#NoTetBeforeRteAct
जो व्यवस्था देश के किसी कर्मचारी,अधिकारी या न्यायाधीश पर लागू नहीं है वो देश के बेसिक शिक्षकों पर लागू करना देश के 25 लाख शिक्षकों एवं उनके करोड़ों परिजनों के साथ अन्याय है ।
माझधार जो नाव डुबोए तो मांझी पार लगाए,
मांझी जो नाव डुबोए उसे कौन बचाये...?????
ये फैसला देते समय कुछ तो हाँथ काँपे होंगे? अंतरात्मा ने कुछ तो धिक्कारा होगा??? @DrDCSHARMAUPPSS@s_uppss@BrajeshUPPSS
जी बिल्कुल 👍 हमारे शिक्षा मित्र साथी एक पूर्ण नियमित शिक्षक की तरह ही सारे काम करते हैं इसलिये उनको नियमित शिक्षकों वाली समस्त सुविधा मिलनी चाहिए 🤝🤝🤝
#JusticeForTeachers