी ।
सभी साथ�� एक्स (X) पर सक्रिय रहें और अपने प्रदेश व अन्य राज्यों के साथियों को जागरूक करें ।
आपकी एकता ही आपको सफलता प्रदान करेगी ।आपका सदैव नारा रहा है कि
“हर जोर जुल्म की टक्कर पर संघर्ष हमारा नारा है “।देश के लाखों शिक्षकों की कोई जीविका छीन ले ।इसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा ।
#शिक्षक_एकता_जिन्दाबाद
@kumar_sant17554 मध्य प्रदेश में भी इन्हीं की सरकार है तो जिन राज्यों में बीजेपी की सरकार है पहले उन राज्यों के शिक्षकों को TET परीक्षा से छूट तुरंत दे दी जाए। ये जुमले अब नहीं चलेंगे,शिक्षक समाज सब जानता हैं।सरकार जल्द RTE एक्ट 2011 लागू होने से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों की सेवा सुरक्षित करें🙏
#NoTetBeforeRteAct
यह शिक्षक वर्ग हैं ,सब समझते हैं ।
आरटीई में 2017 में संश���धन करके सभी कार्यरत शिक्षकों को टेट आपने अनिवार्य किया है ।तो पिछली सरकार की क्या गलती है ?पिछली सरकार ने तो 23 अगस्त 2010 के राजपत्र में आरटीई से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को स्पष्ट छूट दी है ।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अध्यादेश भारत सरकार लायेगी ,तो पश्चिम बंगाल की सरकार से इसका क्या लेना देना है?
यह इस प्रकार की गारण्टी है जैसे 2014 के यूपी चुनाव में शिक्षा मित्रों के लिए ली गई थी ।जिसका परिणाम स�� देख रहे हैं ।20 लाख शिक्षक तनाव में हैं,कुछ तो आत्महत्या कर चुके हैं।वकीलों की फीस हेतु शिक्षकों की मेहनत की कमाई जा रही है और आप राजनीतिक बयान दे रहे हैं ।
यदि इसी सत्र में यह अध्यादेश लाते हैं तो सही है ,अन्यथा शिक्षक सड़क पर उतर कर आंदोलन करने के लिए तैयार रहें ।
@vipinUPPSS@DrDCSHARMAUPPSS भारतवर्ष के सभी शिक्षक ऐसे शिक्षक जिनकी नियुक्ति आरटीई एक्ट 2011 लागू होने से पूर्व हुई है वे अपनी सेवा सुरक्षा चाहते हैं। इसलिए माननीय प्रधानमंत्री महोदय व शिक्षा मंत्री जी इस विषय पर जल्द से जल्द शिक्षक हित में फैसला लाने की कृपा करे l🙏🥺🙏 #ModiGovernment#NoTetBeforeRteAct
टीईटी पर केन्द्रीय शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी के बयान से आक्रोशित शिक्षकों ने पुतला फूंका,नारेबाजी की
रायबरेली। संसद द्वारा वर्ष 1993 में पारित एनसीटीई अधिनियम के अंतर्गत देशभर में भर्ती एवं कार्यरत लगभग 20 लाख शिक्षकों की सेवाओं पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से उत्पन्न संकट तथा सरकार की उदासीनता के विरोध में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, शाखा–रायबरेली के पदाधिकारियों ने केन्द्रीय शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी का पुतला जलाकर गहरी नाराज़गी व्यक्त की है।
जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ला ने कहा कि छह माह बीत जाने के बाद भी भारत सरकार द्वारा कोई ठोस समाधान न निकालना शिक्षकों के साथ अन्याय है। 20 लाख शिक्षक और उनके परिवार असुरक्षा में जी रहे हैं, लेकिन सरकार मौन है। ���दि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो शिक्षक समाज बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
जिला मंत्री मुकेश द्विवेदी ने कहा कि संसद में केन्द्रीय शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी द्वारा दिया गया जवाब शिक्षकों की भावनाओं को आहत करने वाला है। सरकार को शिक्षकों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए, न कि उनकी आवाज को अनसुना करना चाहिए।
अध्यक्ष, जिला संघर्ष समिति पंकज द्विवेदी ने कहा कि देशभर में शिक्षक लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे हैं, लेकिन पुलिस के माध्यम से दमन करना पूरी तरह अलोकतांत्रिक है। यह रवैया शिक्षक समाज को स्वीकार नहीं है और संघर्ष और तेज किया जाएगा।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश यादव ने ��ुलिस द्वारा कई जनपदों में संगठन के पदाधिकारीगण को रोके जाने की घटना की कड़ी निंदा की। संयुक्त मंत्री डा चंद्र मणि बाजपेई ने कहा कि विद्यालय में नजरबंद करना न केवल मौलिक अधिकारों का हनन है, बल्कि पूरे शिक्षक समाज का अपमान है। यह लोकतंत्र के मूल्यों के खिलाफ है।
कोषाध्यक्ष सुधीर सिंह ने कहा कि शिक्षक अपनी रोजी-रोटी और परिवार की सुरक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे समय में सरकार का दमनात्मक ��वैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। शिक्षक समाज किसी भी कीमत पर अपने अधिकारों से समझौता नहीं करेगा।
लेखाकार गंगा चरण भारती ने कहा कि शिक्षक समाज किसी भी प्रकार के दबाव या दमन से डरने वाला नहीं है और अपने सम्मान,अधिकार एवं भविष्य की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रहेगा। जनपदीय उपाध्यक्ष जटाशंकर बाजपेयी,बृजकिशोर, अनुराग शुक्ल, उमेशत्रिवेदी, संगठन मंत्री राम जी सरोज, आकाश त्रिपाठी,
सरेनी अध्यक्ष राकेश द्विवेदी,हरचंदपुर अध्यक्ष अरविंद द्विवेदी,��ँचाहार अध्यक्ष दिनेश सिंह, डीह अध्यक्ष कमलेश ओझा,सलोन अध्यक्ष राजेश पाण्डेय,महाराजगंज अध्यक्ष विनोद अवस्थी,गौरा अध्यक्ष शैलेश पांडे,रोहिनियां अध्यक्ष पवन शुक्ल,जगतपुर अध्यक्ष संजय सिंह,डलमऊ अध्यक्ष योगेश सिंह,शिवगढ़ अध्यक्ष गयेंदु सिंह,छतोह अध्यक्ष आदित्य नारायण पांडे,राही अध्यक्ष गजेंद्र सिंह,खीरो अध्यक्ष नीरज हंस,लालगंज अध्यक्ष शेखर यादव,बछरावां अध्यक्ष अमन शुक्ला,अमावां अध्य���्ष दयाशंकर तिवारी,जनपदीय संघर्ष समिति के कार्यवाहक अध्यक्ष सुरेन्द्र यादव,ब्लॉक मंत्री आशुतोष पांडे, सुधीर द्विवेदी,मो.सगीर, दर्शन लाल लोधी,धर्मेंद्र सिंह, अजय मिश्र,रमाशंकर,अरुण कुमार,ब्रम्प्रकाश,रामेंद्र यादव, नीरज सोनी,अरविंद कुमार, अभिषेक मिश्रा,दुर्गेश मिश्रा, सर्वेश शुक्ल,शशिकांत,शैलेंद्र सिंह, प्रमोद शुक्ल,राकेश शुक्ल,संतोष,इमरान,आशीष, पारुल कुमार,विवेक,कीर्ति मनोहर,अवध क��शोर,बलराज सिंह,पीयूष,अमित गुप्त,सूरज यादव,अशोक पाल, मुन्ना लाल,राजेंद्र यादव, आलोक,शीतला प्रसाद,राजेश त्रिवेदी,अशोक यादव,मंजुलता अवस्थी,बृजेश कुमार,राम कुमार सिंह,सर्वेश कुमार,दीपक द्विवेदी,अमरेंद्र यादव,आशीष त्रिपाठी,दीपक द्विवेदी,अता मोहमद,राम निवास,बृजेश पांडे,मोनू,संघर्ष पटेल,मयंक आदि मौजूद रहे। @DrDCSHARMAUPPSS @AmarUjalaNews @bstvlive @basicshiksha_up @RRTRIPATHIUPPSS @DainikBhaskar @HindiKhabar @BBCHindi @ANI @TFI_2025
@RajeshShukUPPSS आरटीई एक्ट 2011 के लागू होने के पूर्व भारत देश के समस्त शिक्षकों को टीईटी परीक्षा की बाध्यता से मुक्त रखना ही न्याय उचित है यदि ऐसा नहीं किया गया तो भारत शिक्षक संघ एक देश व्यापी आंदोलन के लिए अगस्त होगा और भारत सरकार को इस विषय का जल्द से जल्द शिक्षकों को न्याय देना चाहिए। 🙏🥲
@YogendraPa81714#NoTetBeforeRTE Bharat ke sabhi shikshakon ko nyaay Milana chahie RTE Act 2011 ke lagu hone ke purv niyukt shikshakon ko TET Pariksha ki badhyata se mukt Rakha Jana chahie yahi nyaay h
Neta khud to kuch jaante nhi dusro ko gyaan dete hai. #OPS