बदायूं में डॉक्टर के साथ हुए दुर्व्यवहार और अमानवीय तरीक़े से की गयी मारपीट से केवल उप्र ही नहीं पूरे देश के डॉक्टर आक्रोशित हैं।
उप्र के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री-स्वास्थ्य मंत्री इस मामले में संलिप्त लोगों की AI से पहचान करवाकर आरोपियों पर तुरंत प्राणघातक हमला करने का मुक़दमा दर्ज़ करें। यदि कार्रवाई नहीं हुई और डॉक्टर समुदाय आंदोलित हो गये तो बीमारियों के इस मौसम में प्रदेश की पहले से लचर स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह चरमरा जाएगी, जिसका ख़ामियाज़ा बीमार लोगों को भुगतना पड़ेगा और राजनीतिक रूप से आख़िर में सरकार को भी।
दिल्ली में CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 'जंतर-मंतर' के दूसरे सीजन को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। उन्होंने बताया कि कई लोग इंस्टाग्राम पर पूछ रहे थे कि इसका दूसरा सीजन कब शुरू होगा। अभिजीत दीपके ने कहा कि सीजन 2 बहुत जल्द शुरू होने वाला है। उनके इस बयान के बाद समर्थकों में नए सीजन को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।
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समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव रामपुर पहुंचे. यहां सपा कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया. शिवपाल यादव ने जिला कारागार पहुंचकर पूर्व मंत्री आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम से मुलाकात की. कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शिवपाल यादव ने कहा कि सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को जिताना है और उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बनानी है. अगर समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को गृहमंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी दी जाएगी.
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अमित शाह Vs खरगे
राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026- गृह मंत्री अमित शाह के नाम से लाया जा रहा है, जो लगातार सदन से गायब हैं।
आप उन्हें तुरंत सदन में बुलवाइए - @kharge
फर्क देखना है तो शिक्षा मंत्री की साइकिल देखिए…
और सरस्वती साइकिल योजना में बेटियों को मिली साइकिल देखिए।
मंत्री जी, असली टेस्ट तो सरस्वती वाली चलाने में है। सरस्वती वाली पर बैठिए, भाजपा सरकार की असलियत खुद समझ आ जाएगी!
🇺🇸 इल्हान उमर की शानदार जीत!
अमेरिका की प्रसिद्ध मुस्लिम सांसद Ilhan Omar ने मिनेसोटा के 5वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट में डेमोक्रेटिक प्राइमरी में 80% से अधिक वोट हासिल कर एकतरफा जीत दर्ज की है।
इस जीत की सबसे खास बात यह है कि AIPAC जैसे प्रभावशाली pro-Israel लॉबी समूह के समर्थन के बिना भी इल्हान उमर ने भारी बहुमत से अपनी पकड़ मजबूत की।
यह सिर्फ एक चुनावी जीत नहीं, बल्कि ग्रासरूट समर्थन और अपने राजनीतिक रुख पर कायम रहने की ताकत का बड़ा संदेश भी है।
इल्हान उमर की जीत ने एक बार फिर साबित किया—आवाज़ बुलंद हो तो जनता साथ खड़ी होती है।