आज दिनांक 6/08/2026 गुरुवार के दिन करिये माँ के रात्री आरती का दिव्य दर्शन
डाल पात जड़ चेतन वासा
सर्वगुण माँ विंध्यवासिनी तत्व निवासा🙏
जय माँ विंध्यवासिनी
सेवक अटल त्रिपाठी
06386046245
यूपी में वर्टिकल व्यवस्था और शीर्ष प्रबंधन की मनमानी से प्रदेश की बिजली व्यवस्था ध्वस्त — जनता त्राहि-त्राहि कर रही है-शैलेन्द्र दुबे #noidakhabar@vinodsharmanbt
विस्तृत समाचार 👇🏻
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हक मांगा तो कुत्ता बना दिया!!
कर्मचारियों का आरोप है प्रदर्शन की जगह पर डॉग फीडिंग का बोर्ड लगाया गया, आरोप कि अंग्रेजों ने जिस तरह से भा.... और कुत्तों के प्रवेश पर प्रतिबंध की बात लिखकर पूरे देश का अपमान किया था, वो ही आज भी हो रहा है!
@ZeeNews
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We strongly oppose the proposed JV b/w LPDD & RECPDCL. UT Admin is requested to 1st resolve:
• 400+ vacant posts pending due to stalled promotions
• Regn. of Engineers working on I/C positions from decades.
•Regn. of 300+PDL/TDL workers.@lg_ladakh@ashishkundra@Haneefa_Jan
Gratitude to the @AipefIndia for their support and solidarity.
This attempt is a direct attack to weaken the federal structure and risks opening the door to the exploitation of our resources—something we firmly oppose and will not accept.
A joint representation by the Apex Body Leh and the Kargil Democratic Alliance has already been submitted to the Hon’ble @lg_ladakh .
@LadakhPower
आज के ही दिन 09 अप्रैल 2025 को लखनऊ की धरती ने इतिहास रचा।
बिजली के निजीकरण के खिलाफ उत्तर प्रदेश के हजारों बिजली कर्मियों की वह विशाल रैली केवल एक प्रदर्शन नहीं थी,बल्कि यह संघर्ष,एकता और आत्मसम्मान की गूंज थी।
@narendramodi@myogiadityanath@aksharmaBharat@mlkhattar@UPPCLLKO
निर्दोष मुख्य अभियंता इं• पंकज अग्रवाल जी का निलंबन बिल्कुल गलत एवं अन्यायपूर्ण है।
ऊर्जा प्रबंधन अपनी नीतियों और आरएमएस सहित तकनीकी सिस्टम की विफलता का ठीकरा ईमानदार और मेहनती अभियंताओं को निलंबित कर उनपर फोड़ रहा है,जो की कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
@myogiadityanath@UPPCLLKO
@UPPCLLKO की बैठक में चेयरमैन द्वारा टीजी–2 कर्मचारियों के संबंध में“दलाल”जैसी टिप्पणी आपत्तिजनक एवं निंदनीय है । टीजी 2 कर्मचारियों के सम्मान व मनोबल पर यह सीधा आघात है
संघ तत्काल सार्वजनिक खेद एवं सम्मानजनक स्पष्टीकरण की मांग करता है
@myogioffice@aksharmaBharat@ANI@RVPPKSUP
292 JEs have been recruited in JKPTCL,JPDCL,KPDCL &JKPCL.LPDD continues to face acute shortage of Engineers despite 10x infra growth since 2016,resulting in severe operational stress.Sincere request to place LPDD on the same pedestal.@lg_ladakh@ashishkundra@Ladakh_Power
बिजली के निजीकरण, इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 एवं प्रस्तावित नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 के विरोध में आज राजधानी लखनऊ के शक्ति भवन पर हुआ जोरदार विरोध प्रदर्शन।
व्यापक जनहित में इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल व प्रस्तावित नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 को वापस लिया जाये।
विद्युत अभियंता संघ ने मनाया अभियंता एकात्म दिवस : प्रदेश भर के अभियन्ताओं ने नेताजी की जन्म जयंती पर अर्पित किए श्रद्धा सुमन : ऊर्जा निगमों को आत्मनिर्भर बनाने एवं बेहतर प्रबंधन हेतु सभी ऊर्जा निगमों का एकीकरण किया जाये :प्रबन्धन स्तर पर विशेषज्ञ विद्युत अभियंताओं को तैनात किये जाने की मांग : आन्दोलन के दौरान की गयी समस्त कार्यवाहियों को अतिशीघ्र समाप्त किये जाने की मांग :
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ द्वारा आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 130 वीं जयंती एवं विद्युत अभियंताओं के 1973 के ऐतिहासिक संघर्ष की स्मृति में ‘अभियन्ता एकात्म दिवस’ मनाया गया। इस अवसर पर लखनऊ में नेताजी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए वर्ष 1973 के ऐतिहासिक संघर्ष को याद किया गया।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे ने ऊर्जा निगमों में प्रबन्धन स्तर पर विशेषज्ञ विद्युत अभियन्ताओं की तैनाती किये जाने तथा सभी ऊर्जा निगमों का एकीकरण किये जाने की मांग की। उन्होंने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का निर्णय वापस लेने की मांग की। साथ ही निजीकरण के विरोध में चल रहे आन्दोलन के दौरान की गयी समस्त उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों को समाप्त किये जाने की मांग की।
शैलेंद्र दुबे ने सभा को सम्बोधित करते हुए बताया कि 53 वर्ष पूर्व 1973 में अभियन्ताओं के संघर्ष के परिणामस्वरूप आज ही के दिन तत्कालीन मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की विधानसभा में यह घोषणा की थी कि विद्युत परिषद का चेयरमैन एक बिजली इंजीनियर होगा। व्यवस्था में इस रचनात्मक परिवर्तन के बाद उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद देश में अग्रणी संस्था बनी और एक बिजली इंजीनियर के चेयरमैन रहते हुए उत्तर प्रदेश के विद्युत अभियंताओं की धाक देशभर में मानी जाती थी। यूपीएसईबी के चेयरमैन और प्रमुख सचिव ऊर्जा के पद पर 1973 में अभियन्ताओं की तैनाती के बाद सिंचाई विभाग के विभागाध्यक्ष को भी प्रमुख सचिव सिंचाई का दायित्व दिया गया था। परिणामस्वरूप 70 का दशक अभियन्त्रण सेवाओं का स्वर्णिम काल साबित हुआ। उत्तर प्रदेश देश मे सबसे पहले 100 मेगावाट,200 मेगावाट की उत्पादन इकाइयां तथा 400 केवी एवं 765 केवी पारेषण लाइनों , उपकेन्दों एवं छिबरो में भूगर्भ जल विद्युत गृह निर्माण करने वाला प्रान्त बना। अभियन्त्रण और विकास में उत्तर प्रदेश पूरे देश का अग्रणी प्रान्त बन गया था। एन टी पी सी, एन एच पी सी, पॉवर ग्रिड कारपोरेशन की स्थापना में उप्र के बिजली इंजीनियरों की प्रमुख भूमिका रही है। केन्द्र सरकार के सभी अभियन्त्रण निगमों में प्रबंधन आज भी अभियन्ताओं के पास है। इसी के चलते ये उपक्रम सफलतापूर्वक नए कीर्तिमान बना रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान में समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है कि विशेषज्ञ सेवाओं को पुनः स्थापित किया जाए और उत्तर प्रदेश में बिजली निगमों का प्रबंधन योग्य विशेषज्ञ विद्युत अभियंताओं को सौंपा जाए। उन्होंने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सपनों का भारत निर्माण करने में हम अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा से पालन कर सके, नेताजी के प्रति यही हमारी सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होगी।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ के महासचिव जितेन्द्र सिंह गुर्जर ने अपनी एकता बनाये रखने, आत्मनिर्भर ऊर्जा निगम बनाने, विद्युत व्यवस्था में सुधार व बेहतर उपभोक्ता सेवा प्रदान करने के लिए सभी तकनीकी विकल्पों पर विचार कर अमल किये जाने का सुझाव दिया। केन्द्रीय पदाधिकारियों समेत अन्य सदस्यों ने नेता जी को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उनके जीवन, उनके आदर्शों एवं संघर्ष करने के विचार साझा किए।
#stop_privatization_of_uppcl
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