मोदी जी ने BRICS G-20 ऐसे अंतराष्ट्रीय Summit के लिए 1000 खर्च कर दिए - AAP
मेरा जवाब - अकेले केजरीवाल जी ने अपना चेहरा चमकाने के लिए दिल्ली में 422 करोड़ खर्च कर दिए उसका क्या
बस चुप 😷😷😷😆
इस तरह से दिखना चाहिए असली शहरी प्लानिंग:
• कोई होर्डिंग नहीं
• सड़कों पर कोई VIP कल्चर नहीं
• आवारा कुत्ते नहीं
• सड़कों पर कचरा नहीं
• साफ-सुथरी और पैदल चलने लायक सड़कें
•आखिर भारत 80 सालों में एक भी ऐसा शहर क्यों नहीं बना पाया, जहाँ लोग बिना हर पल अपनी सुरक्षा की चिंता किए साइकिल चला सकें?
लंदन में एकनाथ शिंदे ने UK कंपनियों को महाराष्ट्र में निवेश का न्योता दिया। 🇮🇳
लक्ष्य—2030 तक $1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था!
14% राष्ट्रीय GDP और 30%+ FDI में हिस्सेदारी वाला महाराष्ट्र अब ग्लोबल ग्रोथ का नया हब बन रहा है। 🔥
हमारी 12 प्रमुख मांगें:
1.सामान्य वर्ग के लिए राष्ट्रीय आयोग (NCGC) का गठन।
2.UGC का काला कानून वापस लिया जाए।
3. EWS को आयु, प्रयास व अन्य समान छूट मिले।
4.एक परिवार, एक आरक्षण, एक बार का सिद्धांत लागू हो।
5. आरक्षण में आर्थिक आधार को प्राथमिकता मिले।
6.आरक्षण में क्रीमी लेयर व उप-वर्गीकरण प्रभावी हो।
7.आरक्षित सीटों पर न्यूनतम योग्यता अनिवार्य हो।
8.निजी क्षेत्र में आरक्षण नहीं, अवसरों का विस्तार हो।
9.आरक्षण पर श्वेत पत्र व पारदर्शी डेटा जारी हो।
10.आरक्षण की हर 10 वर्ष में समीक्षा हो।
11.आरक्षण में Sunset Clause लागू हो।
12. SC/ST कानूनों में दुरुपयोग रोकने हेतु सुधार हों।
#JUSTICE_FOR_EWS
#EWS_AGE_RELAXATION
#UGC_काला_कानून_वापस_लो
@talk2anuradha
#8CPC कई मायनों में बहुत महत्वपूर्ण है। पहली बार किसी पे कमीशन ने सभी कर्मचारियों से सुझावों को 15 जून तक ऑनलाइन मांगा था। इससे पहले केवल चुनिंदा संगठन ही सुझाव और समस्याएं रख पाते थे। सोशल मीडिया पर बड़ी बड़ी डिमांड करने वालों के द्वारा लिखित सुझाव भेजने के नाम पर उनकी घिग्घी बँध जाती थी। ज्यादातर लोगों से सुझाव भेजे ही नहीं गए जबकि हमारी संख्या केवल केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स मिलाकर 1.2 करोड़ के आस पास है। इससे भी ज्यादा राज्यों में है, वे भी अपने सुझाव तो भेज ही सकते थे। खैर अभी पे कमिशन के लागू होने की तिथि से पहले यानी 01 जनवरी 2026 से पहले रिटायर होने वाले कर्मचारियों के मामले में महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकार ने पे कमीशन के टर्म्स आफ रिफरेंस में फंडेड और अनफंडेड पेंशन पर खर्च को लेकर भी सुझाव रखने की बात कही है। जिससे पुराने पेंशनर्स के मन में यह आशंका पैदा हो गई है कि उन्हें पे कमीशन का लाभ मिलेगा या नहीं? हालांकि उसमें कहीं ऐसा भी नहीं लिखा गया है कि उन्हें लाभ नहीं मिलेगा। पिछले पे कमीशन में भी इसी लेंग्वेज का इस्तेमाल किया गया था। हमारी सबसे बड़ी समस्या ये है कि #UPS एक फंडेड स्कीम है और सबसे बड़ी दिक्कत इनको ही हो सकती है। सरकार फंडेड पालिसी के नाम पर इनके केस में फिटमेंट फैक्टर को इग्नोर कर सकती है और कह सकती है कि उनकी बेसिक पेंशन पे कमिशन के पहले फिक्स हो गई थी और उसके बाद न तो सरकार द्वारा कोई कंट्रीब्यूशन दिया गया और न ही कर्मचारी द्वारा। इससे इनकी पेंशन पर खतरा स्वाभाविक है। इस पर बात होनी चाहिए जबकि बात उस पर हो रही है जो समस्या है ही नहीं। दैनिक जागरण को इस मुद्दे को उठाने के लिए हम अपनी तरफ से आभार व्यक्त करते हैं कि UPS में रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए हमारी आवाज को उन्होंने मीडिया में स्थान दिया। उम्मीद है हम इस समस्या को भी पे कमिशन के लागू होने तक खत्म करवाकर ही रहेंगे। #manjeetsinghpatel
https://t.co/IIWOHqcUF9
कंप्यूटर अनुदेशक का वास्तविक जॉब डिस्क्रिप्शन:
10% कंप्यूटर पढ़ाना 🖥️
90% गैर-शैक्षणिक काम, डेटा एंट्री, फ़ाइलें और सर्वे संभालना 📁📝
जो शिक्षक भविष्य की पीढ़ी को डिजिटल बना रहे हैं, सिस्टम ने उनका ही हक़ 'ऑफ़लाइन' कर रखा है!
@RajCMO
अंबेडकर के नाम पर तीर्थ नहीं, शिक्षण संस्थान बनाइए; आज पूरी दुनिया जो है 2 नैनोमीटर चिप बना रही है, अभी लेटेस्ट iPhone जो आया है 2 नैनोमीटर प्रोसेसर उसमें, और हम हैं कि 32 पर ही नाच रहे हैं।
जब तक आप एजुकेशन में फाइनेंशियल, ह्यूमन इन्वेस्टमेंट, करिकुलम किस तरह से होना चाहिए, इस पर विचार नहीं करोगे, विकसित भारत नहीं बनने वाला, कुछ नहीं बनेगा। आप एट मैक्स जातिवादी भारत बना सकते हो, जो दो-चार, पांच साल में मुझे लगता है कि जातिगत दंगों की आग में झोंक दिया जाएगा।
यही आपकी सबसे बड़ी उपलब्धि होने वाली है। आप एक ऐसे प्राइम मिनिस्टर के रूप में याद किए जाओगे, जो अपने विजन ऑफ दलित अपीसमेंट को हर सिटी, कंट्रीसाइड, विलेज, ब्लॉक, डिस्ट्रिक्ट और स्टेट में कास्ट राइट्स में बदलते हुए देखेगा।
क्या आप यह लेगेसी छोड़ना चाहते हो तो अभी भी समय है? थोड़ा बहुत जो भी समय बचा है, कोर्स करेक्शन कीजिए। नहीं तो मुझे नहीं लगता कि आप अपना ये टर्म पूरा कर पाएंगे। आप स्वयं इतने लज्जित होकर या तो छोड़ देंगे या हटा दिए जाएंगे।
मैं कोई धमकी नहीं दे रहा। मैं बहुत छोटा आदमी हूँ, मैं धमकी दूंगा? मैं बस चाहता हूँ कि ऐसा न हो।
मैं अभी भी आपको भारत का सबसे अच्छा प्रधानमंत्री मानता हूँ। परंतु आप खुद ही अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारे जा रहे हो। ऐसा मत करो, माननीय प्रधानमंत्री जी।
⚠️ सावधान ⚠️
सोशल मीडिया पर आजकल AI से 80 के दशक वाले लुक बनाने का ट्रेंड काफ़ी छाया हुआ है।
देखने में यह काफ़ी दिलचस्प लग सकता है, लेकिन इसके पीछे छिपे जोखिमों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
जब हम ऐसे ऐप्स पर अपनी तस्वीरें अपलोड करते हैं, तो हमारा बायोमेट्रिक डेटा और फेशियल प्रोफाइल उन कंपनियों के पास चले जाते हैं, और हमें यह तक नहीं पता होता कि उनका इस्तेमाल कहां और कैसे होगा।
आज के समय में इन तस्वीरों का इस्तेमाल करके DeepFake और फर्जी पहचान बनाने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे डेटा प्राइवेसी और साइबर सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान लग गया है।
किसी भी ऑनलाइन ट्रेंड का हिस्सा बनने से पहले यह सोचना बहुत ज़रूरी है कि हमारी डिजिटल सेफ्टी दांव पर न लगे।
8 महीने से लगातार चेस्ट में दर्द,,,,
सब डॉक्टर को दिखा लिया,,, सारी जांच नॉर्मल 🙏
बहुत ज्यादा इरिटेशन पैदा करता है या यूं कहूं कि एनर्जी का 70% हिस्सा खा जाता है,,, कोई देसी उपाय है तो जरूर साझा करें 🙏
लाल कालीन, भव्य गार्ड ऑफ ऑनर और दिल्ली में जोरदार स्वागत! 🇷🇺🇮🇳
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंच चुके हैं। 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन होगा, जबकि आज PM मोदी और पुतिन के बीच अहम द्विपक्षीय वार्ता भी होगी।
भारत-रूस की दोस्ती सिर्फ रिश्ते नहीं, रणनीतिक साझेदारी की मिसाल है। 🇮🇳🔥🇷🇺
चीन ने अपने देश में स्कूलों
के लिए स्पेशल आदेश निकाला है.!
2 घंटे की स्कूल में फिजिकल एक्टिविटी अनिवार्य.!
हमारें देश मे बच्चे खेलते मिल जाए तों.? 😄
पढने आते हो या खेलने 🤗
असल मे शिक्षा का उद्देश्य सर्वांगीण विकास है.!!
गूगल पर सर्च किया: "https://t.co/Cal7l8eqGr और MCA करके 2026 में 1980 वाली सैलरी कैसे मैनेज करें?"
गूगल का जवाब आया: "ERROR 404: Logic Not Found. कृपया राजस्थान के शिक्षा विभाग से संपर्क करें!" 🤖💸
मज़ाक अपनी जगह है, पर योग्यता के हिसाब से सम्मान और सही ग्रेड-पे मिलना हक़ है, खैरात नहीं!
@RajCMO
📌INFRA Push!
CM Fadnavis wants JNPT to become India’s logistics powerhouse💥
> JNPT handled 38.27 lakh TEUs in just 5 months, with container traffic surging 15%.
Fadnavis now sees capacity crossing 1 crore TEUs by 2029–30.
Game-changer: "Western Dedicated Freight Corridor is now connected to JNPT."
One double-stack freight train can carry roughly 250 trucks, with some journeys shrinking from 3 days to just 12 hours 🤯
Fadnavis believes this could push India’s logistics costs down from roughly 10% to 7%.
North India’s cargo → JNPT → global markets.
Maharashtra is positioning itself at the heart of India’s export machine. 🇮🇳🚆🚢
SC-ST एक्ट और बिखरता देश
वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप सिंह जी ने एससी-एसटी एक्ट का थोड़ा सा जो वर्णन किया है, वह बताता है कि इस देश को बिखेरने का कितना बड़ा षड्यंत्र मोदी सरकार ने किया है। अपनी एक बीमारी के इलाज में दूसरी इतनी बड़ी बीमारी ले ली है, कि उसका इलाज ही नहीं है।
अब बीजेपी का कोई कोर वोटर रह ही नहीं जाएगा। इस एक्ट में बीजेपी अब कोई बदलाव कर नहीं पाएगी और नया ऐसा कुछ भी लाने को है ही नहीं जो इसकी भरपाई कर पाए। अब अगर किसी ने आत्महत्या करने की ठान ही ली है तो कोई रोक भी कितना पाएगा।
जैन समाज के संत पुलक सागर जी ने UGC,आरक्षण और SC/ST एक्ट पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
क्या UGC पर इसी तरह से पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, पंडित प्रदीप मिश्रा जी और देवकीनंदन ठाकुर जी समेत अन्य हिंदू धर्म के संतों का भी बयान आ सकता है?
प्रिय पार्क वाले अंकल ,
आपने अपने सेवाकाल में किस तरह विभागीय दायित्वों का निर्वहन किया होगा वह हम केवल आपके व्यवहार से ही अंदाज़ा लगा सकते हैं बाय ग्रेस आप 41 पर्सेंट से MA उत्तीर्ण किये जो कि वर्तमान में इस पद की योग्यता को भी फ़ुल फ़िल नहीं कर पाते क्योंकि फ़ॉर्म भरने के लिए 45 पर्सेंट आवश्यक होता है।
एक अच्छे पेंसन भोगी होने के बावजूद आपको लगा की अगर दो चाय पीने के 800 रुपये मिल रहे हैं तो लपक कर ले लेता हूँ भले ही सैकड़ों बेरोज़गार जिन्हें चाय भी नसीब नहीं है उनकी योग्यताओं का कत्ल विभागीय खामियों की वजह से करना पड़े।
हम यह अंदाज़ा लगा सकते हैं कि आपके नालायक बेटे बेटियां और बहुएँ आपको घर में नहीं टिकने दे रहे हैं उनकी धनलोलुपता आपके बुढ़ापे को भी सींच रही है लेकिन अपने सम्पूर्ण जीवन काल में आपने भी तो नैतिक ज्ञान और कुछ आयाम व्यक्तित्व के तौर पर स्थापित किए होंगे क्या उन्होंने आपको दुत्कारा नहीं ?
क्या आप यह मानते हैं कि बदलते परिदृश्य में आप शिक्षा के उन मापदंडों पर खरे उतरते हैं जहाँ लोग 40 परसेंट भी नहीं ला पा रहे हैं वह बच्चे कितने योग्य होंगे जिन्हें आपने 1 पल में अपने रिटायरमेंट सर्टिफ़िकेट से मात दे दी जबकि आपके ही समकक्ष अध्यापकों ने आपसे यह सब नहीं करने का अनुरोध किया था क्योंकि वे जानते थे कि आप वहाँ आकर छात्रों के साथ न्याय नहीं कर पाएंगे और अपने पुराने अनुभवों और उम्र का ग़ैर वाजिब लाभ लेते हुए वही पुराने क़िस्से सुनाकर टाइम पास करेंगे लेकिन आप को शिक्षा दान करना था।
यह कोई वृद्धावस्था की EMI चुकाने की स्कीम नहीं थी वर्तमान राजनीति विज्ञान के पाठ्यक्रम और प्रतियोगी परीक्षाओं की माँग आपके एकेडमिक रिकॉर्ड को देखते हुए किसी भी तरह आप से मैच नहीं करती लेकिन आप डटे रहे।
दादाजी अब तो इससे पेट की भूख का नाम भी नहीं दिया जा सकता क्योंकि सरकार ने आपको आपके बुढ़ापे का सहारा अच्छी ख़ासी पेंशन का हक़ दार बनाया है लेकिन आपने सोचा अगर एक चाय पीने के 800 रुपये मिल रहे हैं तो ज़रूर पीकर आऊँगा।
अब पार्क में जाकर बेरोज़गारी जैसे मुद्दे पर सरकार के ख़िलाफ़ मत बोलना सिस्टम को दोष मत देना और चोरी एवं भ्रष्टाचार पर बिलकुल मत बोलना।
मेरी शुभकामनाओं के साथ यह उम्मीद रहेगी की दूसरों के बच्चों के प्रति जितनी सहानुभूति आपके मन में है आपके बच्चों के प्रति भी समाज वही दृष्टिकोण रखे !
तुम्हारे जैसे लोगों की आलोचक
पूजा ‘द चुगलखोर’