सभी प्राइवेट इंजिनियरिंग कॉलेजों के शिक्षकों और कर्मचारियों की संख्या एवं उनको किए गए वेतन भुगतान की एवं इनके अकाउंट्स की जांच होनी चाहिए। ये कॉलेज फीस तो पूरी ले चुके हैं पर कर्मचारियों को वेतन नही दे रहे हैं। करोना महामारी के बावजूद मुनाफाखोरी हो रही है।
@narendramodi@DrRPNishank MP के सभी प्राइवेट तकनीकी संस्थान द्वारा @AICTE_INDIA के वेब पोर्टल में फर्जी शिक्षकों की जानकारी दी जा रही है और इनको पकड़ने की कोई टेक्नोलॉजी @ms_aicte@adsahasrabudhe के पास नहीं है और इसी का फायदा उठाकर फर्जीवाड़ा हो रहा है।
सभी प्राइवेट इंजिनियरिंग कॉलेजों के शिक्षकों और कर्मचारियों की संख्या एवं उनको किए गए वेतन भुगतान की एवं इनके अकाउंट्स की जांच होनी चाहिए। ये कॉलेज फीस तो पूरी ले चुके हैं पर कर्मचारियों को वेतन नही दे रहे हैं। करोना महामारी के बावजूद मुनाफाखोरी हो रही है।
@narendramodi@DrRPNishank ध्यान दें कि @ms_aicte ने प्राइवेट इंजी. कॉलेजों को ये नोटिस तो जारी कर दिया लेकिन ये सुनिश्चित करने की कोशिश नही की कि शिक्षकों को पूरा वेतन मिल रहा है या नहीं? कितने लोगों को नौकरी से निकाल कर बेरोजगार किया गया है? इन सब कॉलेजों की जांच होनी चाहिए।
@narendramodi@DrRPNishank@santoshgangwar प्राइवेट इंजी. कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर की न्यूनतम सैलरी @AICTE_INDIA के अनुसार 15600/- बेसिक और 6000/- एकेडमिक ग्रेड पे है।म.प्र.और छत्तीसगढ़ में मात्र 8000/- से 15000/- में काम करवाया जाता है। क्या #NEP2020 इसे रोक पाएगी?