'संबित पात्रा या जय शाह से हमारा प्रतियोगिता करवा दीजिए.
शांतिपूर्वक ट्वीट किए थे एक करोड़! कोई सुना? देखा ट्वीट हमारा?
पानी पीकर खाली पेट सोते हैं.
सब बेच रहे हैं, कहां से खरीदकर लाए थे?
युवा को रोड पर मत लाइए. आप रोड पर आ जाएंगे.'
@BJP4UP@myogiadityanath कसम खाओ ??ये सब ट्वीट करने के बाद तुम्हे भी आत्मग्लानि होती होगी कि कितना झूठ लिखना पड़ता है,,,पर समझ सकता हु पेट का सवाल है,ये पेट क्या से क्या नही करवा देता.....लगे रहो मूर्ख बनाते रहो पर सुनो झांसे में नही आने वाले
@sambitswaraj@AmitShah अबे चिरकुट झूठे फेकू मेनुपुल्टेड पटरा बहुत मूर्ख बना लिया अबकी घण्टा तुम्हारी बातों पर यकीन करेगा ,अबे हिन्दू मुसलमान और पाकिस्तान करने आया था ना लखनऊ में पर बात बनी नही,,अबे मर्द है वो भी असली वाला तो रेलवे भर्ती में हुई धांधली पर भी ट्वीट कर दे चुनाव जीवी मेनुपुल्टेड
इतना याद रखिए, देवता कोई नहीं होता। न नेहरू न सुभाष न कोई और।
द्वितीय विश्वयुद्ध में हिटलर के साथ जाना सही निर्णय तो नहीं ही था। रेकर्ड्स बताते हैं कि हिटलर कभी भारत की आज़ादी के पक्ष में नहीं रहा। जो योरप के देशों को ग़ुलाम बना रहा था, वह भारत को क्या आज़ाद कराता?
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अखंड भारत कैसे बनेगा?
मात्र भाषण देने से तो बनने से रहा. आर्मी भेज के भी नहीं बनाया जा सकता जैसा लोग सोचते हैं. आर्मी से बना भी लिया गया तो एक ना एक दिन दोबारा टूट जाएगा क्यूंकि डर हमेशा तो रहेगा नहीं, जैसे ही जाएगा वैसे ही फ़िर नरसंहार होगा और फ़िर विभाजन.
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@AjayLalluINC गजब क्या भौकाल दिखा रही है पुलिस वो भी बेगुनाह छात्रों को थापड़ मारते हुए ,इतनी ही मर्दानीगी और भौकाल दिखाना है तो जाके चीन को दिखाओ बे तब जनता भी देख लेगी तुम कितने पानी मे हो
@suryapsingh_IAS ये बीजेपी वाले सत्ता का चरम सुख भोगने के लिए गदहे के भी बाप होने का अपना इतिहास बता के सिद्ध कर दे 😂 जैसे मोदी जी ने चेतक की बुआ को गुजराती बता दिया था 😂😂
16 दिसंबर 1938, को कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने एक प्रस्ताव पारित कर के कांग्रेस के किसी भी सदस्य को हिंदू महासभा और मुस्लिम लीग के सदस्य बनने पर पाबंदी लगा दी थी।
आज महान स्वतंत्रता सेनानी और दो बार कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष रहे नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती है। आज उनके बारे में बहुत सी बातें कही जाएंगी। ऐसे में नेताजी की मृत्यु के बाद 1946 में आई उनकी पहली जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में पंडित नेहरू के भाषण को देखना प्रासंगिक होगा।1/10