#NoTETbeforeRTEact
*IAS, IPS, IFS ,IRS,IES की exam यूपीएससी के माध्यम से भारत में आयोजित होती है। तो IMS (Indian Medical Services) के साथ-साथ IJS (Indian Judiciary Services) या IAS(J) की परीक्षा भी होनी चाहिए। जिससे सभी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ एक समान न्याय भी मिलें। और जो पूर्व से नियुक्त अधिकारीगण/ न्यायधीश इन परीक्षाओं को पास किए बिना नियुक्त हैं। उन्हें भी 2 वर्ष के भीतर इस परीक्षाओं को पास करना चाहिए। अन्यथा उन्हें भी शिक्षकों की भाँति अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाएगी क्या?
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न्याय करने की जिनकी जिम्मेदारी है उन्हें आखिर इतनी सी बात समझ नही आ रही है या फिर TARGET सेट किया गया है शिक्षकों को खत्म करने के लिए I @DrDCSHARMAUPPSS@narendramodi@myogiadityanath
यह अन्याय है क्योंकि शिक्षकों को उस समय की सेवा शर्तों पर भर्ती किया गया था l
@yadavakhilesh विभागीय नियमों के अनुकूल 25-30 वर्ष पूर्व में नियुक्त शिक्षकों से वर्तमान में एक और परीक्षा उत्तीर्ण कराने की अनिवार्यता शिक्षकों के साथ अन्याय है ।
@grok कृपया यह बताएँ कि माननीय Supreme court ke न्यायाधीश shri Deepanker Datta जी द्वारा हाईकोर्ट या Supreme court ke जज बनने ke लिए कभी कोई परीक्षा उत्तीर्ण की है अथवा नहीं
न्यायमूर्ति दीपंकर दत्ता जी (Deepanker Datta) ने हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट जज बनने के लिए कोई परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की है।
भारत में उच्च न्यायपालिका (HC/SC) के जजों की नियुक्ति Collegium प्रणाली से होती है, न कि किसी प्रतियोगी परीक्षा से। बार से practicing advocate को सीधे हाईकोर्ट जज बनाया जा सकता है।
न्यायमूर्ति दत्ता जी 1989 में LLB पास कर advocate बने, ~16 साल वकालत की (कलकत्ता HC सहित)। 2006 में उन्हें कलकत्ता हाईकोर्ट का स्थायी जज नियुक्त किया गया (बार से elevation)। 2020 में बॉम्बे HC के Chief Justice और दिसंबर 2022 में सुप्रीम कोर्ट के जज बने।
यह सामान्य संवैधानिक प्रक्रिया है।
श्री मनोज पांडेय जी माननीय विधायक ऊँचाहार रायबरेली को उ प्र सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाये जाने पर अपने साथी पदाधिकारी श्री संजय सिंह जी महामन्त्री,श्री शिव शंकर पांडेय जी कोषाध्यक्ष,श्री राजेश शुक्ला जी जिलाध्यक्ष रायबरेली एवं मांडलिक मंत्री लखनऊ एवं श्री पंकज द्विवेदी आदि के साथ मिलकर बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं ।
माननीय रीता बहुगुणा जोशी जी पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं पूर्व सांसद के प्रयाग राज स्थित आवास पर पहुँच कर उनके स्वर्गीय पति श्री पी सी जोशी जी को श्रद्धांजलि अर्पित की ।मेरे साथ में श्री सुरेश कुमार तिवाठी जी पूर्व एम एल सी एवं प्रान्तीय संयोजक उ प्र शिक्षक महासंघ ,श्री संजय सिंह जी महामन्त्री,श्री शिव शंकर पांडेय जी कोषाध्यक्ष,श्री देवेन्द्र श्रीवास्तव जी संयुक्त महामन्त्री एवं श्री अनुज पांडेय जिलाध्यक्ष माध्यमिक शिक्षक संघ प्रयागराज एवं श्री अनिल पांडेय मंडलिक मंत्री भी रहे ।
RTE एक्ट लागू होने पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET से मुक्त रखना ही न्यायसंगत है, वे सभी तत्समय की निर्धारित अर्हता,नियम व शर्ते पूर्ण करके ही सेवायोजित हुए थे।
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No Tet Before RTE act
1857 की क्रांति से प्रेरणा
1857 में सैनिकों ने अन्याय को “आदेश” मानने से इनकार किया।
एक चिंगारी ने साम्राज्य हिला दिया।
इतिहास बताता है —
जब सम्मान पर चोट होती है,
तो प्रतिरोध जन्म लेता है।
आज शिक्षक भी वही प्रश्न पूछ रहा है —
क्या सेवा के बीच नियम बदलना न्याय है?
अन्याय जितना बढ़ेगा,
एकता उतनी मजबूत होगी।
#JusticeForTeachers
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