Poverty in China is being exposed on a large scale. Many people are living in extremely difficult conditions. Metros and buses are overcrowded, litter can be seen in many areas, and some people are forced to live in tiny “pigeon-hole” apartments.
Communist China has shown only one side of the country to the world, but the reality for many citizens appears very different. Critics argue that the concentration of power has often come at the expense of ordinary people.
In my view, a democratic India 🇮🇳 is far better because it provides constitutional rights, individual liberties, freedom of expression, and various welfare schemes for the poor and underprivileged. While India faces its own challenges, its democratic framework allows people to voice concerns and seek accountability.
Looking at the hardships faced by many ordinary Chinese citizens, one cannot help but feel sympathy for those struggling to make ends meet. It raises important questions about the role of socialism and the extent of government support available to the poor and downtrodden
बांग्लादेश में मंदिरों पर हो रहे हमले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री की कड़ी प्रतिक्रिया।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा , ''भारत ऐसे हमलों को बर्दाश्त नहीं करेगा।''
₹1.20 लाख देकर बनाया ईसाई।
चर्च जाना बंद किया तो देने लगे धमकी।
अनुसूचित जाति की महिला बोली , "₹90 हजार लौटाया फिर भी माँग रहे चार गुना पैसा।"
मामला मध्यप्रदेश के दामोह का।
सत्येंद्र जैन पर तू-तू-मैं-मैं करने वाले कालाधान का मूल कारण और स्थाई समाधान नहीं बताते हैं
तिहाड़ में मालिश पर आरोप-प्रत्यारोप करने वाले पुलिस और जेल रिफार्म पर कभी नहीं बोलते हैं
हवाला पर नूरा-कुश्ती/बतोलेबाजी करने वाले ज्यूडिशियल रिफार्म की मांग कभी नहीं करते हैं
#जिहाद खत्म करना है तो:
पुलिस रिफार्म-ज्यूडिशियल रिफार्म करिए
विशेष स्कूल विशेष कानून विशेष दर्जा बंद करिए
समान शिक्षा समान नागरिक संहिता समान जनसंख्या संहिता समान धर्मस्थल संहिता लागू करिए
घुसपैठ घूसखोरी कालाधान हवाला धर्मांतरण और विदेशी चंदा नियंत्रण के लिए कठोर कानून बनाइए
2002 से @NDTV और रवीश कुमार की पत्रकारिता के केंद्र में नरेन्द्र मोदी ही हैं। मोदी गुजरात में थे तो रवीश बाबू के लिए गुजरात सरकार को गरियाना पत्रकारिता थी,अब मोदी दिल्ली में हैं तो केन्द्र सरकार को गरियाना ही उनके लिए पत्रकारिता है।
भले ही इसके लिए बार बार #FakeNews फैलानी पड़े।
अनपढ़ अपराधी तस्कर माफिया कालेकुबेर और हवालाबाज सांसद-विधायक बन रहे हैं फिर भी इलेक्शन रिफार्म चुनावी मुद्दा नहीं है
5 करोड़ मुकदमों के कारण 5 करोड़ परिवार अर्थात 30 करोड़ भारतीय तनाव में हैं फिर भी पुलिस रिफार्म, ज्यूडिशियल रिफार्म, एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म चुनावी मुद्दा नहीं है
साइंस पत्रिका #नेचर ने प्रकाशित लेख में शोध कर बताया, #हड़प्पा_मोहनजोदड़ो_सभ्यता का समय 8000 से 9000 BC है। #भारत में तो इसे 2300 से 2500 BC पढ़ाया जा रहा है? इतिहास की पूरी साजिश ही #कालगणना पर टिकी है। सिमेटिक आस्था का अस्तित्व भी यही दूषित कालगणना है।
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कट्टर बेईमान CM का एक और घोटाला
• दिल्ली सरकार द्वारा कोरोना काल में आर्थिक मदद दिये जाने वाले 15000 लेबर का एक ही एड्रेस
• 2 लाख मजदूरों का फेक एड्रेस
• 65000 मज़दूरों का एक ही मोबाइल नंबर
₹5000 pm प्रति श्रमिक दिये जाने वाली राशि में से कितने ही करोड़ केजरीवाल की जेब में