जो बातें वैज्ञानिक नहीं है उनका प्रचार और प्रसार भी बंद होना चाहिए। बंदरों का हवा में उड़ना, बच्चे द्वारा सुरज को निगलना, मनुष्य के धड़ पर जनावर के सिर लगाने वाली अवैज्ञानिक बातें सत्य घटनाओं के रूप में प्रचारित करने वालों को अपराधी घोषित किया जाना चाहिए।
व्यक्ति की उन्नति से समाज की उन्नति हुई होती तो आज अनुसूचित जाति के सभी लोगों को वो स्वयं राष्ट्रपति होने की अनुभूति होती।
कोई दलित मुख्यमंत्री बनता है तो पुरे समुदाय के अंदर मुख्यमंत्री का भाव निर्माण हो जाता।
लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है।
कहीं तो कुछ कमी है।
#छोड_दो_आरक्षण
जब तक तुम वर्ण-व्यवस्था में अन्तर्भूत हो तब तक दुनिया कोई ताकत तुम्हें सम्माननीय व्यक्ति नहीं बना सकता है। उलटे आप संवैधानिक पदों की मर्यादा भी तबाह कर दोगे।
सन्मानित बनना है तो छोड़ दो वर्ण-व्यवस्था।
#छोड_दो_आरक्षण
बहुजन समाजवादी लोगों को लगता है कि आरक्षण से उन्हें बहुत कुछ प्राप्त हुआ है। सत्य तो यह है कि उन्हें उनके पास जो मताधिकार है उसके लिए पुछा जाता है।
आज वो संवैधानिक अधिकारों का उपयोग आरक्षण से नहीं बल्कि मताधिकार के कारण प्राप्त कर रहे हैं।
#आरक्षण_छोड_दो
बहुजन समाजवादी लोगों को सच में बहुजन समाज का निर्माण करना होता तो राजनीतिक समाज से आगे निकलकर मायनोरिटी धर्म में शामिल होकर वह मुगलों की तरह सदा सदा के लिए शासक बन जाते।
#छोड_दो_आरक्षण
शिक्षा और नौकरी में आरक्षण के कारण लाभान्वित लोगों के खान-पान और रहन-सहन में उन्नति हुई है। क्या इससे समाज उन्नत हो गया? गांव में कोई अनुसूचित जाति का आदमी नौकरी पर लगा इसलिए उस गांव के सभी अनुसूचित जाति के लोगों को सम्मान प्राप्त होता है?
#छोड_दो_आरक्षण
जो एससी एसटी और ओबीसी आरक्षण के दायरे में नहीं आते हैं उन सभी लोगों को इनकम टैक्स से छूट मिलनी चाहिए। अच्छा नहीं लगता है कि, घरवाले इनकम टैक्स भर रहे हैं और बच्चे गरीबी के नाम पर आरक्षण लेते हैं।
#EWS_आरक्षण_मुजोरी_है_या_मंदबुद्धी
राष्ट्र को बचाने हेतु बाबासाहेब का नाम लेकर मिशन चलाने वाले लोगों को जाति-व्यवस्था से अर्थात आरक्षण व्यवस्था से बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किया, मात्र कामयाबी मिली नहीं।
अब मिशन का दुसरा पार्ट शुरू करने का समय है। सनातनी भाईयों से राष्ट्र बचाने हेतु सहयोग की अपील है।
फेसबुक की तरह मुझे ट्विटर में भी लिखना बोलना आज से बंद करना पड़ेगा।
दोस्तों आप लोगों के साथ स्पेस में जितना भी समय बिताया वह बहुमूल्य है।
जब मेरे मौलिक अधिकार फिर से बहाल हो जायेंगे आप लोगों से मुलाकात होगी।
जय भीम।
संविधान दिनाच्या सर्वांना हार्दिक शुभेच्छा.
संविधानावर पुर्णतः विसंबून राहू नका. संविधान स्वतःहून तुमचे संरक्षण करणार नाही कारण ते संचालकांच्या ताब्यात गेले आहे. तुम्ही जर संविधानाच्या रक्षणासाठी उभे झालात तरच संविधान तुमचे रक्षण करणार आहे.
#संविधान_दिवस#संविधान_जिंदाबाद
जातिगत जनगणना का सीधा अर्थ है कि भारत यह केवल हिंदूओं का राष्ट्र है।
हिंदूओं में कितनी जातियां हैं और उनकी कितनी संख्या है यह भारत के लोग जानकर करेंगे क्या?
इससे हिन्दू धर्म के प्रति जनता में हिन भावना पैदा हो सकती है।
हिंदूओं ने स्वयं अपनी जाति-व्यवस्था को ठीक ठाक करना चाहिए।
कांशीरामवाद क्या है? कांशीरामवाद का मतलब वह राजनीतिक समाज जिसमें एससी एसटी ओबीसी और मायनोरीटी के मतदाता शामिल हैं। राजनीतिक बहुजन समाज की संकल्पना अब आगे बढ़कर सर्वजन समाजवादी बन गई है। इसलिए मैं कहता हूं कि कांशीरामवाद राजनीति में असफल हो चुका है। अब मायावतीवाद की शुरुआत हुई है।
आप के कथन से ऐसा लगता है कि, बहुसंख्यक लोग अपने मताधिकार का सौदा करते हैं अथवा उन्हें मताधिकार का इस्तेमाल नहीं आता है।
भारत में एससी और एसटी समुदाय के लोग सैकड़ों की तादाद में एमपी और एमएलए है। एससी और एसटी भी अल्पसंख्यक हैं?
बौद्ध धर्म में १९९० में छुआ-छूत जैसी हिन्दू धर्म में होने वाली बीमारी पैदा हो गई थी क्या, जिससे बौद्ध धर्म का आचरण करने वाले लोगों के लिए भी हिन्दू धर्म की तर्ज पर एससी वर्ग को मिलने वाला आरक्षण दिया गया?
@The_Mooknayak@AnjaliAmbedkar9@RamdasAthawale
भारत ने धर्म चक्र अपनाकर बुद्ध को अपनाया है, यह बात तो रामराज्य की स्थापना चाहने वाले भी मानने लगे हैं। और उन्हें मौर्य काल के स्वर्ण युग का भी पता चल चुका है।
राष्ट्र में ज्ञान वर्धन की लहर उठ चुकी है।
इसे कहते हैं हिम्मत! बाबासाहब का फोटो लगाकर, बाबासाहब के खिलाफ बोला जा रहा है।
इसलिए मैं कहता हूं कि, यदि आप बाबासाहब के अनुयायि है तो कभी भी प्रोफाइल फोटो बाबासाहब की न रखें, कव्हर फोटो में वह आप रखें।
नालायक लोगों को रोकने के लिए यह जरूरी है।