लोकतंत्र में जनता बड़ी होती हैं...लोगों द्वारा चुनी हुई सरकार को काम न करने देना...लोकतंत्र की हत्या है...आज कैबिनेट की बैठक में 27 सितंबर को सत्र बुलाने का फैसला लिया गया... नदियों को रोका नहीं जा सकता, वो अपने रास्ते खुद बनाती हैं...
इंकलाब जिंदाबाद!