This kid is literally becoming a nightmare for left Liberals 🔥
He is EXPOSING CJP Protest left right and centre with deep research 🔥
Liberals tried to silence him by copyright strike but now he’s ROASTING them at 10x speed.
More power to him 🙌🔥
"छात्र गेंग बनाकर पेपर लीक करते है "
"पेपर लीक के जिम्मेदार छात्र खुद है "
-- CM अशोक गहलोत 2022 मे
कॉंग्रेस शासन मे पेपर लीक के जिम्मेदार--- छात्र
BJP शासन मे जिम्मेदार --शिक्षा मंत्री
--बेशर्मी की पराकाष्ठा पार कर चुके है
2011 में AIEEE पेपर लीक हो गया कानपुर और लखनऊ में धड़ल्ले से 6 लख रुपए में बिक रहा था। एग्जामिनेशन कैंसिल हो गया।
उस समय कपिल सिब्बल शिक्षा मंत्री था। जो कांग्रेसी आज NEET UG पेपर लीक के लिए इतना शोर मचा रहे हैं उन्होंने कपिल सिब्बल को बर्खास्त क्यों नहीं किया था।
जो विपक्षी दल आज धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे हैं, वह तब की सरकार में पार्टनर थे उन्होंने कपिल सिब्बल से इस्तीफा क्यों नहीं मांगा था?
ठीक 15 साल पहले, जब...
कपिल सिबल देश के शिक्षा मंत्री थे और विनीत जोशी सीबीएसई के चेयरमैन. तब ऑल इंडिया इंजीनियरिंग परीक्षा सीबीएसई लेती थी. परीक्षा के दिन सूरज निकलने से पहले प्रश्न पत्र कानपुर और लखनऊ में खुले बाजार में 6-6 लाख रुपए में बिकने लगे.
ले लो, ले लो!
देश भर में स्टूडेंट्स परीक्षा देने के लिए बैठ चुके थे. मायावती जी की पुलिस चौकस थी. उसने पकड़ लिया. दिल्ली में सिबल और सीबीएसई को फैक्स से वह पेपर भेजा गया. लेकिन किसी पर कार्रवाई नहीं हुई. नए पेपर भेजकर दोबारा परीक्षा करा दी गई. बात आई-गई हो गई.
ऐसी ढील के कारण समस्या गंभीर होती चली गई.
अब कई पेपर लीक करता है तो न सिर्फ गिरफ्तार होता है, बल्कि जमानत भी नहीं होती. अब पीएम और शिक्षा मंत्री खुद एक्शन लेते हैं. जनता भी पहले से ज्यादा जागरूक है. अफसरों के तबादले होते हैं. फास्ट ट्रेक कोर्ट गठित होता है. नए कानून बनाने पर विचार होता है.
इतना सा फर्क है.
2011 में किसी ने पूछा भी नहीं कि कोई इस्तीफा होगा या नहीं, जांच रिपोर्ट कहां है. अब तो सोशल मीडिया का दौर है. जिस बात का जितना हल्ला होना है, होगा. और ये देश के लिए अच्छा ही है कि जनता अलर्ट है और सरकार बात सुनती है.
ये 2011 की खबर है.
@BrijLal_IPS@TamannaInamdar@KapilSibal
टीका लगाऊँ तो भाजपाई,
मंदिर जाऊं तो भाजपाई,
देश का नारा लगाऊँ तो भाजपाई,
धर्म की बात करूं तो भाजपाई,
विकास की बात करूं तो भाजपाई।
तो कांग्रेसी बनने के लिए क्या करूं, बम फोड़ दूं, आतंकवादी बन जाऊं, पाकिस्तान का नारा लगाऊँ,
चमचो।
🤣🤣
He's Mohit, an Assistant Professor at a degree college in UP.
Instead of teaching, he was at Jantar Mantar protesting and hurling abuses at PM Modi.
The moment he returned to UP, he was handed his termination letter.
Well done. If you're paid to teach, then teach. Political activism cannot come at the cost of professional responsibilities.
Hope DU and JNU professors who do everything except teaching also face similar consequences.
Difference between BJP and Congress
When Anna Hazre was doing hunger strike against then Congress government BJPs LoP Loksabha Shushma Swaraj asked Anna Hazare to end Hunger strike
But Congress who is in opposition is politicising this sensitive issue that involves millions of youth
This is the difference between a nationalist party and a party who just wants to grab power anyway
>राजस्थान SI भर्ती 2021 में 13 से 15 सितंबर 2021 को हुई थी,
>शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने चुपचाप शिक्षा मंत्रालय छोड़ने का फैसला कर लिया,
>कारण पोर्टफोलियो में फेरबदल का दिया गया,
>पूरे प्रदेश में पेपर लीक का हल्ला था,
>अशोक गहलोत और गोविंद सिंह डोटासरा मानने को राजी नहीं थे कि परीक्षा लीक हुई,
>फिर भर्ती हाईकोर्ट और सुप्रीमकोर्ट से होकर गुजरी और भर्ती कैंसिल हो गयी,
>बच्चों की लगी लगाई नौकरियां गयीं
>नेताओं के खास लोगों को नौकरियाँ मिली
>अशोक गहलोत के PSO का तो सीधे नाम था,
>अब इन नेताओं की वजहों से 2026 सितंबर में दोबारा परीक्षा देनी है,
>आप उन छात्रों का सोचिये जिनको 5 साल बाद दोबारा परीक्षा देनी होगी,
>जिनकी उम्र तब 25 होगी अब वो 30 के हो गए,
>लेकिन नेताओं को कोई सजा नहीं मिली
"राजीव गांधी स्टडी सर्किल के लोग पेपर लीक मे शमिल थे "
--कॉंग्रेस MLA
कॉंग्रेस के इस संगठन की स्थापना सोनिया गांधी ने 2007 मे की थी
गहलोत ने इस संगठन के सदस्यों को परीक्षा कॉर्डिनेटर बनाया गया था
2023 मे MLA ने स्वीकारा
अशोक गहलोत पेपर लीक मास्टरमाइन्ड को बचा रहे है
पेपर लीक करने वाला किंग हूं किंग था किंग रहूंगा,
किसी के कुछ कहने से किंग को कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है,
अगली बार ओर शिक्षा मंत्री बनने का मौका मिला तो 17 नहीं 34 पेपर लीक करूंगा,🫣🤪
#BREAKING: Prime Minister @narendramodi posts new video on Instagram thanking youth for immense positive feedback on last night’s video. The video posted last night has 303 million views and over 16 million likes. The video last night and tonight seem to be self-made on a device.
पत्रकार को इनसे पूछना चाहिए कि अखिलेश यादव 5 साल मुख्यमंत्री थे
तब उत्तर प्रदेश के मेडिकल कॉलेज में एडमिशन सीपीएमटी के द्वारा होता था जिसे उत्तर प्रदेश सरकार करवाती थी
2 साल परीक्षा रद्द करनी पड़ी क्योंकि पेपर लीक हो गया था और बाकी के 3 साल लगातार छात्रों ने आंदोलन किया क्योंकि कई कैबिनेट मंत्रीयो के रिश्तेदारों तक पहले ही पेपर पहुंच चुका था
जो व्यक्ति मुख्यमंत्री रहते सीपीएमटी की परीक्षा एक बार भी ईमानदारी से नहीं करवा पाया आज वह व्यक्ति और उसकी पत्नी सबसे ज्यादा पेपर लीक पर बोल रहे हैं
और इतिहास गवाह है कि अखिलेश यादव ने सबसे ज्यादा सरकारी नौकरियों में पेपर में भ्रष्टाचार किया है
Harsh a NEET aspirant just took all the spokespersons to the cleaners during the reservation debate. Everyone went silent.
It's good to see that almost every news channel is now discussing the reservation issue. The debate must continue.
कॉकरोच नौटंकी और उसके उपरांत सरकार का झुकना, कथित CIA-चीनी एजेंट से मिलना, डीप स्टेट वालों से हाथ मिलाने को विवश होना ऐसा तमाचा है जो भाजपा के चेहरे पर लगना अत्यावश्यक था।
अभी इन चरणचुंबक चिरकुटों को बंगाल का 208 और गुजरात के निकाय चुनाव पर ‘क्या हुआ तुम्हारे UGC का, जनता मोदी के साथ है’ करना स्मरण में है या विस्मृत हो गया?
कैसा लग रहा है हाथ मिलाने वाला फोटो? अब याद करो फरवरी, मार्च, अप्रैल और मई, जब तक न तो कॉकरोच थे, न राहुल गाँधी। कुछ लोग थे जिन्हें तुम सबने अपने निशाने पर लिया हुआ था।
वराहे के सूअर और पूरी हरामी आइटी सेल, थूक का स्वाद कैसा है? अच्छा लग रहा है? तुम लोग साले दो कौड़ी के, कॉपी-पेस्ट करने वाले और व्हाट्सएप पर आए मैसेज को AI से रीहैश करा कर पोस्ट करने वाले कोल्हू के बैल हो।
तुम्हें किसने झुकाया? तीन नल्लों ने, जो न तो लिखाना जानते हैं, न बोलना, न पढ़ना… तुम्हारे कर्म ऐसे ही थे कि तुम्हें वह करना ही पड़ा और अब तुम्हारा भय यह है कि क्या एक ऐसी सरकार, जिसके पीएम रिकॉर्ड बनाने के हैशटैग चलवा कर विदेशी राष्ट्राध्यक्षों से पोस्ट करा लेते हैं, वह अब चलते सत्र में कहीं कैबिनेट मिनिस्टर तो नहीं बदलेगा?
मैं तुम्हारा शत्रु तब भी नहीं था, न आज हूँ। मैं केवल तुम्हें तुम्हारा स्थान बता रहा हूँ कि आज तुम अपना कमेंट सेक्शन पढ़ो और मेरा भी। बाकी, वो मीम तो याद ही होगा न? तुम अपनी सामूहिकता में भी मेरी अधोजटाओं के बाल बराबर भी नहीं हो।