USA दुनिया में लीडर इसलिए है क्योंकि वहाँ Accountability Responsibility तय की जाती है
हमारे भर्ती बोर्ड हर परीक्षा को पूरी तरह सही कराने में लगभग हर बार फेल होते है लेकिन कोई जवाबदेही तय नहीं होती
#बदलाव_टाइ
"तिरंगा राष्ट्र के लिए अशुभ होगा, क्योंकि तीन संख्या हिन्दू धर्म में अशुभ होती है।"
-गोलवलकर
"जिस इंसान को ये समझ न हो कि हिंदू धर्म में मुख्य देवता ही तीन हैं, ब्रह्मा, विष्णु, महेश, उसके बारे में क्या कहें ?"
-सरदार पटेल
#स्वतंत्रता_दिवस#IndependenceDay2024@Barmer_Harish
आज बात करते है #RSSB के अध्यक्ष आलोक राज जी की ।
गहलोत सरकार ने आज से ठीक एक साल पहले @alokrajRSSB जी को अध्यक्ष बनाया तब बेरोजगारों में एक अलग ही खुशी की लहर उठी की बोर्ड का अध्यक्ष देश भक्ति से ओत प्रोत मेजर जर्नल आलोक राज जी को बनाया है सिस्टम में बदलाव होगा । आलोक राज जी ने कार्य भार संभालने के बाद अपनी स्ट्रिक्ट आदेश और समय पर एग्जाम करवाने को लेकर बहुत ही अच्छा कार्य किया धीरे धीरे बेरोजगारों को बोर्ड पर विश्वाश होने लगा की नए अध्यक्ष के आने से अपने भी मेहनत का परिणाम मिलेगा,। इसी तरह 4/5 एग्जाम बोर्ड ने करवाई वो भी निस्पक्षता के साथ अब बोर्ड पर बेरोजगारों को विश्वाश होने लगा था , आलोक राज जी बेरोजगारों की छोटी से छोटी समस्या का समाधान x par पोस्ट करके बताने लगे जिस से कुछ हद तक बेरोजगारों को होने वाला मानसिक तनाव कम हुआ , जिस से बेरोजगार अभी तक इनकी कार्य प्रणाली से खुश नज़र आ रहे थे ,ये था इनका ��क पहलू!
अब बात करते है इनके दुसरे पहलू की x पर बेरोजगारों से वाह वाही लूटने के बाद इनका असली रुप सामने आने लगा वो इस प्रकार है 👇👇👇
जुनियर अकाउंटेंट का एग्जाम 11 Feb को करवाया लेकिन उसकी उतर कुंजी को लेकर बेरोजगारों को खूब गुमराह किया , अंत में 4/5 डेट देने के बाद उतर कुंजी जारी की , और छात्र छात्राओं से आपत्ति के नाम से करोड़ो रुपए बोर्ड द्वारा हड़प लिए गए अध्यक्ष चाहते तो पेपर की प्रोविजनल उतर कुंजी ही सुस्पष्ट जारी कर सकते थे ।
छात्र परिणाम को लेकर मानसिक तनाव का सामना कर रहे थे, उसे कम करने की बजाय अध्यक्ष साहब ने बेरोजगारों के मज़े लेना स्टार्ट कर दिया , युवाओं को फुटबॉल बना कर खेलने लगे बॉल को आचार संहिता का हवाला देकर कभी चुनाव आयोग के पाले में डाल देते कभी विभाग के पाले के डाल देते , अंत में बेरोजगारों ने अपने स्तर पर प्रयास किया तब समझ में आया ये रिज़ल्ट निकालने को लेकर उत्सुक नहीं है , काफी समय इंतजार करने के बाद साहेब रिज़ल्ट जारी करते है और बच्चों के होश उड़ जाते है रिजल्ट देखने के बाद क्योंकि पहली बार किसी परीक्षा में 23 प्रश्न डिलीट होते है , और अब तक का सबसे कठिन पेपर होने के बाद भी कट ऑफ अप्रत्यासित रहती है , बेरोजगार मायुश होने लगते है ।
उसके बाद धीरे धीरे साहेब सूचना सहायक का रिजल्ट जारी करते है जिसका पेपर ऑउट ऑफ सिलेबस होने के बाद भी तीन गुणा की कट ऑफ बहुत ज्यादा जाती है जो पहले बहुत कम पोस्ट होने पर भी अंतिम परिणाम की नही जाती थीं उस से ज्यादा तीन गुणा परीणाम की जाने लगी , बेरोजगार खुद को ठगा सा महसूस कर रहा था कुछ तो झोल हुआ है , अंत में खुद को सांत्वना देकर दुसरे रिजल्ट का इंतजार करते है और वो समय आता है जब संगणक का रिजल्ट जारी करते है अध्यक्ष साहब कट ऑफ बहुत ज्यादा जाती है बेरोजगार खुद की किस्मत को कोसता हुआ दुसरे एग्जाम ���ी तैयारी में लग जाता है ।
अब अध्यक्ष साहब का दूसरा खेल स्टार्ट होता है
छात्रावास अधीक्षक के पेपर में जिसमें ए��्जाम में राजस्थान सामान्य ज्ञान का वेटेज अधिक होने के उपरांत भी साहेब इंडियन जीके और विश्व के प्रश्नों का समावेश करते है , इस पेपर में बच्चों की संख्या कम होने के कारण मामला हाई लाइट नही होता तो अध्यक्ष साहेब का मनोबल और घमंड सातवें आसमान पर पहुंच जाता है ।
फिर 11 मार्च को LDC भर्ती परीक्षा का पेपर आयोजित किया जाता है जिसके प्रथम पेपर में 41 प्रश्न सिलेबस से बाहर पूछे जाते है , जिसका बेरोजगारों ने ���ोचा भी नही था क्योंकि तैयारी करने वाला सिलेबस की लाइन टू लाइन के हिसाब से तैयारी करता है ,। जब ऑउट ऑफ सिलेबस को लेकर साहेब के पास मिडिया के माध्यम से सवाल किए जाते है तो साहेब साफ मना कर देते है की एक या दो प्रश्न बाहर से हो सकते है उस से ज्यादा नही ।
अध्यक्ष की हठधर्मिता से परेशान हुआ जब अपनी मांगों को लेकर x पर ट्रेंड करता है और अध्यक्ष का इस्तीफा मांगता है तो साहेब x par पोस्ट डालते है की परीक्षा की न्युनतम योग्यता 12th पास रखी गई ��ीं सभी प्रश्न 12th तक की बुक्स से पूछे गए है ।
मेरा नीरो से सवाल जब 12th तक की बुक से प्रश्न पूछने थे तो सिलेबस जारी क्यों किया ❓
क्या आज तक आरपीएससी और आरएसएसबी बोर्ड ने जो परीक्षा करवाई वो सभी गलत थी❓
12th तक तो संस्कृत , उर्दू , पंजाबी भाषाएं भी पढ़ाई जाती है उनके प्रश्न क्यों नही डाले ❓😴
बेरोजगार आज आपके कार्यकाल को एक साल होने के बाद आप से एक ही निवेदन करता है या तो अपनी हठधर्मिता छोड़ दीजिए य�� इस्तीफा दे दीजिए !
@alokrajRSSB
@HANUMANKISAN @Radhemahwa
@Jitubanaren @TheUpenYadav @TheDeepeshJJN @ms__patel @AdvAjayGurjar @Veer_0968 @SushilaKajla2
एक वर्ष पूर्व जब RSSB के अध्यक्ष के रूप में श्री @alokrajRSSB की नियुक्ति हुई तो भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवावर्ग कि उम्मीदें उमंग से हिल्लौरे मारने लगी।
In The Eyes Of Society,रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर का औहदा बहुत ऊँचा है,
अनुशासन,सत्यनिष्ठा,समयबद्धता,प्रोएक्टिवीनेस,
कुल मिलाकर एक सुपरहीरो की तरह इनका स्वागत हुआ।
सुपरहीरो भर्ती परीक्षाओं में ख़ामियों के निराकरण के बजाए स्पष्टीकरण का झुनझुना बच्चों को देने लगे।
युवावर्ग ने सुपरहीरो को अभिभावक क�� दर्जा दिया था,
लेकिन सुपरहीरो जब ट्वीट ट्वीट खेलने लगा तो उम्मीदों की जो उमंगें थी(रामेश्वरम के समुंदर) की तरह शांत हो गई।
हम बंदे है राजस्थान के इसलिये बुजुर्ग और रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर के रूप में आपका सदैव ही सम्मान रहेगा,भगवान आपको अच्छा स्वास्थ्य दे एवं युवा वर्ग के हितार्थ कार्य करने ��ी प्रेरणा दे।
With All Due Respect,कभी कभी इंसान को समझना चाहिए कि वह हर किसी पद पर फिट नहीं होता।
सम्माजनक विदाई की आशाओं सहित ढेर सारी शुभकामनाएँ 🙏
राजस्थान का सबसे बड़ा एग्जाम होता ह�� ADJ (Additional District Judge) जिसका syllabus निश्चित है
आज दिनांक तक ADJ के जीतने भी एग्जाम हुए है उस syllabus के अनुसरण में हुए है
ADJ के लिए मिनिमम क्वालिफिकेशन है LL.B & Seven Year Practice As An Advocate.
आप के मतानुसार तो पहली क्लास से लेकर LL.B तक कुछ भी पूछ लो वहाँ तो।
मारवाड़ी में एक कहावत है “सुनपात म कठ घूमह”
कहने का अभिप्राय है कि हर चीज़ का एक दायरा होता है।
कॉमन सेंस की बात है एक LDC, ADJ के अधीन ही काम करता है
गलती आपकी नहीं है हम कॉमन मेन है और हमें कॉमन सेंस की बातें ही समझ आती है
“जब रोम जल रहा था तब जलते हुए रोम में किसी भी व्यक्ति को नीरो की बांसुरी की धुन अच्छी नहीं लग रही थी���
जब मैं छोटा था तब मैंने मेरे दादोसा को कई लोगों को कहते सुना “की यार बिना सिर पैर की बातें मत किया कर ,तेरी उम्र हो गई राम नाम लिया कर”
तरस ही नहींआया तुझको ।
तरस ही नहीं आया तुझकों ।
बिना मेहनतके मिली पोस्ट पे बैठ के बकवास करते हुए @alokrajRSSB वाह गुरुदेव वाह
अब तो विस्वास पक्का हो रहा हैं jra में भी साजिश के साथ question डिलीट करवाए है आपने
कि���ी भी प्रतियोगिता परीक्षा में जो पूछा जाता है वो सभी कैंडिडेट्स पर बराबर लागू होता है। और सिलेबस एक ब्रॉड गाइडलाइन होती है। यदि exam में सिर्फ और सिर्फ मोस्ट स्ट्रिक्टली दिए हुए सिलेबस के वर्ड टू वर्ड क्वेश्चंस पूछ कर नियुक्ति करनी हो तो भर्ती में दिए एजुकेशन क्वालिफिकेशन का कोई औचित्य नहीं रह जाता। एजुकेशन क्वालिफिकेशन इसलिए होती हैं की एक कैंडिडेट को मिनिमम क्वालिफिकेशन की नॉलेज तो हो। LDC परीक्षा में जो पूछा गया है वो आप ने 10 और 12th में जरूर पढ़ा होगा, फिर भी आप को लगे की कोई Q बिलकुल ही सबके समझ के बाहर है तो आप अपना ऑब्जेक्शन रजिस्टर कर सकते हैं और यदि एक्सपर्ट्स उस Q को delete करते हैं तो नियम अनुसार उस प्रश्न के मार्क्स दूसरे सभी प्रश्नों में बांट दिए जाते हैं।
कि���ी भी प्रतियोगिता परीक्षा में जो पूछा जाता है वो सभी कैंडिडेट्स पर बराबर लागू होता है। और सिलेबस एक ब्रॉड गाइडलाइन होती है। यदि exam में सिर्फ और सिर्फ मोस्ट स्ट्रिक्टली दिए हुए सिलेबस के वर्ड टू वर्ड क्वेश्चंस पूछ कर नियुक्ति करनी हो तो भर्ती में दिए एजुकेशन क्वालिफिकेशन का कोई औचित्य नहीं रह जाता। एजुकेशन क्वालिफिकेशन इसलिए होती हैं की एक कैंडिडेट को मिनिमम क्वालिफिकेशन की नॉलेज तो हो। LDC परीक्षा में जो पूछा गया है वो आप ने 10 और 12th में जरूर पढ़ा होगा, फिर भी आप को लगे की कोई Q बिलकुल ही सबके समझ के बाहर है तो आप अपना ऑब्जेक्शन रजिस्टर कर सकते हैं और यदि एक्सपर्ट्स उस Q को delete करते हैं तो नियम अनुसार उस प्रश्न के मार्क्स दूसरे सभी प्रश्नों में बांट दिए जाते हैं।
जब सिलेक्शन करने वालों का ही सिलेक्शन सही नहीं हुआ तो वो सिलेक्शन सही कैसे करेंगे।
#RPSC#RSSB
और जो इनको सेलेक्ट करते है क्या उनका सिलेक्शन सही हुआ है
#सावन_में_झूमता_युवा