@prakashraaj तुम दो कौड़ी के भांड हो प्रकाश इससे ही तुम्हारा पेट पालता है । इसरो प्रमुख जो देश को गर्व महसूस कराने के लिए अपनी टीम के साथ दिन रात मेहनत करते है, पर टिप्पणी करने की तुम्हारी तो कोई हैसियत नहीं
@HamidullahCha11@KkRehman13 हमीदुल्लाह जी पोर्ट की संचालन व्यवस्था अडानी की है पोर्ट से सामान तो आपका भी आ सकता है ये किसने कहा कि केवल अडानी का आएगा। बहुत से एयरपोर्ट प्राइवेट संचालन में है लेकिन वहां से फ्लाइट तो कोई भी ले सकता है।
@abhi_shlok @DrSYQuraishi बहुत से लोग सस्ती लोकप्रियता के लिए ये सब करते है। क्योंकि यदि कोई महाभारत से प्रभावित होगा तो अवश्य उसके परिवेश में महाभारत की छाप दिखेगी चचा तो पक्के मुल्ला है। महाभारत धर्म नही तत्कालीन जीवन संस्कृति का चित्रण है।
@ssoodfans सोनू सूद को प्रधानमंत्री से कोई दिक्कत नही लगती, ये तो कुछ चमचे है जो सोनू के नाम का अपने एजेंडे के लिए दुरुपयोग कर रहे है।सोनू को दिक्कत होगी तो वो अपने प्रोफाइल से खुद ट्विट करेंगे वो लीजेंड है उन्हें चमचों की जरूरत नही।
@KkRehman13@HamidullahCha11 @ssoodfans अडानी ग्रुप मुंद्रा पोर्ट का संचालन करता है जिस से देश मे व्यापारिक माल की आवाजाही होती है चमचे कहते है अडानी पर एफ आई आर हो जरूर हो लेकिन ड्रग्स अडानी के होने के साक्ष्य के बाद । वरना ये तो ट्रेन में ड्रग मिलने पर रेल मंत्री पर कार्यवाही वाली मांग हुई।
@RAJESHLITORIYA5 नौकरी कोई गुलामी नहीं। पहले तो ये खंड शिक्षा अधिकारी विद्यालय के समीप पाल्य घर बनवाएं तब आदेश जारी करें। अन्यथा शिक्षिकाएं साहस बटोरें समझदारी दिखाएं बिना शिकायत भी सब ठीक ही होगा।
@drdwivedisatish जब तक हम मात्र अपनी मातृभाषा से ही प्रेम नही करते जब तक अंग्रेजी हमे और हमारे नीति निर्माताओं को ललचाती रहेगी हिंदी के लिए हिंदी दिवस हमारी विवशता रहेगा। दुर्भाग्य है हमारी भाषा हमारा देश और हिंदी के संरक्षण हेतु हिंदी दिवस
@AbhishekKaashu ये देश का दुर्भाग्य ही है कि वर्तमान में भी ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे इस डिब्बी से, अपने बस्ते से भी पहले से परिचित होते है। अभिभावकों की लत कब उनके बच्चों को गिरफ्त में ले ले ये वो भी जान नही पाते।
@PawanChauhans@BhartiTripty@Swati_Singh101 पवन जी बात मेरे शिक्षण पेशे से जुड़े होने की नही है। शिक्षा के साथ विगत वर्षों में जो प्रयोग पर प्रयोग हो रहे है,जिस तरह से शिक्षण के अतिरिक्त अन्य कार्यो का दवाब बढ़ाया जा रहा है निश्चित तौर पर शिक्षा के लिए बेहतर संकेत नही है। शिक्षक का मतलब केवल शिक्षण ही होना चाहिए।
@PawanChauhans@Swati_Singh101 आपके समय के मास्टर साहब के हाथ पैर खुले थे कोई बाल अधिकार नही था न कोई सरकारी दखल आज के मास्टर को हाथ बांध कर सरकार तैरना सिखा रही है। तुलना बराबर की होती है असमानता की नही।
@BJP4UP@myogiadityanath राजकीय प्रवक्ता परीक्षा में परीक्षा केंद्र इतनी दूर और परीक्षार्थियों के हित की अनदेखी कर बनाये गए है।बहुत महिला प्रतिभागी शायद परीक्षा ही न दे पाए ।आप किराया और तैयारी छोड़ें केवल परीक्षा केंद्र कम से कम मंडल में तो बना दें।
@aajtak@anjanaomkashyap इस तरह के फार्मूले ये दर्शाते है कि राजनेता सत्ता और सिर्फ सत्ता के लिए कितने लालायित है ये
भावी 5 मुख्यमंत्री और 20 उप मुख्यमंत्री 5,साल सिर्फ अपना ही विकास करेंगे जनता तो केवल बेवकूफ बनेगी।