Ravish Kumar, just look at the behavior of your @zoo_bear family members. Does this kind of disgraceful behavior show any respect for women?
@DelhiPolice when are you going to take action against this person?🥹
राजपूत समाज बेचारा क्या करेगा टिकट लेकर....वो अपना काम अच्छे से कर तो रहा हैं!
नागौर नगर निकाय चुनाव में 60 वार्डों में से राजपूत समाज को 55 टिकट मिलने पर बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ का स्वागत करते हुए...
हम नहीं हैं हिंदू:- निशु आजाद
हिंदू नहीं होते हुए भी ये और इसका पिता SC/ST एक्ट लगवा रहे हैं।
तो क्या SC/ST एक्ट ग़ैर हिंदुओं को हिंदुओं पर केस करवाने के लिए दिया गया ब्रह्मास्त्र है?
🚨गिरफ्तारी होने तक RT रुकना नहीं चाहिए🚨
सुषमा जाटव गांव खागा नाका के द्वारा सोशल मीडिया पर हिंदू देवी देवताओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी कर रहा है,जिससे हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही है✊
Hello @fatehpurpolice कृपया संज्ञान में लें।
सहारनपुर कलेक्ट्रेट के अंदर कल जिस मस्जिद को गिराया गया था, उस जगह पर एक कुआं मिला है।
एसडीएम सदर सुबोध कुमार ने कहा कि तकनीकी टीमें और संबंधित एजेंसियां जांच करके इसके दायरे का पता लगाएंगी और आगे की जानकारी देंगी।
स्वतंत्र भारद्वाज की रिहाई के प्रदर्शन में चंद्रशेखर आजाद का गुंडा नीला कबूतर हंगामा करते हुए सवर्णों को गाली देकर SC/ST एक्ट में फंसाने की धमकी देने लगा
फिर क्या सवर्णो ने नीले कबूतर को कूटते हुए भगाया
28.04.2023 को माननीय सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि
देवी-देवताओं के अपमान के मामले में पुलिस किसी के शिकायत की प्रतीक्षा नहीं करेगी बल्कि स्वतः संज्ञान लेकर FIR करेगी लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है
WP(C) 943/2021
पुलिस अगर डरपोक नहीं है तो या तो इनसे जो ये बोल रही है उसका सबूत ले और उन लोगो पर कारबाई करें या फिर झूठ बोल कर प्रोपेगेंडा चलने वाली निशु के खिलाफ कार्रवाई करें
क्योंकि समाज को गुमराह करना भी एक अपराध है
स्वतंत्र भारतगंज की रिहाई की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन
नई दिल्ली: स्वतंत्र भारतगंज की हिरासत के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया और उनकी रिहाई की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और SC/ST एक्ट के कथित दुरुपयोग की जांच की भी मांग उठाई।
आज सवर्णों का सैलाब हरिद्वार की सड़कों पर था , जो लोग बोलते थे 50 आदमी भी सवर्ण समाज के आंदोलन में नहीं आ सकता आज उस सवर्ण समाज ने उत्तराखंड प्रशासन की चूलें हिला दिया ।
जब तक हमारी तीनों मांगे मानी नहीं जाती तब तक इससे बड़े बड़े आंदोलन चलते रहेंगे और राजस्थान स्थानीय निकाय चुनाव , 2027 में यूपी और उत्तराखंड में पक्ष और विपक्ष दोनों का सूपड़ा साफ़ कर दिया जाएगा ।
हमारी तीन मांगे -:
1- आरक्षण में सुधार करो
2-एससी एसटी एक्ट वापस करो
3- यूजीसी ऐसी वापस करो ।
🚨 सौरव दास : "हम चुप बैठने वाले नहीं हैं। हम लगातार दबाव बनाते रहेंगे। आज पुलिस का जो रवैया देखा है, उसे देखते हुए आगे क्या करना है, इसका फैसला करेंगे।" 😳
सवाल यह उठ रहा है कि अत्यंत महत्वपूर्ण BRICS शिखर सम्मेलन से ठीक पहले इस तरह के विरोध-प्रदर्शन क्यों किए जा रहे हैं?
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस को किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अशांति फैलाने की कोशिश पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।