जिस PNC Infra Ltd मैं #कानपुर#लखनऊ एक्सप्रेसवे में घटिया काम किया, उसे 20 दिन पहले ही उत्तर प्रदेश में ₹3,500 करोड़ के नेशनल हाईवे का नया ठेका मिला है
यही वह कंपनी है जिसके निदेशकों और #NHAI के कुछ अधिकारियों के खिलाफ 2024 में #CBI ने रिश्वत देकर ठेके हासिल करने के आरोपों में मामला दर्ज किया था।
इसी कंपनी पर अवैध खनन के मामले में ₹104 करोड़ का जुर्माना भी लगाया जा चुका है।
कंपनी के प्रमुख शेयरधारकों में #भाजपा के राज्यसभा सांसद नवीन जैन का नाम है। वह कंपनी के व्होल टाइम डायरेक्टर भी रह चुके हैं, फिलहाल कंपनी उनके भाई संचालित करते हैं
इतने विवादों के बावजूद बार-बार बड़े सरकारी ठेके मिलना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
@yadavakhilesh
जब जब SP के बारे में सोचना शुरू करता हूं तब तब कुछ ऐसा हो ही जाता है कि मन उचट जाये।
और ऐसा शायद में अकेला नहीं होऊंगा।
SP क्यूं अपने पैरों में कुल्हाड़ी मारती है बार बार?
समझ नहीं आ रहा कि सभी national पत्रकारों को सफाई देने की क्या जरूरत पड़ रही है।
आप अगर ठीक हो तो आप अपना काम करो, सफाई क्यूं देने में लगे हो।
हां, अगर भीड़ का रुख देख कर अंदर से आवाज़ आई हो, तो बात अलग है।
@SushantBSinha सुशांत भाई। आप सही हो। आप लगे रहो। सफाई मत दो, खराब लगता है कि मूर्खता और चाटुकारिता किसी व्यक्ति को कितना अंधा और बहरा बना सकती है।
गोदी मीडिया का मतलब है कि वो जर्नलिस्ट्स जिनकी सरकार से सवाल करने की हिम्मत नहीं पड़ती।
बाकी, देश को जनता संभाल लेगी।
@dudeitsokay Wah re mere sher.
Mtlb no accountability is the best .
Why you head any dept when you r not accountable for the work done by that dept.
Tum logo ko smjh nahi aayega.
Congress ke zamane me Congress ke talwe chaate aur ab BJP ke zamne me .......
Dhanya hei doglapanti
Friends we have a solution to dealing with student protests.
Pl listen to this. @AmitShah@PMOIndia@PIB_India@PTI_News
Th civil defence can be the first line of defence, exactly like BSF is on the borders.
The riot police is standby for protection on need basis only.
Can see my earlier tweet explaining it.
Civil Defence is already present in all States. Can be upskilled.
ये दिल्ली NCR की हर सोसाइटी की सच्चाई है-
इनके पालतू प्रेम ने तीन लड़कियों को पूरे जीवन का ट्रामा दे दिया है।
सोसाइटी वाले कुछ एक्शन ले ले , तो एक महिला सांसद का पूरा गैंग टूर पड़ेगा।
Dog Lover होने में कुछ बुराई नहीं, पर पहले उनको रखने लायक घर बनाओ।
कॉमन सर्विस जैसे लिफ्ट, हाई राइज में ये रखने मेरे हिसाब से तो एकदम उचित नहीं।
बिना हेलमेट... जुर्माना 1000/-
नो पार्किंग में पार्किंग करना... जुर्माना 3000/-
मोटरसाइकिल का बीमा नही ... जुर्माना 1000/-
शराब पी कर वाहन चलाना... जुर्माना 10000/-
नो एंट्री में वाहन चलाना... जुर्माना 5000/-
मोबाईल फोन पे बात करना... जुर्माना 2000/-
प्रदूषण सर्टिफिकेट नहीं... जुर्माना 1100/-
ट्रिपल सीट ड्राइविंग... जुर्माना 2000/-
1-खराब सिग्नल... कोई जिम्मेदार नहीं है!
2-सड़क पर गड्ढ़े... कोई जिम्मेदार नहीं है!
3-अतिक्रमित फुटपाथ... कोई जिम्मेदार नहीं है!
4-सड़क पर रोशनी नहीं... कोई जिम्मेदार नहीं है!
5-सड़क पर कचरा बह रहा है...कोई जिम्मेदार नहीं है!
6-सड़कों पर लाइट के खंभे नहीं... कोई जिम्मेदार नहीं है!
7-सड़क के मेनहोल में गिर के मर जाये...कोई ज़िम्मेदार नहीं!
8-महीनों से खुदी सड़क ... कोई जिम्मेदार नहीं है!
9-गड्ढों में गिर कर आप गिरो चोटिल हो जाएँ... कोई जिम्मेदार नही है!
10-आवारा गायें जानवर टकरा जाए कुत्ता काट ले... कोई जिम्मेदार नहीं!
11-सड़कों में उफनाते नाले... कोई जिम्मेदार नहीं!
ऐसा लगता है कि जनता ही एकमात्र अपराधी है और जुर्माना देने के लिए उत्तरदायी है। प्रशासन, निगम और सरकार कोई जिम्मेदार नहीं है। उनके लिए कोई नियम लागू नहीं होते हैं। वे किसी भी चूक के लिए कभी ज़िम्मेदार नहीं हैं।
क्या उन्हें दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए ????
नागरिक केवल काम करेंगे... दर्द का सामना करेंगे... टैक्स चुकाना होगा... जुर्माने का भुगतान करेगा... सरकार की जेब भरें... और उन्हें फिर से सत्ता में आने के लिए वोट दें !