@khanumarfa क्यों बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही हो। स्कूल ही एक ऐसा मंदिर है जहा पर न जात पात और नाही उच्च नीच का भेद भाव रखा जाता है।नेताओ के वजह से आज यहां भी शुरू होगा।इसलिए यहां पर यूनिफॉर्म दिया जाता था ताकि सारे बच्चे एक समान और एक ही वर्ग के दिखे
@chitraaum एक बार इस स्कूटी को हमारे शिवहर जिला(बिहार) से परदेशिया विलेज को जोड़ने वाले मेन रोड दुनिया के सबसे फेमस रोड पर चला कर देखें।उसका उल्लेख साझा करें लोगों के साथ।