मंशा 'अधिकार' की है या जवाबदेही से बचने की?
नरेगा में मस्टरोल के खेल के बाद अब PRD की योजनाओं पर JTA का दावा समझ से परे है। संविदाकर्मी और स्थाई JEn के अनुभव में ज़मीन-आसमान का फर्क है। महत्वपूर्ण तकनीकी कार्य 'एक्सपर्ट' के हाथ में ही शोभा देते हैं। @MoRD_GoI
JTA की भर्ती जब नरेगा के लिए हुई है तो इन्हें विभाग की बाकी योजनाओं का काम क्यों चाहिए कही इसके पीछे भ्रष्टाचार तो इनकी मंशा नहीं ?
क्या संविदाकर्मी, नियमित अधिकारी के बराबर हो सकता है ?
क्या कोई भी कर्मचारी उसके अधिकार क्षेत्र के बाहर किसी की भी मांग कर सकता है ? #JUATICE-JEN
नरेगा संविदाकर्मियों द्वारा PRD की अन्य सीटें लेने की लगातार कोशिश आखिर किस उद्देश्य से की जा रही है?क्या संविदाकर्मी JTA अब तकनीकी रूप से JEN के कार्यों पर भी अधिकार चाहते हैं?
यदि ऐसा है, तो फिर पदों की जिम्मेदारियों और तकनीकी योग्यता का औचित्य क्या रह जाता
#JEN#PanchayatiRaj