Kapil Sibal is spreading fake news. The Constituent Assembly NEVER debated the truncation of Vande Mataram.
That debate was settled within Congress by it's Working Committee in 1937, when Nehru was party president.
Jinnah demanded it. Nehru obliged him.
पहली बार जंतर-मंतर पर ऐसा आंदोलन हो रहा है, जिसका समर्थन कोई पार्टी नहीं कर रही है।
ये आंदोलन इस देश की सभी राजनीतिक दलों की पारंपरिक दोगली राजनीति के खिलाफ है और ये इस राजनीति के अंत की शुरुआत भी है।
कपिल सिब्बल कह रहे हैं कि "वंदे मातरम को काटने का फैसला संविधान सभा अर्थात कंस्टिट्यूएंट एसेंबली में हुआ."
सिब्बल को लगा कि बोल देता हूं. कौन जाकर कंस्टिट्यूएंट एसेंबली की डिबेट देखेगा.
तो फैक्ट ये है कि गीत को काटने का फैसला कंस्टिट्यूएंट एसेंबली में नहीं हुआ था.
अब तो वह पूरी डिबेट ऑनलाइन है. दसवीं का बच्चा भी बता देगा कि गीत को काटने का फैसला कंस्टिट्यूएंट एसेंबली में नहीं हुआ था. वह कांग्रेस का 1937 का फैसला था.
अब बताओ कपिल सिब्बल, संविधान सभा में कब हुआ था गीत काटने का फैसला. दिन बताओ. ताकि जनता भी ऑनलाइन खोलकर पढ़ ले.
और न बता पाओ तो माफी मांग लो. @KapilSibal@AmitShah
क्या आप जानते है?
कुछ साल पहले तक भारत का अपना नक्शा तैयार करना भी कई प्रतिबंधों के अधीन था।विदेशी तकनीक भारत के हर कोने की मैपिंग कर सकती थी, लेकिन भारतीयों के लिए अपने ही देश की मैपिंग पर पाबंदियाँ थीं।
प्रधानमंत्री श्री @NarendraModi जी ने Geospatial Data को डिरेगुलेट कर इस व्यवस्था को बदला, जिससे आज यही डेटा देश में अनेक स्टार्टअप्स और नवाचारों की नींव बन रहा है।
यही है New India, जहाँ अवसरों पर नहीं, संभावनाओं पर भरोसा किया जाता है।
8 साल से ये बंदा हेल्थ इंश्योरेंस भर रहा था आज बीबी बीमार है हॉस्पिटल में तो इंश्योरेंस क्लेम नहीं हो रहा है।
Niva Bupa की तीन-तीन पॉलिसीज हैं इसके पास, खुद की बीवी की पेरेंट्स की बच्चे की पच्चीस पच्चीस लाख की,
फैमिली फ्लोटर तक नहीं लिया सिर्फ पीस ऑफ माइंड के लिए।
आठ साल में कभी क्लेम नहीं किया।
अब बीवी Fortis ग्रेटर नोएडा में एडमिट है,
टाइफाइड निकला है फैमिली डॉक्टर से लेकर दो हॉस्पिटल तक इलाज चला,
फिर भी कंपनी ने बिना ठोस वजह क्लेम रिजेक्ट कर दिया।
क्लेम रिक्वेस्ट रात 3:17 पर गई और सिर्फ 23 मिनट में 3:40 पर डिनायल आ गया।
मतलब डॉक्यूमेंट्स रिव्यू करने का टाइम ही नहीं दिया।
क्लेरिफिकेशन भेजा तो फिर 10 से 15 मिनट में डिनायल।
बंदे का बस एक सवाल है, आठ साल प्रीमियम भरने के बाद, पहली ज़रूरत पर कंपनी मुंह मोड़ ले तो इंश्योरेंस का क्या फायदा है।
आज सिलीगुड़ी में मुख्यमंत्री श्री @SuvenduWB जी व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा शुरू की गई चार हेल्पलाइनों पर बैठक की।
कटमनी – 155334
सिंडिकेट – 155335
अवैध रोड/टोल टैक्स – 155337
अवैध शराब – 155339
इन चारों टोल फ्री नंबर पर जनता सीधे अपनी समस्याओं की शिकायत दर्ज करवा सकती है। इन हेल्पलाइनों पर प्राप्त हर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित होगी। इससे बंगाल की जनता को उगाही के चंगुल से मुक्ति मिलेगी।
ममता बनर्जी के शासन में जिस कटमनी, सिंडिकेट राज और अवैध वसूली से बंगाल की जनता वर्षों से त्रस्त थी, भाजपा सरकार उस पूरे तंत्र को जड़ से समाप्त कर रही है।
আজ শিলিগুড়িতে মুখ্যমন্ত্রী মহাশয় ও অন্যান্য উচ্চপদস্থ আধিকারিকদের সঙ্গে পশ্চিমবঙ্গ সরকারের চালু করা চারটি হেল্পলাইন নিয়ে বৈঠক করলাম।
কাটমানি – ১৫৫৩৩৪, সিন্ডিকেট – ১৫৫৩৩৫, অবৈধ রোড/টোল ট্যাক্স – ১৫৫৩৩৭, অবৈধ মদ – ১৫৫৩৩৯; এই চারটি টোল-ফ্রি নম্বরে সাধারণ মানুষ সরাসরি তাঁদের সমস্যার অভিযোগ জানাতে পারবেন। প্রতিটি অভিযোগের ভিত্তিতে দ্রুত ব্যবস্থা নেওয়া নিশ্চিত করা হবে। এর ফলে বাংলার মানুষ তোলাবাজির এই চক্র থেকে মুক্তি পাবেন।
মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়ের শাসনে কাটমানি, সিন্ডিকেট রাজ এবং অবৈধ তোলা আদায়ের কারণে বছরের পর বছর বাংলার মানুষ হয়রানির শিকার হয়েছেন। বিজেপি সরকার সেই দুর্নীতিগ্রস্ত ব্যবস্থাকে শিকড় থেকে নির্মূল করতে বদ্ধপরিকর।
🚨 आंदोलन के पहले दिन ही इतनी भारी भीड़ 🔥
UGC के काले कानूनों और जातिगत आरक्षण के खिलाफ जनता का गुस्सा साफ दिख रहा है।
ये सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि इतिहास रचने वाला आंदोलन है!
#ReservationReformSatyagarh
अराजक CJP आंदोलनकारियों के सामने झुककर 'जी मालिक' कहने वाली पुलिस शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों से सिर्फ़ इसीलिए बदतमीजी कर रही है, क्योंकि वो सामान्य वर्ग से है।
ये दोहरा रवैया क्यों? ये बेचारे पीड़ित हैं, इनके साथ हर जगह अन्याय हो रहा है। इनकी बात सुनिए।
हमने राजीव गांधी फाउंडेशन से जुड़े कुछ दस्तावेज़ निकाले और उनकी गहन पड़ताल की।
इसी दौरान एक दस्तावेज़ से चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। 😮
यह दस्तावेज़ वित्तीय वर्ष 2006–2007 का लेखा-जोखा है।
इसमें दानदाताओं की सूची दी गई है, और उसमें चौथे नंबर पर नाम दर्ज है—
Embassy of the People's Republic of China in India 🇨🇳
💰 इस एंट्री के सामने दर्ज राशि है— 90 लाख रुपये।
अब ज़रा समय पर गौर कीजिए ⏳
🗓️ वर्ष 2006
🇮🇳 देश में सरकार थी UPA की
🏛️ सत्ता में थी Congress
👤 प्रधानमंत्री थे Dr. Manmohan Singh
और ध्यान देने वाली बात यह है कि डॉ. मनमोहन सिंह उसी राजीव गांधी फाउंडेशन के ट्रस्टी भी थे।
अब ज़रा सोचिए 🤔— उस दौर में सरकार कैसे चलती होगी?
❓ सबसे बड़ा सवाल यह है कि
भारत में चीन का दूतावास, उस संस्था को इतनी बड़ी रकम क्यों दे रहा था,
जो सीधे तौर पर गांधी परिवार से जुड़ी संस्था मानी जाती है?
इसके बाद हमने फाउंडेशन से जुड़े और भी दस्तावेज़ निकाले।
हमें वर्ष 2005–2006 की वार्षिक रिपोर्ट मिली।
📑 जब उसमें Partners Organizations और Donors की सूची देखी गई,
तो वहां भी चीन का दूतावास और चीन की सरकार
राजीव गांधी फाउंडेशन के पार्टनर के रूप में दर्ज मिले।
यानि—
🇨🇳 चीन के दूतावास और चीन सरकार से
🤝 गांधी परिवार की संस्था को
💰 लगातार डोनेशन मिलती रही।
📸 हमने आपको 2006–2007 का एक और दस्तावेज़ दिखाया,
जो भारत में चीन के दूतावास की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त हुआ।
इसमें भी राजीव गांधी फाउंडेशन को 10 लाख रुपये दिए जाने का उल्लेख है।
अब सवाल और गहरा हो जाता है ⚠️
ऐसा क्या था कि—
❓ कभी 10 लाख रुपये,
❓ तो कभी 90 लाख रुपये,
चीन की ओर से राजीव गांधी फाउंडेशन को चंदे के रूप में दिए जा रहे थे?
🕰️ यह भी याद रखिए—
2006–2007 वही दौर था,
जब देश में कांग्रेस की सरकार थी
और प्रधानमंत्री थे डॉ. मनमोहन सिंह।
अब फैसला आपको करना है…
👉 यह सिर्फ संयोग था,
या सत्ता और विदेश नीति के पीछे कुछ और चल रहा था? 🤨
कांग्रेस द्वारा वंदे मातरम का सम्मान करने से औपचारिक रूप से न केवल इंकार करना, बल्कि सीधे सीधे विरोध करना, अत्यंत दुर्भाग्य जनक और संवैधानिक दृष्टि से बहुत गंभीर विषय है। भारत के संविधान के अनुसार, संसद देश का सर्वोच्च संस्था है और संसद से पारित कोई भी क़ानून हर व्यक्ति के लिये बाध्यकारी है।
यदि कोई इसे मानने से मना करता है तो निश्चित रूप से संविधान के प्रति उनकी निष्ठा संदेह के घेरे में आ जाती है और यदि राष्ट्र गीत का सम्मान करने से कोई मना करता है, तो उसकी देशभक्ति पर भी सवालिया निशान लग जाता है।
कांग्रेस 1937 के जिस प्रस्ताव की बात करती है, वह कांग्रेस ने मुस्लिम लीग की कट्टरपंथी मांगो के आगे नतमस्तक होकर पारित किया था और उसका ख़ामियाज़ा भविष्य में देश को विभाजन के रूप में देखना पड़ा।
कट्टरपंथी तत्वों के आगे समझौता करना, हमेशा देश के लिए घातक साबित हुआ है, और आज कांग्रेस जब कट्टरपंथी तत्वों के आगे उसी प्रकार समर्पण कर रही है, तो यह देश के भविष्य के लिए एक गंभीर खतरे के संकेत हैं।
मैं मानता हूँ कि कांग्रेस का यह निर्णय सवर्था असंवैधानिक और निंदनीय है साथ ही राजनैतिक दृष्टि से भविष्य में एक गंभीर संकट को पैदा करने वाला है। वंदे मातरम का विरोध करके कांग्रेस ने अपने नासमझी भरे खतरनाक इरादों को देश के सामने बता दिया है।
➡️सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक पुलिसकर्मी द्वारा एक बाइकर को रोक कर उसका टायर पंचर किया जा रहा है। वीडियो के संबंध में जानकारी की गई तो यह प्रकाश में आया कि थाना वृंदावन पर नियुक्त मुख्य आरक्षी सुनील कुमार द्वारा यह कृत किया गया है। जांच के क्रम में रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को प्रेषित कर दी गई है तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा महोदय द्वारा उक्त मुख्य आरक्षी को निलंबित कर दिया गया है। आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।
बाइट क्षेत्राधिकारी सदर मथुरा #COSADAR_mta- श्री वरुण मिश्रा ।
@Uppolice@adgzoneagra@digrangeagra
इसपे एक फ़िल्म बनानी चाहिए ताकि लोगो को पता लग सके कि आज़ादी के बाद इन क्रांतिकारियों के साथ कैसा व्यवहार किया गया।
@AmitShah@AnupamPKher@vivekagnihotri
भगत सिंह की वृद्ध माता जी अपने बेटे के शहीद होने के 34 साल बाद उसके साथी रहे क्रांतिकारी बटुकेश्वर दत्त का अंतिम समय में साथ देने दिल्ली पहुंच गई लेकिन कांग्रेस से नहीं पहुंचा गया।
बटुकेश्वर दत्त अपने लिए काम मांगने गए तो तत्कालीन बिहार में एक DM ने यह कहकर भगा दिया था कि मैं कैसे मानू आप क्रांतिकारी रहे हैं 😭 इससे वह बहुत आहत हुए थे।
कांग्रेस ने आजादी के बाद इन क्रांतिकारियों की कोई सुध नहीं ली और थापर जैसे गद्दार परिवारों से झूठा इतिहास लिखवाती रही देश का।
She is Begum Ayesha Sultana:
• Before marriage, she was Sharmila Tagore.
• She is a direct descendant of Rabindranath Tagore.
• Rabindranath Tagore sang Vande Mataram at the Congress session in 1896.
• Rabindranath Tagore composed the tune for Vande Mataram.
• Now, his descendant, Begum Ayesha Sultana, is saying that the full Vande Mataram should not be sung because many people do not believe in multiple gods.
What a shame for the Tagore family.
मिलिए IPS विनय तिवारी से, जो अभी गोपालगंज के SP हैं।
• पशुपालक जीतन राम को पहले थाने बुलाया गया।
• उन्हें करीब 36 घंटे तक थाने में रखा गया।
• निर्दोष होने के बावजूद छोड़ने के लिए पैसे मांगे गए।
• जीतन राम ने पैसे देने के लिए 10% ब्याज पर कर्ज लिया।
• मामला सामने आते ही SP विनय तिवारी ने सख्त कार्रवाई की।
• जादोपुर थानेदार अनिल राम, चौकीदार महंथ राम, थाने के निजी चालक और कथित दलाल राजू यादव गिरफ्तार।
• सभी को जेल भेज दिया गया।
सबसे बड़ी बात-SP ने साफ कहा कि पुलिस में भ्रष्टाचार और मनमानी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी।
दिल्ली की शिक्षा क्रांति EXPOSED‼️
दिल्ली के सरकारी स्कूल जो बनने के कुछ साल में ही खंडहर हो गये, बिना लैंटर डाले सिल्लियों से छत बना दी, भ्रष्टाचार चीख-चीखकर गवाही दे रहा है।
इस स्कूल का उद्घाटन 2020 में केजरीवाल जी ने ख़ुद किया था, उसके बाद 2-3 साल के अंदर इस स्कूल की बिल्डिंग Dangerous घोषित करनी पड़ी, बच्चों और टीचरों की जान पर हर दिन ख़तरा बना रहता था। कितनी बार स्लैब टूटकर बच्चों के पास गिरे।
बहुत स्कूलों का ऐसा ही हाल हुआ, शिक्षा क्रांति महँगी फ्रंट पेज ads देने से नहीं आती।