आज विशेष सर्वेक्षण संविदा कर्मी के द्वारा मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया गया, ताकि मुख्यमंत्री तक इन संविदा कर्मियों का आवाज पहुंच सके और मांग पत्र सौंपा जाय । लेकिन पुलिस प्रशासन ने रोकते हुए लाठी चार्ज शुरू कर दिया गया, जिसमें एक कर्मी का हाथ फ्रैक्चर हो गया।
@NitishKumar
आज गर्दनीबाग स्थित धरना स्थल पर विशेष सर्वेक्षण संविदा कर्मियों से मिली और उनके साथ हुए अन्याय के विरोध में उनका साथ देने का वचन दिया। बर्खास्त कर दिए गए कर्मियों को सरकार तुरंत बहाल करे और इन कर्मियों की सेवा नियमित हो, इसके लिये मैं प्रतिबद्ध हूँ। @narendramodi@NitishKumar
बिहार में अचेत और बेसुध मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रशासनिक अराजकता, जंगलराज और बदहाल विधि व्यवस्था का यह आलम है कि दिन-रात जंगलराज का रोना रोने वाले दल बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जी आज अपने ही प्रदेश पार्टी कार्यालय में प्रवेश नहीं कर सके और उन्हें गेस्ट हाउस भागना पड़ा। #Bihar
बिहार में 'कुशासन काल' चल रहा है।
कभी अपना हक मांगते BPSC के छात्रों पर लाठियां भांजी जाती है, तो कभी संविदा शिक्षकों को बेरहमी से पीटा जाता है।
BJP-JDU की सरकार पुलिस की लाठियों के पीछे अपनी नाकामी छिपा रही है- लेकिन बिहार का युवा अब इन्हें सत्ता से उखाड़कर ही दम लेगा।
विशेष सर्वेक्षण संविदा कर्मी संघ की तरफ से पुन: एक बार फिर प्रतिनिधि मंडल मिला। सरकार ने इन्हें एकमुश्त सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। संपूर्ण बिहार के हज़ारों संविदा कर्मी 16 अगस्त से हड़ताल पर हैं।
इनके शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन को पुलिस द्वारा लाठीचार्ज कर बर्बरतापूर्वक कुचल दिया गया। हम इनकी निम्नवत मांगों के साथ है।
1. धरना-सत्याग्रह में बर्खास्त किये गए सभी कर्मियों की सेवा तत्काल बहाल की जाए।
2. इनकी सेवा 60 वर्ष तक नियमित की जाए।
3. नियमित नियुक्ति में इन्हे अनुभव के आधार पर अधिमानता दी जाए।
4. मंहगाई भत्ता, पदनाम परिवर्तन, EPFO अंशदान इत्यादि अन्य मांगों को स्वीकार किया जाए।
#TejashwiYadav #Bihar #RJD
@priyankagandhi दीदी, पश्चिम बंगाल में जब रेप पीड़िता की माँ और इंसाफ की आवाज उठा रहे लोगो पर लाठियां बरस रही थी तब तुम्हारी संवेदनाये मर गई थी या कही घुसा ली थी ? एक शब्द नही बोला तब तुमने ?
आज अपने कार्यकर्ताओं से गुंडागर्दी करवाकर संविदा कर्मियों के पीछे छिप रहे हो ?
बिहार में अपनी कुछ मांगें लेकर बीजेपी कार्यालय पहुंचे संविदाकर्मियों पर बर्बर पुलिस लाठीचार्ज की जितनी निंदा की जाए, कम है।
जो सरकार युवाओं को रोजगार के अवसर देने की जगह यातना देने पर उतारू हो, उसे सत्ता में बने रहने का कोई हक नहीं है। बिहार के युवा इस बार अधिकार छीनकर अत्याचार करने वाली जेडीयू-बीजेपी सरकार को करारा सबक सिखाने जा रहे हैं।
रोज़गार देने के बजाय बिहार की NDA सरकार युवाओं पर लाठियां बरसा रही है।
पटना में 26 दिनों से जारी धरना और 12 दिनों से आमरण अनशन के बावजूद सत्ता के मद में चूर सरकार कुंभकर्णी नींद में सोई हुई है। यह साफ़ दिखाता है कि इस कुर्सीपसंद सरकार और इसके नेताओं को न तो युवाओं के रोजगार से मतलब है और न ही बिहार के भविष्य से, इन्हें सिर्फ अपनी सत्ता प्यारी है।
बिहार के युवा कर रहे पुकार,
नहीं चाहिए अब ऐसी लाठीमार सरकार।