राजनीतिक प्रचार हो, बिज़नेस प्रमोशन या मूवी मार्केटिंग
अब एक ही जगह मिलेगा पूरा सोशल मीडिया प्रमोशन!
✅ Powerful Tweets
✅ Organic Retweets
✅ टारगेटेड कमेन्ट्स
✅ पॉलिटिकल | बिज़नेस | मूवी — सब शामिल
🎯 भरोसेमंद नेटवर्क | High Reach | Fast Delivery
जनपद #बिजनौर के आकू-नेहटौर में लल्लावाला–फूलसंदा सड़क की हालत देखिए।
बारिश होते ही सड़क जगह-जगह जलभराव से तालाब बन जाती है। इसी बीच बिजली का खंभा टूटने से एक पेड़ सड़क पर गिर गया, जिससे रास्ता पूरी तरह बंद हो गया।
गांव वालों की हालत—आसमान से गिरे, खजूर में अटके!
पहले पानी से जूझें या अब पेड़ हटाकर रास्ता बनाएं?
साहब, दावे बहुत हुए, अब धरातल पर विकास दिखाइए। संबंधित विभाग रास्ता खुलवाने और सड़क की समस्या दूर करने का संज्ञान ले।
@UPPCL@dmbijnor@bijnorpolice@pvvnlbijnor #Nehtaur #Aaku #Phulsanda #जनसमस्या #ग्रामीण_विकास
गोद में मासूम, पेट में बच्चा… और माँ के पास न दूध है, न रोटी। 💔
बच्चा भूख से रोता है तो माँ उसे सीने से लगा लेती है,
लेकिन जब माँ की छाती में भी दूध न बचे, तो वह बच्चे को क्या दे—अपना आँचल या अपने आँसू?
भूख की इससे बड़ी त्रासदी क्��ा होगी—माँ की गोद भरी है, मगर बच्चे का पेट खाली। 😢
1909 की ईंटों से बनी मस्जिद, दस्तावेज़ मौजूद, सबूत मौजूद—और हमज़ा मसूद कहते रहे, एक-एक ईंट गवाही दे रही है कि यहाँ मस्जिद थी!
मगर साहब, यहाँ ईंटों को बोलने की इजाज़त कहाँ है? जब फैसला पहले तय हो और इतिहास बाद में लिखा जाए, तो सबूत सिर्फ़ फाइलों का बोझ बन जाते हैं।
आख़िर ईंटों की गवाही कितनी भी पुरानी हो, हार तो उसे उस शोर से ही जाना था—जिसने पहले फैसला किया, फिर उसके लिए इतिहास तलाश लिया।
वाह रे कानून!
जिसे खुद शान से बताना हो कि उसने एक प्रदर्शनकारी के पिता को इतना पीटा कि 60 टांके लगे और मौत के कगार पर पहुंच गए, वह जेल जाने के बजाय रातभर बेख़ौफ़ घूमे—क्योंकि कथित तौर पर एक फोन ऊपर से आ गया!
फिर सीना चौड़ा करके बताए कि कपिल मिश्रा, चिराग पासवान से लेकर मोदी जी तक “बड़े भाई” हैं।
लगता है नए भारत में कानून की किताब से पहले पूछा जाता है—
“तुम्हारा बड़ा भाई कौन है?”
आम आदमी का भाई कोई नहीं, रसूखदार का भाई पूरा सिस्टम!
#फुलसंदा PNB में किसानों का हंगामा अभी जारी है!
अपने ही स���विंग अकाउंट का पैसा निकालने और सब्सिडी विवाद में किसान परेशान हैं।
वाह रे व्यवस्था! अन्नदाता को अपना ही पैसा लेने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
#किसान #PNB #Phulsanda @bijnorpolice @pnbindia @RBI @UPGovt @UPPolice
#किसान #PNB #Phulsanda
🚨 चित्रकूट में मंदाकिनी नदी ने 2003 का रिकॉर्ड तोड़ दि��ा। भारी बारिश और डैम टूटने के बाद हालात भयावह बताए जा रहे हैं, रामघाट क्षेत्र में भी भारी नुकसान की खबर है।
हर आपदा के बाद सरकार की समीक्षा बैठकें और हवाई दौरे शुरू हो जाते हैं, मगर सवाल है—आपदा से पहले तैयारी कब होगी?
चित्रकूट के लोगों की सलामती की दुआ। 🙏
#Chitrakoot #Flood
दिल्ली में कथित दवा घोटाले का गणित देखिए—
₹400 करोड़ का बिल, खरीद सिर्फ ₹100 करोड़ की दवा और मरीजों ��ी दवा पहुंच गई खुले बाजार में!
बाकी ₹300 करोड़ का हिसाब शायद उसी “डबल इंजन पारदर्शिता” से पूछा जाएगा, जिसमें सवाल पूछना देशद्रोह और जवाब देना वैकल्पिक होता है।
वाह! इलाज कम, खेल बड़ा। #Delhi #DrugScam #BJP
देख लो भाई, स्पेन और गोरखपुर का डेवलपमेंट! 😄
स्पेन की सड़कों पर पानी भरा हुआ है और इधर गोरखपुर एकदम फ्रेश-फ्रेश दिख रहा है।
अब भी अगर किसी को विकास दिखाई नहीं दे रहा, तो साफ़ है कि समस्या शहर में नहीं, देखने वालों की आंखों में है! 😂
बस एक छोटा सा सवाल—
बारिश, बाढ़ और जलभराव को छोड़कर कैमरे के एंग�� से विकास मापने की नई टेक्नोलॉजी किसने बनाई है? 🤔
#AbhinandanHarishji #OBCविरोधीभाजपापूर्वांचलमोर्चा #CHEBHA
संत रामपाल की आलीशान जिंदगी और कारनामों की कहानी भी गजब है!
एक तरफ सादगी, त्याग औ�� आध्यात्मिकता के बड़े-बड़े प्रवचन…
दूसरी तरफ आलीशान व्यवस्थाएं और करोड़ों की संपत्ति को लेकर उठते सवाल। 🤔
और सबसे बड़ा सवाल—
जब बाबा कहते हैं कि मोह-माया छोड़ो, तो फिर भक्तों से जुड़ी व्यवस्था में इतनी चमक-दमक क्यों?
आस्था आपकी अपनी है, लेकिन आस्था के नाम पर सवाल पूछना कोई अपराध नहीं।
��ाबा हों या कोई भी धर्मगुरु—
भक्ति आंख बंद करके नहीं, आंख खोलकर होनी चाहिए।
#SantRampal #RampalJi #धर्म #आस्था #सवाल
प्रयागराज की ये सड़क देखकर समझ आया कि भाजपा सरकार का विकास ज़मीन पर नहीं… सीधे चाँद पर पहुंच चुका है! 🌕🚀
संगम जाने वाली सड़क पर इतने शानदार गड्ढे हैं कि लगता है महाकुंभ के बाद सरकार ने श्रद्धालुओं को मुफ्त Moon Surface Experience देने का फैसला कर लिया हो।
और जब सवाल करो तो जवाब आता है—
हमने कहा था नहीं खाएंगे
बिल्कुल सही!
खाने का वादा था, हज़म करने और डकारने का थोड़ी! जिस शहर को स्मार्ट सिटी का मॉडल बताया गया, उसकी मुख्य सड़कें ही अगर सरकार के विकास मॉडल की पोल खोल रही हैं, तो गलियों और गांवों का हाल पूछना शायद राष्ट्रविरोधी सवाल माना जाएगा।
बाकी मीडिया स्टूडियो में बैठकर विकास खोज रहा है
और कुछ पत्रकार कैमरा लेकर सड़क पर निकल पड़े हैं। सच यही है—कभी-कभी एक गड्ढा हजार सरकारी विज्ञापनों पर भारी पड़ जाता है।
🚨 NDA में भी अब आरक्षण और जातिगत भेदभाव पर बोलने की मजबूरी दिखने लगी है!
चिराग पासवान ने जिस कड़वे सच की तरफ इशारा किया है, वह बताता है कि दलित समाज के सम्मान और आरक्षण का मुद्दा सिर्फ राजनीतिक बहस नहीं, बल्कि जमीन की हकीकत है।
कटाक्ष देखिए—
जब तक मुद्दा चुनावी मंच तक स��मित था, तब तक सब “सबका साथ, सबका विकास” था…
लेकिन जैसे ही सामाजिक बराबरी और आरक्षण पर सवाल उठा, तो याद आ गया कि देश की बड़ी आबादी सड़क पर आ सकती है!
और अब असली डर शायद विरोध का नहीं, बल्कि उस सवाल का है जिसे राहुल गांधी लगातार उठा रहे हैं—
अगर सब बराबर हैं, तो आज भी किसी के जाने के बाद जगह “शुद्ध” क्यों कराई जाती है?
राजनीति में डर बड़ा अजीब है—
जनता के सवालों से नहीं, जनता के जाग जाने से लगता है!
#RahulGandhi #MallikarjunKharge #Reservation #SocialJustice #NDA
नेपाल में तिब्बत सीमा की तरफ से आई बाढ़ ने तबाही का ऐसा मंजर दिखाया है कि सोशल मीडिया पर द��ल दहला देने वाले वीडियो सामने आ रहे हैं।
आज वीडियो देखकर हम दुखी हैं, 10-15 दिन बाद शायद अगली खबर में व्यस्त हो जाएंगे… लेकिन जिन्होंने अपने अपनों को खोया है, उनके लिए यह तबाही पूरी जिंदगी का दर्द बन गई है।
प्रकृति की मार के आगे इंसान बेबस है, मगर हमारी संवेदनाएं सिर्फ ट्रेंडिंग वीडियो तक सीमित नहीं होनी चाहिए।
ईश्वर दिवंगतों को शांति और उनके परिवारों को यह दुख सहने की शक्ति दे। 🙏
नेपाल–तिब्बत में कुदरत का ���हर… और इंसान फिर भी सबक लेने को तैयार नहीं!
सैलाब ऐसा आया कि सड़कें, पुल, घर और सपने—सब बह गए।
सैकड़ों जिंदगियां खत्म, हजारों लोग लापता बताए जा रहे हैं। 💔
हम हर आपदा के बाद कहते हैं—
“प्रकृति के साथ खिलवाड़ मत करो।
फिर कुछ दिन बाद वही जंगल कटेंगे, वही पहाड़ खोदे जाएंगे, वही नदियों के रास्ते रो��े जाएंगे…
और अगली तबाही आने पर फिर कहेंगे कुदरत का कहर था कुदरत बदला नहीं लेती, बस हमारे किए का हिसाब कभी-कभी बहुत बेरहमी से दिखा देती है। नेपाल और तिब्बत के प्रभावित लोगों के लिए दुआ।
#NepalFloods #Nepal #Rasuwa #Tibet #FlashFloods #GLOF #ClimateChange #NepalTibetBorder #BhoteKoshiRiver #Disaster
कीचड़ में ‘बेटी बचाओ’?
दिल्ली में प्रधानमंत्री जी की नाक के नीचे एक गर्ल्स स्कूल के बाहर सड़क कीचड़ में तब्दील है। हालत ये है कि जिन बेटियों को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल में स्कूल पहुँचना चाहिए, उन्हें अपने रास्ते के लिए खुद आवाज़ उठानी पड़ रही है।
नारे बड़े-बड़े, लेकिन सड़क इतनी छोटी कि बेटियों के कदम कीचड़ में फँस जाएँ!
प्रधानमंत्री जी, ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के पोस्टर लगाने से बेटियों की मुश्किलें दूर नहीं होंगी।
पहले स्कूल तक सुरक्षित सड़क और बुनियादी सुविधाएँ तो दीजिए।
#BetiBachaoBetiPadhao #Delhi #Education #BJP
गरीब की बेटी की शादी है, मदद चाहिए—तो जाति-धर्म की दीवार क्यों?
��ल्पसंख्यक पिछड़े वर्ग को ₹20,000 के शादी अनुदान से बाहर रखने का आख़िर कौन-सा इंसाफ़ है?
सवाल करेंगे, जवाब लेना हमारा हक़ है।
₹20,000 शादी अनुदान योजना में अल्पसंख्यक पिछड़े वर्ग को बाहर रखा गया है।
सवाल सीधा है—गरीबी में धर्म क्यों देखा जा रहा है? आखिर अल्पसंख्यक पिछड़ों का कसूर क्या है?
@CdoBijnor@dmbijnor@UPGovt
लखनऊ में Gen Alpha छात्रों का सड़क पर उतरना चेतावनी है। शिक्षकों की कमी जैसी बुनियादी समस्या भी अगर सरकार नहीं सुलझाएगी, तो छात्र खुद सड़क पर उतरेंगे।
व्यवस्था सुधारिए, वरना अगली पीढ़ी सुधारने पर मजबूर होगी।
📍 बसमतिया शेख टोला, वार्ड नंबर 01, बिहार
वाह रे विकास! 🥴
मध्य विद्यालय तो बनवा दिया गया, लेकिन बच्चों के स्कूल तक पहुँचने के लिए सड़क बनाना शायद विकास के एजेंडे में छूट गया। हाथों में किताबें हैं, पैरों में चप्पलें हैं और रास्ते में कीचड़ का समंदर…
बच्चे पढ़ने स्कूल जाएँ या पहले कीचड़ पार करने की ट्रेनिंग लें? 🤦♂️
सम्राट चौधरी जी,
स्कूल की बिल्डिंग दिखाकर विकास का ढोल पीटना आसान है, लेकिन बच्चों को सुरक्षित रास्ता देना भी सरकार की जिम्मेदारी है।अगर यही है बिहार का विकास मॉडल, तो फिर सवाल बनता है—
स्कूल बना दिया, अब बच्चों को स्कूल तक पहुँचाएगा कौन?
#Bihar #Education #Development #SamratChoudhary